BNS धारा 12: एकांत परिरोध की अवधि
भारतीय न्याय संहिता, 2023 · अध्याय 2: दण्डों के विषय में
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12. एकांत परिरोध के दण्डादेश के निष्पादन में ऐसा परिरोध किसी दशा में भी एक बार में चौंदह दिन से अधिक न होगा, साथ ही ऐसे एकांत परिरोध की कालावधियों के बीच में उन कालावधियों से अन्यून अंतराल होंगे; और जब दिया गया कारावास तीन मास से अधिक हो, तब दिए गए सम्पूर्ण कारावास के किसी एक मास में एकांत परिरोध सात दिन से अधिक नहीं होगा, साथ ही एकांत परिरोध की कालावधियों के बीच में उन्हीं कालावधियों से अन्यून अंतरात्र होंगे ।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 4. दण्ड
- 5. दण्डादेश का लघुकरण
- 6. दण्डावधियों की भिन्नें
- 7. दण्डादिष्ट कारावास के (कतिपय मामलों में सम्पूर्ण कारावास) या उसका कोई भाग कठिन या सादा हो सकेगा
- 8. जुर्माने की रकम, जुर्माना आदि देने में व्यतिक्रम
- 9. कई अपराधों से मिलकर बने अपराध के लिए दण्ड की अवधि
- 10. कई अपराधों में से एक के दोषी व्यक्ति के लिए दण्ड जबकि निर्णय में यह कथित है कि यह संदेह है कि वह किस अपराध का दोषी है
- 11. एकांत परिरोध
- 13. पूर्व दोषसिद्धि के पश्चात् कतिपय अपराधों के लिए वर्धित दण्ड