दूर संचार अधिनियम 2023 · प्राधिकार और समनुदेशन की शक्ति
भाषा: English
धारा 3 · प्राधिकार ।
धारा 3प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें
- 3(1), 3(6) · 2026-06-23 · S.O. 3368(E) — Telecommunications Act commencement
- 3(7) · 2026-08-21 · S.O. 4616(E) — Telecommunications Act commencement
3. (1) कोई व्यक्ति जो—
(क) दूर संचार सेवाएं प्रदान करने,
(ख) दूर संचार नेटवर्क की स्थापना, प्रचालन, रखरखाव या विस्तार करने ; या
(ग) रेडियो उपस्कर धारण करने, का आशय रखता है, वह केन्द्रीय सरकार से ऐसे निबंधनों और शर्तों के अधीन रहते हुए, जिसके अंतर्गत ऐसी फीस या प्रभार भी है, जो विहित की जाए, प्राधिकार प्राप्त करेगा ।
(2) केन्द्रीय सरकार, उपधारा (1) के अधीन नियम बनाते समय, भिन्न-भिन्न प्रकार की दूर संचार सेवाओं, दूर संचार नेटवर्क या रेडियो उपस्कर के प्राधिकार के लिए भिन्न- भिन्न निबंधनों और शर्तों का उपबंध कर सकेगी ।
(3) केन्द्रीय सरकार, यदि यह अवधारित करती है कि ऐसा करना लोकहित में आवश्यक है, तो वह उपधारा (1) के अधीन प्राधिकार की अपेक्षा से ऐसी रीति में, जो विहित की जाए, छूट प्रदान कर सकेगी ।
(4) भारतीय तार अधिनियम, 1885 या भारतीय बेतार तारयांत्रिकी अधिनियम, 1933 के अधीन नियत दिन से पूर्व प्रदत्त कोई छूट इस अधिनियम के अधीन जारी रहेगी, जब तक कि केन्द्रीय सरकार अन्यथा अधिसूचित न करे ।
(5) कोई प्राधिकृत इकाई, तत्समय प्रवृत किसी विधि के अधीन रहते हुए, कोई विलयन, निर्विलयन या अर्जन या अन्य प्रकार की पुनसंरचना कर सकेगी और कोई प्राधिकृत इकाई, जो ऐसी प्रक्रिया के अनुसरण में उभरती है, मूल प्राधिकृत इकाई पर लागू ऐसे निबंधनों और शर्तों जिसके अंतर्गत फीस और प्रभार भी है और ऐसे अन्य निबंधनों और शर्तों पर, जो विहित की जाएं, का पालन करेगी ।
(6) दूर संचार सेवाओं या दूर संचार नेटवर्क की बाबत भारतीय तार अधिनियम, 1885 या भारतीय बेतार तारयांत्रिकी अधिनियम, 1933 के अधीन नियत दिन से पूर्व प्रदत्त चाहे किसी भी नाम से ज्ञात अनुज्ञप्ति, रजिस्ट्रीकरण, अनुज्ञा—
(क) जहां एक निश्चित विधिमान्यता अवधि दी गई है, सुसंगत प्राधिकार ऐसी अनुज्ञप्ति या रजिस्ट्रीकरण या अनुज्ञा के अधीन निबंधनों और शर्तों के अधीन और उसमें यथा विनिर्दिष्ट अवधि के लिए काम करना जारी रखने के लिए हकदार होगा या सुसंगत प्राधिकार के ऐसे निबंधनों और शर्तों पर, जो विहित किए जाएं प्रवर्जित होने का हकदार होगा ;
(ख) जहां कोई निश्चित अधिमान्यता नहीं दी गई है, वहां नियत दिन से पांच वर्ष की अवधि के लिए ऐसी अनुज्ञप्ति या रजिस्ट्रीकरण या अनुज्ञा के निबंधनों और शतां पर काम जारी रखने का हकदार होगा या सुसंगत प्राधिकार के ऐसे निबंधनों और शर्तों पर, जो विहित किए जाएं, प्रवर्जित होने का हकदार होगा ।
(7) कोई प्राधिकृत इकाई, जो ऐसी दूर संचार सेवाएं प्रदान करती हैं, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा अधिसूचित की जाए, उस व्यक्ति की जिसे दूर संचार सेवाएं प्रदान की जाती है, किसी सत्यापन योग्य बायोमैट्रिक आधारित पहचान, जैसा विहित किया जाए, के प्रयोग के माध्यम से पहचान करेगी ।
(8) केन्द्रीय सरकार, ