BNSS धारा 233: एक ही अपराध के संबंध में कोई शिकायत मामला और पुलिस जांच होने पर अपनाई जाने वाली प्रक्रिया

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 17: मजिस्ट्रेट के समक्ष कार्यवाही का प्रारंभ

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233. (1) जब पुलिस रिपोर्ट (इसके बाद शिकायत मामले के रूप में संदर्भित) के अलावा किसी अन्य मामले में, यह मजिस्ट्रेट द्वारा की गई जांच या परीक्षण के दौरान पेश किया जाता है, कि एक जांच पुलिस द्वारा उस अपराध के संबंध में प्रगति की जा रही है जो उसके द्वारा की गई जांच या परीक्षण का विषय-वस्तु है, मजिस्ट्रेट ऐसी जांच या परीक्षण की कार्यवाही पर रोक लगा देगा और संचालन करने वाले पुलिस अधिकारी से मामले पर रिपोर्ट मांगेगा। जांच.
(2) यदि जांच करने वाले पुलिस अधिकारी द्वारा धारा 193 के तहत कोई रिपोर्ट की जाती है और ऐसी रिपोर्ट पर मजिस्ट्रेट द्वारा किसी भी अपराध का संज्ञान किसी ऐसे व्यक्ति के खिलाफ लिया जाता है जो शिकायत मामले में आरोपी है, तो मजिस्ट्रेट एक साथ जांच करेगा या मुकदमा चलाएगा। शिकायत मामला और पुलिस रिपोर्ट से उत्पन्न मामला मानो दोनों मामले पुलिस रिपोर्ट पर स्थापित किए गए थे।
(3) यदि पुलिस रिपोर्ट शिकायत मामले में किसी आरोपी से संबंधित नहीं है या यदि मजिस्ट्रेट पुलिस रिपोर्ट पर किसी अपराध का संज्ञान नहीं लेता है, तो वह जांच या मुकदमे को आगे बढ़ाएगा, जिस पर उसके द्वारा रोक लगा दी गई थी। इस संहिता के प्रावधानों के साथ.

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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