BNS धारा 16: न्यायालय के निर्णय या आदेश के अनुसरण मैं किया गया कार्य

भारतीय न्याय संहिता, 2023 · अध्याय 3: साधारण अपवाद

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16. कोई बात, जो किसी न्यायालय के निर्णय या आदेश के अनुसरण में की जाए या उसके द्वारा अधिदिष्ट हो, यदि वह उस निर्णय या आदेश के प्रवृ्त रहते की जाए, अपराध नहीं है, चाहे उस न्यायालय को ऐसा निर्णय या आदेश देने की अधिकारिता न रही हो, परन्तु यह तब जब कि वह कार्य करने वाला व्यक्ति सदभावपूर्वक विश्वास करता हो कि उस न्यायालय को वैसी अधिकारिता थी ।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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