धारा 16: राज्य आयुक्तों की पदावधि और सेवा शर्तें
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 · हिंदी समेकित अध्ययन पाठ और सरल व्याख्या। स्वतंत्र शैक्षिक सामग्री, कानूनी सलाह या सरकारी सेवा नहीं।
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2019 संशोधन ने राज्य आयुक्तों की पदावधि और सेवा शर्तों में भी केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित व्यवस्था रखी। आयु सीमा, पुनर्नियुक्ति प्रतिबंध और कुल पदावधि के परंतुक अलग पढ़ें; उन्हें एक सरल पदावधि दावे में न मिलाएँ।
Banaka की मूल व्याख्या · जाँच: 30 सितंबर 2026 · आधिकारिक हिंदी अनुवाद नहीं।
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Banaka का संपादकीय समेकित अध्ययन पाठ · 18 नवंबर 2025 के अंग्रेज़ी संस्करण से मिलान। सरल व्याख्या ऊपर अलग दी गई है। मूल अंग्रेज़ी पाठ के लिए ‘Read in English’ खोलें।
16. राज्य आयुक्तों की पदावधि और सेवा शर्तें.
(1) राज्य मुख्य सूचना आयुक्त [ऐसी अवधि के लिए जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाए] पद धारण करेगा और पुनर्नियुक्ति के लिए पात्र नहीं होगा:
परन्तु कोई राज्य मुख्य सूचना आयुक्त पैंसठ वर्ष की आयु प्राप्त करने के पश्चात् उस रूप में पद धारण नहीं करेगा।
(2) प्रत्येक राज्य सूचना आयुक्त [ऐसी अवधि के लिए जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाए] या पैंसठ वर्ष की आयु प्राप्त करने तक, इनमें से जो भी पूर्वतर हो, पद धारण करेगा और राज्य सूचना आयुक्त के रूप में पुनर्नियुक्ति के लिए पात्र नहीं होगा :
परन्तु प्रत्येक राज्य सूचना आयुक्त, इस उपधारा के अधीन अपना पद रिक्त करने पर, धारा 15 की उपधारा (3) में विनिर्दिष्ट रीति से राज्य मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में नियुक्ति के लिए पात्र होगा :
परन्तु यह और कि जहां राज्य सूचना आयुक्त की राज्य मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में नियुक्ति की जाती है, वहां उसकी पदावधि राज्य सूचना आयुक्त और राज्य मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में कुल मिलाकर पांच वर्ष से अधिक नहीं होगी।
(3) राज्य मुख्य सूचना आयुक्त या कोई राज्य सूचना आयुक्त अपना पद ग्रहण करने से पूर्व राज्यपाल या इस निमित्त उसके द्वारा नियुक्त किए गए किसी अन्य व्यक्ति के समक्ष पहली अनुसूची में इस प्रयोजन के लिए उपवर्णित प्रारूप के अनुसार शपथ या प्रतिज्ञान लेगा और उस पर अपने हस्ताक्षर करेगा।
(4) राज्य मुख्य सूचना आयुक्त या कोई राज्य सूचना आयुक्त, किसी भी समय, राज्यपाल को संबोधित अपने हस्ताक्षर सहित लेख द्वारा अपने पद का त्याग कर सकेगा :
परन्तु राज्य मुख्य सूचना आयुक्त या किसी राज्य सूचना आयुक्त को धारा 17 में विनिर्दिष्ट रीति से हटाया जा सकेगा।
[(5) राज्य मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्तों को संदेय वेतन और भत्ते तथा सेवा के अन्य निबंधन और शर्तें, वे होंगी, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाएं :
परन्तु राज्य मुख्य सूचना आयुक्त या राज्य सूचना आयुक्तों के वेतन, भत्तों और सेवा की अन्य शर्तों में, उनकी नियुक्ति के पश्चात् उनके लिए अलाभकर रूप से कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा:
परंतु यह और कि सूचना का अधिकार (संशोधन) अधिनियम, 2019 के प्रारंभ से पूर्व नियुक्त राज्य मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्तों का इस अधिनियम और तद्धीन बनाए गए नियमों के उपबंधों द्वारा शासित होना उसी प्रकार जारी रहेगा मानो सूचना का अधिकार (संशोधन) अधिनियम, 2019 लागू ही नहीं हुआ था।]
(6) राज्य सरकार, राज्य मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्तों को उतने अधिकारी और कर्मचारी उपलब्ध कराएगी, जितने इस अधिनियम के अधीन उनके कृत्यों के दक्ष पालन के लिए आवश्यक हों और इस अधिनियम के प्रयोजन के लिए नियुक्त किए गए अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों को संदेय वेतन और भत्ते तथा सेवा के निबंधन और शर्तें ऐसी होंगी, जो विहित की जाएं।