NI Act धारा 9: “सम्यक्-अनुक्रम-धारक”

परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 · अध्याय 2: वचन-पत्रों, विनिमय-पत्रों और चेकों के विषय में

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9. “सम्यक्-अनुक्रम-धारक”—“सम्यक्-अनुक्रम-धारक” से कोई भी ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है जो—

वचन-पत्र, विनिमय-पत्र या चेक में वर्णित रकम के देय होने से पूर्व और यह विश्वास करने का कि जिस व्यक्ति से उसे अपना हक व्युत्पन्न हुआ है उस व्यक्ति के हक में कोई त्रुटि वर्तमान थी पर्याप्त हेतुक रखे बिना,

उस दशा में, जिसमें कि वह वाहक को देय है, उस पर प्रतिफलार्थ काबिज हो गया है,

अथवा उस दशा में, जिसमें कि वह [आदेशानुसार देय] है, उसका पानेवाला या पृष्ठांकित हो गया है ।

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आधिकारिक संदर्भ: India Code, भारत सरकार — आधिकारिक हिंदी PDF — स्रोत समीक्षा: 5 अक्टूबर 2026.दर्ज संस्करण / स्नैपशॉट की तारीख: 2026-10-05.आधिकारिक हिंदी PDF से Banaka का संदर्भ प्रतिलेख; प्रमाणित या अलग दिनांकित समेकित संस्करण नहीं। PDF के खराब कॉपी-पेस्ट अक्षर-मानचित्र को उसके फ़ॉन्ट और अक्षर-संयोजन से पुनर्प्राप्त किया गया है। पंक्ति-विन्यास, पादटिप्पणी संकेत और अलग संशोधन टिप्पणियाँ हटाई गई हैं; मूल शब्द, उदाहरण और प्रावधान सुरक्षित हैं। PDF के स्रोत-वर्तनी और विराम-चिह्न अनियमितताएँ बनी हैं। समीक्षा की तारीख संस्करण की तारीख नहीं है। धारा 2 और ऐतिहासिक अनुसूची निरसित हैं। मूल PDF और लागू न्यायिक व्याख्या साथ पढ़ें।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें

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