BNSS धारा 202: इलेक्ट्रॉनिक संचार, पत्र आदि के माध्यम से किए गए अपराध

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 14: पूछताछ और परीक्षणों में आपराधिक अदालतों का क्षेत्राधिकार

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202. (1) कोई भी अपराध जिसमें धोखाधड़ी शामिल है, यदि धोखाधड़ी इलेक्ट्रॉनिक संचार या पत्रों या दूरसंचार संदेशों के माध्यम से की जाती है, तो किसी भी न्यायालय द्वारा जांच या मुकदमा चलाया जा सकता है जिसके स्थानीय क्षेत्राधिकार के भीतर ऐसे इलेक्ट्रॉनिक संचार या पत्र या संदेश भेजे गए थे। या प्राप्त हुए थे; और धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति की डिलीवरी के लिए प्रेरित करने के किसी भी अपराध की जांच या मुकदमा उस न्यायालय द्वारा किया जा सकता है जिसके स्थानीय क्षेत्राधिकार के भीतर संपत्ति धोखे से दिए गए व्यक्ति द्वारा वितरित की गई थी या आरोपी व्यक्ति द्वारा प्राप्त की गई थी।
(2) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 82 के तहत दंडनीय किसी भी अपराध की जांच या मुकदमा उस न्यायालय द्वारा किया जा सकता है जिसके स्थानीय क्षेत्राधिकार के भीतर अपराध किया गया था या अपराधी अपने पति या पत्नी के साथ पहली शादी से रहता था, या पहली शादी से पत्नी ने अपराध के बाद स्थायी निवास ले लिया है।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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