दूर संचार अधिनियम 2023 · प्रकीर्ण
भाषा: English
धारा 45 · सुरक्षा हितों का सृजन ।
धारा 4545. केंद्रीय सरकार ऐसी सुरक्षा के लिए हित प्रदान कर सकती है, जो ऐसे सुरक्षा हित के निबंधन और शर्तें, जो विहित की जाएं, ऐसी योजना पर जिसमें किसी प्राधिकृत इकाई को ऐसी इकाई वित्तीय उधार के लिए प्रदान किया जा सके ।
हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 16 जून 2025; मुद्रित पृष्ठ 417–447 · स्रोत PDF पृष्ठ: 156
धारा 46 · किसी जलयान या वायुयान पर रेडियो उपस्कर के प्रचालन के लिए व्यक्ति का प्रमाणन ।
धारा 46प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें
- 46 · 2024-06-26 · S.O. 2408(E) — Telecommunications Act commencement
46. केंद्रीय सरकार वाणिज्य पोत अधिनियम, 1958 के अधीन रजिस्ट्रीकृत जलयानों के ऐसे प्रवर्ग पर एक रेडियो उपस्कर प्रचालित करने वाले किसी व्यक्ति को या वायुयान अधिनियम, 1934 के अधीन रजिस्ट्रीकृत वायुयान तथा जलयान या वाहन के किसी अन्य प्रवर्ग को प्रमाणपत्र मंजूर कर सकती है, जो ऐसे निबंधनों और शर्तों के अनुसार केंद्रीय सरकार द्वारा अधिसूचित की जा सके, जिसके अंतर्गत फीस और प्रभार लागू होते हैं, जो विहित की जाए ।
हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 16 जून 2025; मुद्रित पृष्ठ 417–447 · स्रोत PDF पृष्ठ: 156
धारा 47 · अव्यवसायी स्टेशन प्रचालक के लिए प्रमाणन ।
धारा 47प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें
- 47 · 2024-06-26 · S.O. 2408(E) — Telecommunications Act commencement
47. केंद्रीय सरकार किसी अव्यवसायी स्टेशन में संस्थापित करने तथा प्रचालित करने के लिए किसी व्यक्ति के प्रमाण की रीति के लिए नियम उपबंधित कर सकेगी तथा ऐसे नियम, ऐसे निबंधनों और शर्तों, जिसमें किसी अव्यवसायी स्टेशन को प्रचालित करने के लिए प्रमाणपत्र मंजूर किया जा सकता है, के लिए अर्हता को नियम द्वारा विनिर्दिष्ट कर सकती है, जिसके अंतर्गत ऐसे प्रमाणपत्र को मंजूर करने के लिए परीक्षा आयोजित कराने, उसके लिए संदत्त फीस और प्रभार देना तथा अन्य सुसंगत मामले भी सम्मिलित हैं ।
स्पष्टीकरण—इस धारा के प्रयोजनों के लिए,—
(क) “अव्यवसायी सेवा” से स्वयं प्रशिक्षण, अंतर संसूचना तथा किसी अव्यवसायी द्वारा किया गया तकनीकी अन्वेषण के प्रयोजन के लिए रेडियो संसूचना सेवा अभिप्रेत है, जिसे व्यक्तिगत लक्ष्य तथा बिना किसी धनीय हित के केवल रेडियो तकनीकी में सम्यक्रूप से प्राधिकृत व्यक्ति द्वारा किया जाता है ;
(ख) “अव्यवसायी स्टेशन” से किसी अव्यवसायी सेवा के लिए अव्यवसायी द्वारा प्रचालित रेडियो स्टेशन अभिप्रेत है ।
हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 16 जून 2025; मुद्रित पृष्ठ 417–447 · स्रोत PDF पृष्ठ: 156, 157
धारा 48 · उपस्कर के प्रयोग का प्रतिषेध जो दूर संचार को अवरुद्ध करता हो ।
धारा 48प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें
