NI Act धारा 125: चेक काटने के पश्चात् उसे क्रास करना

परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 · अध्याय 14: क्रास चेकों के विषय में

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125. चेक काटने के पश्चात् उसे क्रास करना—जहां कि चेक क्रास किया हुआ नहीं है वहां धारक उसे साधारणत: या विशेषत: क्रास कर सकेगा ।

जहां कि चेक साधारणत: क्रास किया हुआ है वहां धारक उसे विशेषत: क्रास कर सकेगा ।

जहां कि चेक साधारणत: या विशेषत: क्रास किया हुआ है वहां धारक उसमें “परक्राम्य नहीं है” शब्द बढ़ा सकेगा ।

जहां कि चेक विशेषत: क्रास किया हुआ है वहां वह बैंककार जिसके पक्ष में वह क्रास किया हुआ है, उसे संग्रह करने के लिए अपने अभिकर्ता के रूप में दूसरे बैंककार के पक्ष में पुन: विशेषत: क्रास कर सकेगा ।

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आधिकारिक संदर्भ: India Code, भारत सरकार — आधिकारिक हिंदी PDF — स्रोत समीक्षा: 5 अक्टूबर 2026.दर्ज संस्करण / स्नैपशॉट की तारीख: 2026-10-05.आधिकारिक हिंदी PDF से Banaka का संदर्भ प्रतिलेख; प्रमाणित या अलग दिनांकित समेकित संस्करण नहीं। PDF के खराब कॉपी-पेस्ट अक्षर-मानचित्र को उसके फ़ॉन्ट और अक्षर-संयोजन से पुनर्प्राप्त किया गया है। पंक्ति-विन्यास, पादटिप्पणी संकेत और अलग संशोधन टिप्पणियाँ हटाई गई हैं; मूल शब्द, उदाहरण और प्रावधान सुरक्षित हैं। PDF के स्रोत-वर्तनी और विराम-चिह्न अनियमितताएँ बनी हैं। समीक्षा की तारीख संस्करण की तारीख नहीं है। धारा 2 और ऐतिहासिक अनुसूची निरसित हैं। मूल PDF और लागू न्यायिक व्याख्या साथ पढ़ें।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें

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