BNSS धारा 106: कुछ संपत्ति जब्त करने की पुलिस अधिकारी की शक्ति

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 7: चीजों के उत्पादन को बाध्य करने वाली प्रक्रियाएं

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106. (1) कोई भी पुलिस अधिकारी किसी भी संपत्ति को जब्त कर सकता है जिस पर चोरी होने का आरोप या संदेह हो, या जो ऐसी परिस्थितियों में पाई जा सकती है जो किसी अपराध के होने का संदेह पैदा करती है।
(2) ऐसा पुलिस अधिकारी, यदि वह किसी पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी के अधीन है, तो जब्ती की रिपोर्ट तुरंत उस अधिकारी को देगा।
(3) उप-धारा (1) के तहत कार्य करने वाला प्रत्येक पुलिस अधिकारी तुरंत जब्ती की रिपोर्ट अधिकार क्षेत्र वाले मजिस्ट्रेट को देगा और जहां जब्त की गई संपत्ति ऐसी है कि इसे आसानी से अदालत में नहीं ले जाया जा सकता है, या जहां उचित आवास सुरक्षित करने में कठिनाई हो रही है ऐसी संपत्ति की हिरासत के लिए, या जहां संपत्ति को पुलिस हिरासत में रखना जांच के प्रयोजन के लिए आवश्यक नहीं माना जा सकता है, वह अदालत के समक्ष संपत्ति का उत्पादन करने के लिए बांड निष्पादित करने पर किसी भी व्यक्ति को उसकी हिरासत दे सकता है। जब भी आवश्यक हो और उसके निपटान के संबंध में न्यायालय के अगले आदेशों को प्रभावी बनाया जाए:
बशर्ते कि जहां उपधारा (1) के तहत जब्त की गई संपत्ति त्वरित और प्राकृतिक क्षय के अधीन है और यदि ऐसी संपत्ति के कब्जे का हकदार व्यक्ति अज्ञात या अनुपस्थित है और ऐसी संपत्ति का मूल्य पांच सौ रुपये से कम है, तो यह हो सकता है पुलिस अधीक्षक के आदेशों के तहत तुरंत नीलामी द्वारा बेचा जाएगा और धारा 503 और 504 के प्रावधान, जहां तक संभव हो, ऐसी बिक्री की शुद्ध आय पर लागू होंगे।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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