- 48 · 2024-07-05 · S.O. 2623(E) — Telecommunications Act commencement
48. कोई व्यक्ति ऐसा उपस्कर नहीं रखेगा या उपयोग करेगा, जो दूर संचार अवरुद्ध करता हो जब तक कि केंद्रीय सरकार द्वारा अनुज्ञा प्रदान न कर दी गई हो या केंद्रीय सरकार द्वारा विशिष्ट प्रयोजनों के लिए किसी प्राधिकरण को प्राधिकृत न कर दिया गया हो ।
हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 16 जून 2025; मुद्रित पृष्ठ 417–447 · स्रोत PDF पृष्ठ: 157
धारा 49 · ऐसी शास्तियां जिससे अन्य दायित्व प्रभावित नहीं होते हैं ।
धारा 4949. (1) अध्याय 8 या अध्याय 9 के उपबंधों के अनुसरण में अधिरोपित शास्तियां किसी प्राधिकृत इकाई या निर्धारिती द्वारा प्रतिकर या किसी फीस या सम्यक्प्रभार के संदाय के संबंध में किसी देयता के अतिरिक्त, न कि उसके अल्पीकरण में किया जाएगा ।
(2) इस अधिनियम के उपबंध किसी अन्य दायित्व के अतिरिक्त न कि प्रतिकूल प्रभाव में, जिससे किसी व्यक्ति को तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के अधीन उपगत किया जा सकता है ।
हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 16 जून 2025; मुद्रित पृष्ठ 417–447 · स्रोत PDF पृष्ठ: 157
धारा 50 · भारत के बाहर कारित किए जाने वाले किसी अपराध या अतिलंघन के लिए अधिनियम का लागू होना ।
धारा 50प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें
- 50 · 2024-06-26 · S.O. 2408(E) — Telecommunications Act commencement
50. यह अधिनियम किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा भारत के बाहर कारित किए जाने वाले किसी अपराध या अतिलंघन को लागू होगा, यदि ऐसे अपराध या अतिलंघन के गठन में कोई कृत्य या आचरण में भारत में प्रदान की गई दूर संचार सेवा या दूर संचार उपस्कर या भारत में स्थित दूर संचार नेटवर्क अंतर्वलित है ।
हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 16 जून 2025; मुद्रित पृष्ठ 417–447 · स्रोत PDF पृष्ठ: 157
धारा 51 · सद्भावना में की गई कार्रवाई का संरक्षण ।
धारा 51प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें
- 51 · 2024-06-26 · S.O. 2408(E) — Telecommunications Act commencement
51. कोई वाद, अभियोजन या अन्य विधिक कार्यवाही इस अधिनियम के अधीन केंद्रीय सरकार, राज्य सरकार या किसी अन्य प्राधिकारी के विरुद्ध नहीं की जाएगी या इस निमित्त कार्य करने वाला कोई व्यक्ति, यथास्थिति, जिसने इस अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए किसी नियम, विनियम या आदेश के अनुसार सद्भावपूर्वक किया जाता है, या करने का आशय रखता है ।
हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 16 जून 2025; मुद्रित पृष्ठ 417–447 · स्रोत PDF पृष्ठ: 157
धारा 52 · अन्य विधियों के साथ संगतता ।
धारा 52प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें
- 52 · 2024-06-26 · S.O. 2408(E) — Telecommunications Act commencement
