BNSS धारा 231: सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय अन्य मामलों में अभियुक्तों को बयानों और दस्तावेजों की प्रतियों की आपूर्ति

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 17: मजिस्ट्रेट के समक्ष कार्यवाही का प्रारंभ

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231. जहां, पुलिस रिपोर्ट के अलावा किसी अन्य मामले में, धारा 227 के तहत प्रक्रिया जारी करने वाले मजिस्ट्रेट को यह प्रतीत होता है कि अपराध विशेष रूप से सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय है, मजिस्ट्रेट तुरंत आरोपी को निःशुल्क प्रदान करेगा, निम्नलिखित में से प्रत्येक की एक प्रति:—
(i) मजिस्ट्रेट द्वारा जांचे गए सभी व्यक्तियों के धारा 223 या धारा 225 के तहत दर्ज किए गए बयान;
(ii) धारा 180 या धारा 183 के तहत दर्ज किए गए बयान और स्वीकारोक्ति, यदि कोई हो;
(iii) मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत कोई भी दस्तावेज जिस पर अभियोजन भरोसा करने का प्रस्ताव करता है:
बशर्ते कि यदि मजिस्ट्रेट इस बात से संतुष्ट है कि ऐसा कोई दस्तावेज़ भारी भरकम है, तो वह आरोपी को उसकी एक प्रति देने के बजाय निर्देश देगा कि उसे केवल व्यक्तिगत रूप से या अदालत में एक वकील के माध्यम से इसका निरीक्षण करने की अनुमति दी जाएगी:
बशर्ते कि इलेक्ट्रॉनिक रूप में दस्तावेजों की आपूर्ति को विधिवत सुसज्जित माना जाएगा।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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