BNSS धारा 254: अभियोजन के लिए साक्ष्य
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 19: सत्र न्यायालय के समक्ष परीक्षण
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254. (1) इस प्रकार निर्धारित तिथि पर, न्यायाधीश ऐसे सभी साक्ष्य लेने के लिए आगे बढ़ेगा जो अभियोजन के समर्थन में प्रस्तुत किए जा सकते हैं:
बशर्ते कि इस उपधारा के तहत किसी गवाह का साक्ष्य ऑडियो-वीडियो इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से रिकॉर्ड किया जा सकता है।
(2) किसी भी लोक सेवक के साक्ष्य का बयान ऑडियो-वीडियो इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से लिया जा सकता है।
(3) न्यायाधीश, अपने विवेक से, किसी भी गवाह की जिरह को तब तक स्थगित करने की अनुमति दे सकता है जब तक कि किसी अन्य गवाह या गवाहों की जांच नहीं हो जाती है या किसी गवाह को आगे की जिरह के लिए वापस बुला सकता है।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 248. मुकदमा लोक अभियोजक द्वारा चलाया जाएगा
- 249. अभियोजन के लिए मामला खोलना
- 250. डिस्चार्ज
- 251. आरोप तय करना
- 252. दोष स्वीकार करने पर दोषसिद्धि
- 253. अभियोजन साक्ष्य के लिए तारीख
- 255. दोषमुक्ति
- 256. बचाव में प्रवेश
- 257. तर्क
- 258. दोषमुक्ति या दोषसिद्धि का निर्णय
- 259. पिछली सजा
- 260. धारा 222 की उपधारा (2) के तहत शुरू किए गए मामलों में प्रक्रिया