52. (1) इस अधिनियम के उपबंध, तत्समय प्रवृत्त, किसी अन्य विधि के उपबंधों के अतिरिक्त होंगे, और उनके अल्पीकरण में उनका अर्थ नहीं लगाया जाएगा, तथा उनका अर्थ ऐसी विधि से सुसंगत लगाया जाएगा ।
(2) यदि इस अधिनियम के किसी उपबंध तथा संपूर्ण भारत में तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के उपबंध या किसी राज्य के क्षेत्राधिकार के भीतर लागू किसी प्रतिबंध के मध्य कोई विरोध उत्पन्न होता है, इस अधिनियम के उपबंध ऐसे विरोध के विस्तार तक अभिभावी होगा ।
हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 16 जून 2025; मुद्रित पृष्ठ 417–447 · स्रोत PDF पृष्ठ: 157
धारा 53 · अधिनियम का क्रियान्वयन ।
धारा 53प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें
- 53 · 2024-06-26 · S.O. 2408(E) — Telecommunications Act commencement
53. अधिनियम का क्रियान्वयन डिजाइन द्वारा डिजिटल रूप से किया जाएगा तथा केंद्रीय सरकार ऐसे उपाय करेगी, जो इस अधिनियम के डिजिटल क्रियान्वयन को समर्थ बनाने में आवश्यक हो ।
हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 16 जून 2025; मुद्रित पृष्ठ 417–447 · स्रोत PDF पृष्ठ: 157
धारा 54 · प्राधिकृत इकाई के कर्मचारी का साक्षी के रूप में उपस्थित होने के लिए बाध्य नहीं होना ।
धारा 54प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें
- 54 · 2024-06-26 · S.O. 2408(E) — Telecommunications Act commencement
54. किसी प्राधिकृत इकाई का कोई कर्मचारी किसी ऐसी विधिक कार्यवाही, जिसमें ऐसी प्राधिकृत इकाई पक्षकार नहीं है विशेष कारण के लिए किसी न्यायालय या न्यायाधीश के आदेश द्वारा यथा अपेक्षित के सिवाय, भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 की धारा 65ख की उपधारा (4) के अधीन प्रस्तुत किए जाने वाले किसी इलेक्ट्रानिक अभिलेख में अंतर्विष्ट जानकारी को साबित करने के लिए किसी साक्षी के रूप में उपस्थित होने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा ।
हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 16 जून 2025; मुद्रित पृष्ठ 417–447 · स्रोत PDF पृष्ठ: 158
धारा 55 · महाद्वीपीय मग्नतट और अनन्य आर्थिक जोन में अधिकार ।
धारा 55प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें
- 55 · 2024-06-26 · S.O. 2408(E) — Telecommunications Act commencement
55. भारत के महाद्वीपीय मग्नतट और अनन्य आर्थिक जोन में इस अधिनियम के अधीन प्राधिकरण या निर्धारण को मंजूर करने तथा यथास्थिति, किसी प्राधिकृत इकाई या निर्धारिती के अधिकार के लिए केंद्रीय सरकार के विशेषाधिकार राज्य क्षेत्रीय सागर-खंड, महाद्वीपीय मग्नतट भूमि, अनन्य आर्थिक क्षेत्र और अन्य सामुद्रिक क्षेत्र अधिनियम, 1976 और लागू अंतरराष्ट्रीय विधियों के अधीन होंगे जैसा भारत में स्वीकार और समर्थित किया गया हो ।
हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 16 जून 2025; मुद्रित पृष्ठ 417–447 · स्रोत PDF पृष्ठ: 158
धारा 56 · केंद्रीय सरकार की नियम बनाने की शक्ति ।
