दूर संचार अधिनियम 2023 · अपराध

भाषा: English

धारा 42 · अपराधों से संबंधित साधारण उपबंध ।

धारा 42

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

42. (1) जो कोई धारा 3 की उपधारा (1) के अधीन बिना प्राधिकार के दूर संचार नेटवर्क स्थापित करता है या दूर संचार सेवाएं प्रदान करता है या संकटपूर्ण दूर संचार की अवसंरचना को नुकसान पहुंचाता है तो वह ऐसे कारावास से जो तीन वर्ष तक का हो सकेगा या ऐसे जुर्माने से जो दो करोड़ रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से दंडनीय होगा ।

(2) जो कोई, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से या प्रतिरूपण के माध्यम से—

(क) किसी दूर संचार नेटवर्क या किसी प्राधिकृत इकाई के डाटा तक अनधिकृत पंहुच प्राप्त करता है या प्राप्त करने का प्रयास करता है या किसी प्राधिकृत इकाई के डाटा को स्थानान्तरित करता है ; या

(ख) किसी संदेश को विधिविरूद्ध तरीके से अंतर्रुद्ध करता है, वह कारावास से जो तीन वर्ष तक का हो सकेगा, या जुर्माने से जो दो करोड़ रूपए तक का हो सकेगा, या दोनों से दंडित किया जाएगा ।

स्पष्टीकरण—इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए,—

(i) “प्रतिरूपण” पद का वही अर्थ होगा जो भारतीय दंड संहिता की धारा 416 के अधीन इसमें नियत है ;

(ii) प्राधिकृत इकाई में कॉल डाटा रिकार्ड, इंटरनेट प्रोटोकाल डाटा रिकार्ड, ट्रैफिक डाटा, सब्सक्राइबर डाटा रिकार्ड और इसी तरह की अन्य चीजें सम्मिलित हैं ।

(3) जो कोई—

(क) किसी उपस्कर को बिना प्राधिकार के अपने पास रखता है या इसका उपयोग करता है जो दूर संचार को अवरूद्ध करता है ;

(ख) इन दूर संचार पहचानकर्ताओं का उपयोग करता है जो धारा 3 की उपधारा (8) और उपधारा (9) के अनुसार आबंटित या अनुज्ञात नहीं है ;

(ग) दूर संचार पहचानकर्ताओं के साथ छेड़छाड़ करता है ;

(घ) बिना प्राधिकार या छूट के रेडियो उपस्कर रखता है जो विनिर्दिष्ट संख्या से अधिक ग्राहक पहचान माड्यूल को समायोजित कर सकता है ;

(ङ) धोखाधड़ी, छल या प्रतिरूपण के माध्यम से ग्राहक पहचान मॉड्यूल या अन्य दूर संचार पहचानकर्ता प्राप्त करता है ;

(च) जानबूझकर रेडियो उपस्कर अपने पास रखता है, यह जानते हुए कि यह अनधिकृत या छेड़छाड़ किए गए दूर संचार पहचानकर्ताओं का उपयोग करता है, वह कारावास से जो तीन वर्ष तक का हो सकेगा, या जुर्माने से जो पचास लाख रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।

(4) जो कोई धारा 21 के अधीन राष्ट्रीय सुरक्षा पर अधिसूचना में किन्हीं उपायों का जानबूझकर अतिलंघन करेगा, ऐसी अवधि के कारावास से, जो तीन वर्ष के लिए होगा या ऐसे जुर्माने से जो दो करोड़ रुपए तक हो सकेगा या दोनों से दंडनीय होगा तथा केंद्रीय सरकार यदि उचित समझती है, ऐसे व्यक्ति को दूर संचार सेवा से निलंबित या बर्खास्त भी कर सकेगी ।

(5) जो कोई संकटकालीन दूर संचार अवसंरचना के सिवाय दूर संचार नेटवर्क को क्षति कारित करेगा ऐसी कारित क्षति तथा जुर्माने के लिए प्रतिकर के लिए दायी होगा, जो पचास लाख रुपए तक हो सकेगी ।

(6) जो कोई इस अधिनियम के अधीन किसी अपराध का दुष्प्रेरण करता है अथवा कारित करने का प्रयास करता है या कारित करने का षड्यंत्र करता है, यदि इस प्रकार दुष्प्रेरित या षड्यंत्र कार्य ऐसे दुष्प्रेरण या षड्यंत्र के परिणामस्वरूप कारित किया जाता है, अपराध के लिए उपबंधित दंड से दंडनीय होगा ।

(7) दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, इस धारा में विनिर्दिष्ट सभी अपराध संज्ञेय तथा गैर-जमानतीय होंगे ।

(8) मेट्रोपोलिटेन मजिस्ट्रेट अथवा प्रथम वर्ग मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से अवर कोई भी न्यायालय, इस अधिनियम के अधीन किसी अपराध के दंड के लिए विचारण नहीं करेगा ।

हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 16 जून 2025; मुद्रित पृष्ठ 417–447 · स्रोत PDF पृष्ठ: 154, 155, 156

धारा 43 · खोज करने की शक्ति ।

धारा 43

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

43. इस निमित्त केंद्रीय सरकार द्वारा प्राधिकृत कोई अधिकारी किसी भवन, यान, जलयान, हवाई जहाज या किसी ऐसे स्थान की खोज कर सकेगा, जिसमें उसके यह विश्वास करने का कारण है कि कोई अप्राधिकृत दूर संचार नेटवर्क या दूर संचार उपस्कर या रेडियो उपस्कर जिसके संबंध में धारा 42 के अधीन दंडनीय कोई अपराध कारित किया गया है, उसको रखता है या छिपाता है और कब्जा करता है ।

हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 16 जून 2025; मुद्रित पृष्ठ 417–447 · स्रोत PDF पृष्ठ: 156

धारा 44 · प्राधिकृत अधिकारियों को जानकारी देना ।

धारा 44

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

44. तत्समय प्रवृत्त किसी विधि में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, जहां केंद्रीय सरकार का यह समाधान होता है कि किसी इकाई या उपभोक्ता या अभिदाता द्वारा उपभोग की गई कोई दूर संचार सेवा, दूर संचार नेटवर्क या स्पेक्ट्रम के प्रयोग के संबंध में किसी प्राधिकृत इकाई या निर्धारिती के कब्जे या नियंत्रण में कोई सूचना, दस्तावेज या अभिलेख को प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है, जिसके संबंध में कोई लंबित मामला या आशंकित सिविल या आपराधिक कार्यवाही इस निमित्त केंद्रीय सरकार द्वारा लिखित में विशेष रूप से प्राधिकृत कोई अधिकारी उसको ऐसी सूचना, दस्तावेज या अभिलेख को प्रस्तुत करने के लिए ऐसे प्राधिकृत इकाई या निर्धारिती को निदेश देगा तथा प्राधिकृत इकाई या निर्धारिती ऐसे अधिकारी के निदेश का अनुपालन करेंगे ।

हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 16 जून 2025; मुद्रित पृष्ठ 417–447 · स्रोत PDF पृष्ठ: 156