BNSS धारा 104: अधिकार क्षेत्र से परे खोज में पाई गई चीजों का निपटान
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 7: चीजों के उत्पादन को बाध्य करने वाली प्रक्रियाएं
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104. जब, किसी तलाशी-वारंट के निष्पादन में, उसे जारी करने वाले न्यायालय के स्थानीय क्षेत्राधिकार से परे किसी भी स्थान पर, जिन चीज़ों की खोज की जाती है, उनमें से कोई भी चीज़ पाई जाती है, ऐसी चीज़ें, उसी की सूची के साथ इसके बाद निहित प्रावधानों के तहत तैयार किया गया, वारंट जारी करने वाले न्यायालय के समक्ष तुरंत ले जाया जाएगा, जब तक कि ऐसा स्थान ऐसे न्यायालय की तुलना में उस क्षेत्राधिकार वाले मजिस्ट्रेट के करीब न हो, जिस स्थिति में सूची और चीजें तुरंत ऐसे मजिस्ट्रेट के समक्ष ले ली जाएंगी; और, जब तक कि इसके विपरीत कोई अच्छा कारण न हो, ऐसा मजिस्ट्रेट उन्हें ऐसे न्यायालय में ले जाने के लिए अधिकृत करने वाला आदेश देगा।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 94. दस्तावेज़ या अन्य चीज़ प्रस्तुत करने के लिए समन
- 95. पत्रों के संबंध में प्रक्रिया
- 96. सर्च-वारंट कब जारी किया जा सकता है
- 97. चोरी की संपत्ति, जाली दस्तावेज़ आदि होने के संदेह वाले स्थान की तलाशी
- 98. कुछ प्रकाशनों को जब्त घोषित करने और उसके लिए खोज-वारंट जारी करने की शक्ति
- 99. ज़ब्ती की घोषणा को रद्द करने के लिए उच्च न्यायालय में आवेदन
- 100. गलत तरीके से कैद किए गए व्यक्तियों की तलाश करें
- 101. अपहृत महिलाओं की खोज-वारंट की बहाली के लिए बाध्य करने की शक्ति
- 102. दिशा, आदि
- 103. तलाशी की अनुमति देने के लिए बंद जगह के प्रभारी व्यक्ति
- 105. ऑडियो-वीडियो इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से तलाशी और जब्ती की रिकॉर्डिंग
- 106. कुछ संपत्ति जब्त करने की पुलिस अधिकारी की शक्ति
- 107. संपत्ति की कुर्की, जब्ती या बहाली
- 108. मजिस्ट्रेट अपनी उपस्थिति में तलाशी का निर्देश दे सकता है
- 109. उत्पादित दस्तावेज़ आदि को जब्त करने की शक्ति
- 110. प्रक्रियाओं के संबंध में पारस्परिक व्यवस्था