धारा 56प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें
- 56 · 2024-06-26 · S.O. 2408(E) — Telecommunications Act commencement
56. (1) केन्द्रीय सरकार, अधिसूचना द्वारा, इस अधिनियम के प्रयोजन को कार्यान्वित करने के लिए और पूर्व प्रकाशन की शर्तों के अधीन रहते हुए ऐसे नियम बना सकेगी जो इस अधिनियम के उपबंधों से संगत हों ।
(2) विशिष्टतया और पूर्वगामी शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना ऐसे नियम निम्नलिखित मामलों में सभी या किन्हीं के लिए उपबंध कर सकेंगे, अर्थात् :—
(क) धारा 3 की उपधारा (1) के अधीन निबंधन और शर्तें, जिसके अंतर्गत अधिप्रमाणन अभिप्राप्त करने के लिए फीस और प्रभार्य ही है ;
(ख) धारा 3 की उपधारा (3) के अधीन अधिप्रमाणन प्रदान करने के लिए छूट की रीति ;
(ग) धारा 3 की उपधारा (5) के अधीन निबंधन और शक्ति, जिसके अंतर्गत मूल प्राधिकृत इकाई के लिए लागू फीस और प्रभार्य जो किसी विलयन, निर्विलयन अधिग्रहण या पुनसंरचना के अन्य प्ररूप के अनुसार प्रकट होती हों, है ;
(घ) धारा 3 की उपधारा (6) के अधीन नए सेट के लिए प्रव्रजन के लिए अधिप्रमाणन निबंधन और शर्तें ;
(ङ) धारा 3 की उपधारा (7) के अधीन दूर संचार सेवाओं की किसी प्राधिकृत इकाई द्वारा प्रयोग किए जाने के लिए सत्यापन योग्य बायोमैट्रिक आधारित पहचान ;
(च) धारा 3 की उपधारा (8) के अधीन निबंधन और शर्तें, जिसके अंतर्गत किसी प्राधिकृत इकाई द्वारा प्रयोग करने के लिए दूर संचार पहचानकर्ता के आबंटन के लिए फीस और प्रभार भी सम्मिलित हैं ;
(छ) धारा 4 की उपधारा (3) के अधीन स्पेक्ट्रम के निर्धारण के लिए निबंधन और शर्तें, जिसके अंतर्गत क्रिया विधि, अवधि और प्रक्रिया की कीमत, शुल्क, फीस और प्रभार के लिए आवृत्ति रेंज, प्रणाली विज्ञान भी सम्मिलित है ;
(ज) धारा 4 की उपधारा (7) के अधीन स्पेक्ट्रम के निर्धारण के लिए छूट की रीति ;
(झ) धारा 5 के अधीन पुनसंरचना तथा सामंजस्य के लिए निबंधन और शर्तें ;
(ञ) धारा 6 के अधीन निबंधन और शर्तें जिसके अंतर्गत लागू फीस और प्रभार तथा अन्य सुसंगत शर्तें, जिसके अधीन वहन योग्य, उदारीकृत तथा प्रौद्योगिक रूप से प्राकृतिक रीति में स्पेक्ट्रम की उपयोगिता भी है ;
(ट) धारा 7 की उपधारा (1) के अधीन स्पेक्ट्रम के अधिकतम उपयोग के लिए निबंधन और शर्तें ;
(ठ) धारा 7 की उपधारा (2) के अधीन अपर्याप्त कारणों के लिए स्पेक्ट्रम के अनुपयोग की अवधि स्पेक्ट्रम उपोयोगिता से संबंधित और निबंधन और शर्तें ;
(ड) धारा 8 की उपधारा (2) के अधीन निबंधन और शर्तें जिसके अंतर्गत निर्धारित किए गए स्पेक्ट्रम की भागीदारी, व्यापार, पट्टा और अभ्यर्पण के लिए लागू फीस और प्रभार भी है ;
(ढ) धारा 11 की उपधारा (3) के अधीन लोक संपत्ति में दूर संचार नेटवर्क के मार्गाधिकार के लिए अनुज्ञप्ति मंजूर करने के लिए समय-सीमा, तथा मार्गाधिकार के लिए प्रशासनिक व्यय तथा प्रतिकर के लिए रकम का उपयोग;
