NI Act · मौलिक व्याख्याएँ

चेक बाउंस नोटिस और शिकायत की समय-सीमाएँ

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चेक की वैधता, 30 दिन का माँग-नोटिस, 15 दिन का भुगतान अवसर और एक माह की शिकायत अवधि समझें; हर समय-सीमा की आरंभिक घटना अलग है।

पहले चेक प्रस्तुत करने की वैध अवधि देखें। धारा 138(क) में चेक की तारीख से छह माह या उसकी वैध अवधि, जो पहले हो, लिखा है। RBI के 4 नवंबर 2011 के निर्देश ने 1 अप्रैल 2012 या बाद की तारीख वाले चेक की बैंकिंग वैधता तीन माह की की। इसलिए केवल अधिनियम में छह माह पढ़ना व्यावहारिक स्थिति की अधूरी समझ देता है। तीन माह को यंत्रवत 90 दिन भी न लिखें।

फिर नोटिस और भुगतान की अलग आरंभिक घटनाएँ पहचानें। चेक बिना भुगतान लौटने की बैंक की सूचना पाने वाले या सम्यक्-अनुक्रम धारक को मिलने के 30 दिनों के भीतर लिखित माँग होनी चाहिए। चेक देने वाले का 15 दिनों का भुगतान अवसर नोटिस मिलने से शुरू होता है। बैंक-वापसी, बैंक की सूचना मिलने, नोटिस भेजने और नोटिस मिलने की तारीखें अलग हो सकती हैं; चारों के लिए एक ही तारीख मानने के बजाय संबंधित प्रमाण रखें।

धारा 142(1)(ख) में धारा 138(ग) के तहत वाद-हेतुक उत्पन्न होने से एक माह लिखा है, अनादरण से सामान्य 30 दिन नहीं। उसके परंतुक में देरी का पर्याप्त कारण दिखाने पर उस शिकायत अवधि के बाद संज्ञान का प्रावधान है। इसे पहले की नोटिस-शर्त का सामान्य विस्तार न मानें। तारीख गिनने के नियम, विवादित प्राप्ति और विशिष्ट तथ्य वास्तविक मामले को प्रभावित कर सकते हैं; यह मार्गदर्शक क्रम समझाता है, आपके लिए जमा करने की अंतिम तारीख नहीं निकालता।

चार चरण, चार अलग आरंभिक घटनाएँ

  1. 1. प्रस्तुति

    चेक की वैध अवधि में; 1 अप्रैल 2012 से दिनांकित चेक के लिए RBI निर्देश में सामान्यतः तीन माह।

    आरंभिक घटना: चेक की तारीख

  2. 2. लिखित माँग

    बैंक से बिना भुगतान वापसी की सूचना मिलने के 30 दिनों के भीतर।

    आरंभिक घटना: बैंक की सूचना मिलने की तारीख

  3. 3. भुगतान का अवसर

    चेक देने वाले को माँग-नोटिस मिलने से 15 दिन।

    आरंभिक घटना: माँग-नोटिस मिलने की तारीख

  4. 4. शिकायत

    धारा 138(ग) का वाद-हेतुक उत्पन्न होने से एक माह; धारा 142 के पर्याप्त-कारण परंतुक के अधीन।

    आरंभिक घटना: वाद-हेतुक उत्पन्न होने की तारीख

उदाहरण से समझें

उदाहरण: दो लोगों के पास एक ही वापसी ज्ञापन है, पर बैंक की सूचना एक को बाद में मिलती है और चेक देने वाले को माँग-नोटिस उससे भी बाद में मिलता है। क्रम में हर घटना का अलग प्रमाणित विवरण चाहिए। केवल चेक और वापसी की तारीख लिखने से नोटिस-प्राप्ति या शिकायत की आरंभिक घटना तय नहीं होती।

मुख्य अंतर

30 दिन, 15 दिन और एक माह अलग चरणों की अवधियाँ हैं। एक माह को हमेशा 30 दिन न मानें।

संबंधित धाराएँ पढ़ें

अतिरिक्त प्राथमिक स्रोत

सरकारी NI Act पाठ में CrPC के संदर्भ हैं। BNSS का निरसन, व्यावृत्तियाँ और कार्यवाही का समय अलग देखना जरूरी है; इस संग्रह में संदर्भ यंत्रवत नहीं बदले गए हैं।

मौलिक शैक्षिक व्याख्याएँ, व्यक्तिगत कानूनी सलाह नहीं। हिंदी मार्गदर्शक वैधानिक अनुवाद नहीं हैं। सरकारी अंग्रेज़ी HTML और हिंदी PDF स्नैपशॉट की समीक्षा 5 अक्टूबर 2026 को हुई; यह अलग दिनांकित समेकित संस्करण नहीं है। सरकारी पाठ और लागू न्यायिक व्याख्या पढ़ें। सरकारी अधिनियम