BNSS धारा 209: भारत के बाहर किए गए अपराधों से संबंधित साक्ष्य की प्राप्ति
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 14: पूछताछ और परीक्षणों में आपराधिक अदालतों का क्षेत्राधिकार
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209. जब धारा 208 के प्रावधानों के तहत भारत के बाहर किसी क्षेत्र में कथित रूप से किए गए किसी अपराध की जांच की जा रही हो या उस पर मुकदमा चलाया जा रहा हो, तो केंद्र सरकार, यदि वह उचित समझे, निर्देश दे सकती है कि दिए गए बयानों या प्रदर्शित प्रदर्शनों की प्रतियां, दोनों में से किसी एक में प्रस्तुत की जाएं। किसी न्यायिक अधिकारी के समक्ष, उस क्षेत्र में या उसके लिए या उस क्षेत्र में या उसके लिए भारत के किसी राजनयिक या कांसुलर प्रतिनिधि के समक्ष भौतिक रूप में या इलेक्ट्रॉनिक रूप में, किसी भी मामले में ऐसी जांच या सुनवाई करने वाले न्यायालय द्वारा साक्ष्य के रूप में प्राप्त किया जाएगा। न्यायालय उन मामलों के साक्ष्य लेने के लिए एक आयोग जारी कर सकता है जिनसे ऐसे बयान या प्रदर्शन संबंधित हैं।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 197. पूछताछ और परीक्षण का सामान्य स्थान
- 198. पूछताछ या परीक्षण का स्थान
- 199. अपराध विचारणीय है जहां कार्य किया जाता है या परिणाम उत्पन्न होता है
- 200. परीक्षण का स्थान जहां कार्य अन्य अपराध के संबंध में अपराध है
- 201. कुछ अपराधों के मामले में परीक्षण का स्थान
- 202. इलेक्ट्रॉनिक संचार, पत्र आदि के माध्यम से किए गए अपराध
- 203. यात्रा या यात्रा के दौरान किया गया अपराध
- 204. एक साथ विचारणीय अपराधों के लिए सुनवाई का स्थान
- 205. विभिन्न सत्र प्रभागों में मामलों की सुनवाई का आदेश देने की शक्ति
- 206. संदेह की स्थिति में उच्च न्यायालय उस जिले का निर्णय करेगा जहां जांच या सुनवाई होगी
- 207. स्थानीय क्षेत्राधिकार से बाहर किए गए अपराध के लिए समन या वारंट जारी करने की शक्ति
- 208. भारत के बाहर किया गया अपराध