(ण) धारा 12 की उपधारा (5) के अधीन दूर संचार नेटवर्क में प्रवेश, सर्वे, स्थापित, प्रचालित, रखरखाव, अनुरक्षण, बदलने या पुन:स्थापन के लिए प्रसुविधा प्रदाता द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया, जिसके अंतर्गत संपत्ति के स्वामी या अधिभोगी द्वारा सूचना को जारी करने की रीति, शासी आक्षेपों का कार्यढ़ांचा, वह रीति जिसमें ऐसे आक्षेपों का पुन:समाधान किया जाएगा तथा किसी हानि के लिए संदेय प्रतिकर से संबंधित मामले भी हैं ;
(त) धारा 12 की उपधारा (6) के अधीन निबंधन और शर्तें जिसके अन्तर्गत संपत्ति से हानि पर मार्ग अधिकार के लिए प्रभार और प्रतिकर;
(थ) धारा 15 की उपधारा (2) के अधीन निबंधन और शर्तें, जिसके अंतर्गत फीस और प्रभार जिसके अधीन दूर संचार नेटवर्क को प्रसुविधा प्रदाता के लिए खुले स्थान में पहुंच के आधार पर उपलब्ध कराना भी है ;
(द) धारा 17 की उपधारा (1) के अधीन दी जाने वाली पूर्व सूचना के लिए प्रक्रिया और रीति ;
(ध) धारा 17 की उपधारा (2) के अधीन प्रसुविधा प्रदाता द्वारा अपनाई जाने वाली दूर संचार नेटवर्क तथा पूर्वावधानी उपायों के लिए सूचना का प्रत्युत्तर देने के लिए समय-सीमा ;
(न) धारा 20 की उपधारा (2) के अधीन लोक आपात या लोक सुरक्षा के लिए प्रक्रिया तथा सुरक्षोपाय ;
(प) धारा 20 की उपधारा (4) के अधीन लोक आपात या लोक सुरक्षा के लिए की गई कार्यवाही की अवधि और रीति ;
(फ) धारा 22 की उपधारा (1) के अधीन दूर संचार नेटवर्क तथा दूर संचार सेवा की संरक्षा तथा साइबर सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए उपाय ;
(ब) धारा 22 की उपधारा (4) के अधीन संकटकालीन दूर संचार अवसंरचना के लिए क्रियान्वित किए जाने वाले मानक, सुरक्षा व्यवहार, अद्यतन अपेक्षाएं और प्रक्रिया ;
(भ) धारा 26 के अधीन डिजिटल भारत निधि के प्रशासन के लिए रीति ;
(म) धारा 27 के अधीन विनियामक सेंडबॉक्स के सृजन के लिए रीति और अवधि ;
(य) धारा 28 की उपधारा (2) के अधीन उपयोक्ताओं के संरक्षण के लिए उपाय ;
(यक) धारा 28 की उपधारा (3) के अधीन दूर संचार सेवा से संबंधित ऐसी शिकायतों के लिए किसी शिकायत और समाधान के रजिस्ट्रिकरण के लिए रीति ;
(यख) धारा 30 की उपधारा (2) के अधीन विवाद समाधान तंत्र में भाग लेने के लिए निबंधन और शर्तें ;
(यग) धारा 33 की उपधारा (1) के अधीन शिकायतों के निवारण के लिए प्ररूप, रीति और फीस ;
(यघ) धारा 35 की उपधारा (1) के अधीन न्यायनिर्णयक अधिकारी द्वारा जांच करने की रीति ;
(यङ) धारा 36 की उपधारा (2) के अधीन अभिहित अपील समिति के समक्ष किसी अपील को फाइल करने का प्ररूप, रीति और फीस ;
(यच) धारा 37 की उपधारा (1) के अधीन न्यायनिर्णायक अधिकारी और अभिहित अपील समिति के कृत्यों को करने के लिए तकनीकी-विधिक उपाय ;
(यछ) धारा 45 के अधीन सुरक्षा हित के निबंधन और शर्तें ;
(यज) धारा 46 के अधीन निबंधन और शर्तें, जिसके अंतर्गत प्रमाणपत्र मंजूर करने के लिए लागू फीस और प्रभार्य ;
(यझ) धारा 47 के अधीन अव्यवसायी स्टेशन प्रचालक की परीक्षा के लिए प्रमाणपत्र की रीति, अर्हता और निबंधन और शर्तें जिसके अन्तर्गत फीस और प्रभार भी हैं ;
