NI Act धारा 13: “परक्राम्य लिखत”
परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 · अध्याय 2: वचन-पत्रों, विनिमय-पत्रों और चेकों के विषय में
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¶13. “परक्राम्य लिखत”—[(1) “परक्राम्य लिखत” से या तो आदेशानुसार या वाहक को देय वचन-पत्र, विनिमय-पत्र या चेक अभिप्रेत है ।
¶स्पष्टीकरण (i)—वह वचन-पत्र, विनिमय-पत्र या चेक आदेशानुसार देय है जिसका ऐसे देय होना अभिव्यक्त हो या जिसका किसी विशिष्ट व्यक्ति को देय होना अभिव्यक्त हो और जिसमें अन्तरण को प्रतिषिद्ध करने वाले शब्द या यह आशय उपदर्शित करने वाले शब्द कि वह अन्तरणीय नहीं है, अन्तर्विष्ट न हों ।
¶स्पष्टीकरण (ii)— वह वचन-पत्र, विनिमय-पत्र या चेक वाहक को देय है जिसमें यह अभिव्यक्त हो कि वह ऐसे देय है या जिस पर एकमात्र या अन्तिम पृष्ठांकन निरंक पृष्ठांकन है ।
¶स्पष्टीकरण (iii)—जहां कि वचन-पत्र, विनिमय-पत्र या चेक का या तो मूलत: या पृष्ठांकन द्वारा विनिर्दिष्ट व्यक्ति के आदेशानुसार, न कि उसे या उसके आदेशानुसार देय होना अभिव्यक्त है वहां ऐसा होने पर भी वह उसके विकल्प पर उसे या उसके आदेशानुसार संदेय है ।]
¶[(2) परक्राम्य लिखत दो या अधिक पाने वालों को संयुक्तत: देय रचित की जा सकेगी या वह अनुकल्पत: दो पाने वालों में से एक को या कई पाने वालों में से एक को या कुछ को देय रचित की जा सकेगी ।]
आधिकारिक संदर्भ: India Code, भारत सरकार — आधिकारिक हिंदी PDF — स्रोत समीक्षा: 5 अक्टूबर 2026.दर्ज संस्करण / स्नैपशॉट की तारीख: 2026-10-05.आधिकारिक हिंदी PDF से Banaka का संदर्भ प्रतिलेख; प्रमाणित या अलग दिनांकित समेकित संस्करण नहीं। PDF के खराब कॉपी-पेस्ट अक्षर-मानचित्र को उसके फ़ॉन्ट और अक्षर-संयोजन से पुनर्प्राप्त किया गया है। पंक्ति-विन्यास, पादटिप्पणी संकेत और अलग संशोधन टिप्पणियाँ हटाई गई हैं; मूल शब्द, उदाहरण और प्रावधान सुरक्षित हैं। PDF के स्रोत-वर्तनी और विराम-चिह्न अनियमितताएँ बनी हैं। समीक्षा की तारीख संस्करण की तारीख नहीं है। धारा 2 और ऐतिहासिक अनुसूची निरसित हैं। मूल PDF और लागू न्यायिक व्याख्या साथ पढ़ें।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें
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इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 4. “वचन-पत्र”
- 5. “विनिमय-पत्र”
- 6. चेक
- 7. “लेखीवाल” । “ऊपरवाल”
- 8. “धारक”
- 9. “सम्यक्-अनुक्रम-धारक”
- 10. “सम्यक्-अनुक्रम में संदाय”
- 11. “अन्तर्देशीय लिखत”
- 12. “विदेशी लिखत”
- 14. परक्रामण
- 15. पृष्ठांकन
- 16. “निरंक” पृष्ठांकन और “पूर्ण” पृष्ठांकन
- 17. संदिग्धार्थी लिखत
- 18. जहां कि रकम अंकों और शब्दों में भिन्नत: कथित है
- 19. मांग पर देय लिखत
- 20. स्टाम्पित अधूरी लिखत
- 21. “दर्शन पर”
- 22. “परिपक्वता”
- 23. जो विनिमय-पत्र या वचन-पत्र तारीख या दर्शन से इतने मास के पश्चात् देय है उसकी परिपक्वता की गणना
- 24. जो विनिमय-पत्र या वचन-पत्र तारीख या दर्शन से इतने दिनों के पश्चात् देय है उसकी परिपक्वता की गणना
- 25. जब कि परिपक्वता का दिन लोक अवकाश दिन है