Bबनाका ऐप स्टूडियो

TPA धारा 128: सर्वस्व आदाता

संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 · अध्याय 7: दान

अध्याय मार्गदर्शक पढ़ें और अभ्यास करें →

अन्य भाषाओं में भी: English

128. सर्वस्व आदाता-

धारा 127 के उपबन्धों के अध्यधीन यह है कि जहाँ कि दाता की पूरी सम्पत्ति का दान है, वहाँ आदाता दान के समय के दाता के सब शोध्य ऋणों और दायित्वों के लिए वैयक्तिक रूप से उसमें समाविष्ट सम्पत्ति के विस्तार तक दायी है।

आधिकारिक संदर्भ: भारत सरकार का हिंदी संदर्भ पाठ — जाँच की तारीख: 30 सितंबर 2026.अध्ययन के लिए Banaka का संपादित हिंदी पाठ, आधिकारिक समेकित संस्करण नहीं। पठनीय कानूनी HTML और सरकारी हिंदी संदर्भ से तैयार किया गया है; संख्या और संदर्भ की त्रुटियाँ सुधारी गई हैं। यह केंद्रीय पाठ है; राज्य संशोधन, क्षेत्रीय अधिसूचनाएँ और अन्य लागू कानून अलग देखें। जाँच की तारीख स्रोत-संस्करण की तारीख नहीं है।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें

यह पाठ केवल संदर्भ के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक स्रोत देखें।

इस अध्याय की अन्य धाराएँ