(यञ) कोई ऐसा अन्य मामला जिसे, ऐसे उपबंध के संबंध में जिसे नियमों द्वारा बनाया जाना है, विहित किया जाना है या किया जा सकेगा ।
(3) इस अधिनियम के अधीन बनाया गया प्रत्येक नियम और धारा 57 के अधीन बनाई गई अनुसूची का संशोधन इसे बनाए जाने के पश्चात्यथाशीघ्र, संसद्के प्रत्येक सदन के समक्ष, जब वह सत्र में हो, तीस दिन की अवधि के लिए रखा जाएगा, यह अवधि एक सत्र में अथवा दो या अधिक आनुक्रमिक सत्रों में पूरी हो सकेगी और यदि उस सत्र के या पूर्वोक्त आनुक्रमिक सत्रों के ठीक बाद के सत्र के अवसान के पूर्व दोनों सदन उस नियम या अनुसूची का कोई उपांतरण करने के लिए कोई परिवर्तन करने के लिए सहमत हो जाएं तो तत्पश्चात्वह ऐसे परिवर्तित रूप में ही प्रभावी होगा । यदि उक्त अवसान के पूर्व दोनों सदन सहमत हो जाएं कि वह नियम या अनुसूची का संशोधन करने के लिए नहीं बनाया जाना चाहिए तो तत्पश्चात्वह निष्प्रभाव हो जाएगा । तथापि नियम या अनुसूची का संशोधन करने के लिए ऐसे परिवर्तित या निष्प्रभाव होने से उसके अधीन पहले की गई किसी बात की विधिमान्यता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा ।
हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 16 जून 2025; मुद्रित पृष्ठ 417–447 · स्रोत PDF पृष्ठ: 158, 159, 160
धारा 57 · केंद्रीय सरकार की अनुसूची को संशोधित करने की शक्ति ।
धारा 57प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें
- 57 · 2024-06-26 · S.O. 2408(E) — Telecommunications Act commencement
57. (1) इस धारा के उपबंधों के अधीन, केंद्रीय सरकार अधिसूचना द्वारा,—
(क) पहली अनुसूची ;
(ख) दूसरी अनुसूची या तीसरी अनुसूची, का संशोधन कर सकेगी : परंतु ऐसी अनुसूचियों में विनिर्दिष्ट शास्ति या सिविल शास्ति दस करोड़ रुपए से अधिक नहीं होगी ।
(2) उपधारा (1) के अधीन किया गया कोई संशोधन इस प्रकार प्रभावी होगा मानो यदि अधिनियम अधिनियमित हो गया हो तथा अधिसूचना की तारीख से प्रवृत्त होगा जब तक अधिसूचना अन्यथा निदेश दे ।
हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 16 जून 2025; मुद्रित पृष्ठ 417–447 · स्रोत PDF पृष्ठ: 161
धारा 58 · कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति ।
धारा 58प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें
- 58 · 2024-06-26 · S.O. 2408(E) — Telecommunications Act commencement
58. (1) इस अधिनियम के उपबंधों के प्रभाव में यदि कोई कठिनाई उत्पन्न होती है, तो केंद्रीय सरकार राजपत्र में प्रकाशित आदेश द्वारा इस अधिनियम के उपबंधों से असंगत ऐसे उपबंध बनाएगी, जो कठिनाइयों को दूर करने के लिए आवश्यक या समीचीन हो सकता हो : परन्तु इस धारा के अधीन कोई आदेश इस अधिनियम के प्रारंभ की तारीख से तीन वर्ष की समाप्ति के पश्चात्नहीं किया जाएगा ।
(2) इस धारा के अधीन किया गया प्रत्येक आदेश, उसके किए जाने के पश्चात्, यथाशीघ्र, संसद्के प्रत्येक सदन के समक्ष रखा जाएगा ।
हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 16 जून 2025; मुद्रित पृष्ठ 417–447 · स्रोत PDF पृष्ठ: 161
धारा 59 · 1997 के अधिनियम संख्यांक 24 का संशोधन ।
धारा 59प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें
- 59(b) · 2024-07-05 · S.O. 2623(E) — Telecommunications Act commencement
59. भारतीय दूर-संचार विनियामक प्राधिकरण अधिनियम, 1997 में,—
(क) धारा 2 में,—
(i) खंड (1) में,—
(अ) खंड (ङ) के स्थान पर, निम्नलिखित खंड रखा जाएगा, अर्थात् :—
‘(ङ) “अनुज्ञप्तिधारी” से दूर संचार अधिनियम, 2023 के अधीन दूर संचार सेवाएं प्रदान करने वाला या केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य अधिनियम के अधीन केबल टेलीविजन नेटवर्क प्रदान करने के लिए रजिस्ट्रीकृत कोई प्राधिकृत अस्तित्व अभिप्रेत है ;’;
(आ) खंड (ङक) के स्थान पर, निम्नलिखित खंड रखा जाएगा, अर्थात् :—
‘(ङक) “अनुज्ञापक” से केन्द्रीय सरकार अभिप्रेत है, जो दूर संचार अधिनियम, 2023 के अधीन दूर संचार सेवाएं प्रदान करने के लिए प्राधिकार या केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य अधिनियम के अधीन रजिस्ट्रीकरण अनुदत्त करती है ;’;
(इ) खंड (ञ) के पश्चात्, निम्नलिखित खंड अंत:स्थापित किया जाएगा, अर्थात् :—
‘(ञक) “दूर संचार” का वही अर्थ होगा, जो उसका दूर संचार अधिनियम, 2023 में है ;’;
(ई) खंड (ट) के स्थान पर, निम्नलिखित खंड रखा जाएगा, अर्थात् :—
‘(ट) “दूर संचार सेवाओं” से दूर संचार के लिए कोई सेवा अभिप्रेत है ;’;
(ii) उपधारा (2) में, “भारतीय तार अधिनियम, 1885 या भारतीय बेतार तारयांत्रिकी अधिनियम, 1933” शब्दों और अंकों के स्थान पर, “दूर संचार अधिनियम, 2023 या केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995” शब्द, अंक और कोष्ठक रखे जाएंगे ;
(ख) धारा 4 में, परंतुक के स्थान पर, निम्नलिखित परंतुक रखा जाएगा, अर्थात् :—
“परंतु कोई व्यक्ति, जो सरकार की सेवा में है या रहा है,—
(क) अध्यक्ष के रूप में नियुक्त नहीं किया जाएगा, यदि ऐसे व्यक्ति ने भारत सरकार के सचिव का पद या केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार में कोई समतुल्य पद धारण नहीं किया हो ; या
(ख) सदस्य के रूप में नियुक्त नहीं किया जाएगा, यदि ऐसे व्यक्ति ने भारत सरकार के अपर सचिव का पद या केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार में कोई समतुल्य पद धारण नहीं किया हो : परंतु यह और कि कोई व्यक्ति, जो सरकार से भिन्न किसी सेवा में है या रहा है—
(क) अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया जाएगा, यदि ऐसा व्यक्ति न्यूनतम तीस वर्ष का वृत्तिक अनुभव रखता हो तथा धारा 4 के अधीन यथा विनिर्दिष्ट क्षेत्रों में किसी कंपनी के निदेशक बोर्ड के सदस्य या मुख्य कार्यकारी के रूप में सेवा कर चुका हो ; या
(ख) सदस्य के रूप में नियुक्त किया जाएगा, यदि ऐसा व्यक्ति न्यूनतम पच्चीस वर्ष का वृत्तिक अनुभव रखता हो तथा इस धारा के अधीन यथा विनिर्दिष्ट क्षेत्रों में किसी कंपनी के निदेशक बोर्ड के सदस्य या मुख्य कार्यकारी के रूप में सेवा कर चुका हो ।”;
