BNS धारा 172: निर्वाचनों में प्रतिरूपण

भारतीय न्याय संहिता, 2023 · अध्याय 9: निर्वाचन संबंधी अपराधों के विषय में

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172. जो कोई किसी निर्वाचन में किसी अन्य व्यक्ति के नाम से, चाहे वह जीवित हो या मृत, या किसी कल्पित नाम से, मतपत्र कै लिए आवेदन करता या मत देता है, या ऐसे निर्वाचन में एक बार मत दे चुकने के पश्चात्‌ उसी निर्वाचन में अपने नाम से मतपत्र के लिए आवेदन करता है, और जो कोई किसी व्यक्ति द्वारा किसी ऐसे प्रकार से मतदान को दुष्प्रेरित करता है, उपाप्त करता है या उपाप्त करने का प्रयत्न करता है, वह निर्वाचन में प्रतिरूपण का अपराध करता है :

परंतु इस धारा की कोई बात किसी ऐसे व्यक्ति को लागू नहीं होगी जिसे तत्समय प्रवृत किसी विधि के अधीन मतदाता की ओर से, जहां तक वह ऐसे मतदाता की ओर से परोक्षी के रूप में मत देता है, परोक्षी के रूप में मत देने के लिए प्राधिकृत किया गया है ।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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