BSA धारा 125: साक्षी का मौखिक रूप से संसूचित करने में असमर्थ होना

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 · अध्याय 9: साक्षियों के विषय में

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125. ऐसा कोई साक्षी, जो बोलने में असमर्थ है, ऐसी किसी अन्य रीति में, जिसमें वह उसे बोधगम्य बना सकता है जैसे कि लिखकर या संकेत चिहनों द्वारा, अपना साक्ष्य दे सकेगा; किंतु ऐसा लेखन और संकेत चिह्न खुले न्यायालय में लिखे और किए जाने चाहिए तथा इस प्रकार दिया गया साक्ष्य मौखिक साक्ष्य माना जाएगा :

परंतु यदि साक्षी मौखिक रूप से संसूचित करने में असमर्थ है तो न्यायालय कथन अभिलिखित करने में किसी दिवभाषिए या विशेष प्रबोधक की सहायता लेगा और ऐसे कथन की वीडियो फिल्‍म तैयार की जा सकेगी ।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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