(ग) धारा 11 में,—
(i) उपधारा (1) में,—
(अ) “भारतीय तार अधिनियम, 1885” शब्दों और अंकों के स्थान पर, “दूर संचार अधिनियम, 2023 या केबल टेलीविजन नेटवर्क
(विनियमन) अधिनियम, 1995” शब्द, अंक और कोष्ठक रखे जाएंगे ;
(आ) पांचवें परंतुक में, “पन्द्रह दिन की अवधि के भीतर” शब्दों से प्रारंभ होने वाले और “अंतिम विनिश्चय करेगी ।” शब्दों पर समाप्त होने वाले भाग के स्थान पर, निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात् :—
“तीस दिन की अवधि के भीतर केन्द्रीय सरकार द्वारा किए गए निर्देश पर विचार करने के पश्चात् अपनी कोई और सिफारिशें, जो इसके पास हों, केन्द्रीय सरकार को संसूचित करेगा और अतिरिक्त सिफारिशें, यदि कोई हों, प्राप्त होने के पश्चात्केन्द्रीय सरकार अंतिम विनिश्चय करेगी ।”;
(ii) उपधारा (2) में,—
(अ) “भारतीय तार अधिनियम, 1885” शब्दों और अंकों के स्थान पर, “दूर संचार अधिनियम, 2023 या केबल टेलीविजन नेटवर्क
(विनियमन) अधिनियम, 1995” शब्द, अंक और कोष्ठक रखे जाएंगे ;
(आ) परंतुक के पश्चात्, निम्नलिखित परंतुक अंत:स्थापित किया जाएगा, अर्थात् :—
“परंतु यह और कि प्राधिकरण, दूर संचार सेवाएं प्रदान करने वाले प्राधिकृत अस्तित्व या प्राधिकृत अस्तित्वों के वर्ग को, अत्यंत सस्ती कीमतों, जो प्रतिस्पर्धा, दीर्घावधि विकास और दूर संचार सेक्टर के संपूर्ण आरोग्य के लिए हानिकर है, से दूर रहने का निदेश दे सकेगा ।”;
(घ) धारा 14 के खंड (क) में,—
(i) उपखंड (i) का लोप किया जाएगा ;
(ii) पैरा (ग) के स्थान पर, निम्नलिखित पैरा रखा जाएगा, अर्थात् :—
“(ग) दूर संचार अधिनियम, 2023 के अधीन न्यायनिर्णायक अधिकारी या अभिहित अपील समिति द्वारा न्यायनिर्णीत किए जाने वाले कोई विवाद ;”;
(iii) खंड (ग) के पश्चात्, निम्नलिखित खंड अंत:स्थापित किया जाएगा, अर्थात् : —
“(घ) दूर संचार अधिनियम, 2023 की धारा 39 के अधीन अपीलों की सुनवाई और उनका निपटारा, भारतीय दूर-संचार विनियामक प्राधिकरण अधिनियम, 1997 के अधीन संस्थित तथा नियत दिन के ठीक पूर्व दूर संचार विवाद समाधान और अपील अधिकरण में लंबित किसी कार्रवाई की दूर संचार विवाद समाधान और अपील अधिकरण द्वारा सुनवाई की जाती रहेगी तथा उसका निपटारा किया जाएगा, मानो यह अधिनियम पारित नहीं हुआ हो ;
(ङ) धारा 38 के स्थान पर, निम्नलिखित धारा रखी जाएगी, अर्थात् :—
“38. इस अधिनियम के उपबंध, दूर संचार अधिनियम, 2023 के उपबंधों के अतिरिक्त होंगे, और विशिष्टतया इस अधिनियम की कोई बात किसी ऐसी अधिकारिता, शक्तियों और कृत्यों पर प्रभाव नहीं डालेगी, जिनका प्रयोग या पालन ऐसे प्राधिकरण की अधिकारिता के भीतर आने वाले किसी क्षेत्र के संबंध में समुचित प्राधिकरण द्वारा किया जाना अपेक्षित है ।”।
हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 16 जून 2025; मुद्रित पृष्ठ 417–447 · स्रोत PDF पृष्ठ: 161, 162, 163, 164