BNSS धारा 228: मजिस्ट्रेट अभियुक्त की व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दे सकता है
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 17: मजिस्ट्रेट के समक्ष कार्यवाही का प्रारंभ
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228. (1) जब भी कोई मजिस्ट्रेट समन जारी करता है, तो वह, यदि उसे ऐसा करने का कारण दिखता है, तो आरोपी की व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दे सकता है और उसे अपने वकील द्वारा उपस्थित होने की अनुमति दे सकता है।
(2) लेकिन मामले की जांच या सुनवाई करने वाला मजिस्ट्रेट, अपने विवेक से, कार्यवाही के किसी भी चरण में, अभियुक्त की व्यक्तिगत उपस्थिति का निर्देश दे सकता है, और, यदि आवश्यक हो, तो यहां दिए गए तरीके से ऐसी उपस्थिति को लागू कर सकता है।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 227. प्रक्रिया जारी करना
- 229. छोटे अपराध के मामलों में विशेष समन
- 230. आरोपी को पुलिस रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों की प्रति प्रदान करना
- 231. सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय अन्य मामलों में अभियुक्तों को बयानों और दस्तावेजों की प्रतियों की आपूर्ति
- 232. जब अपराध विशेष रूप से उसके द्वारा विचारणीय हो तो मामले को सत्र न्यायालय को सौंपना
- 233. एक ही अपराध के संबंध में कोई शिकायत मामला और पुलिस जांच होने पर अपनाई जाने वाली प्रक्रिया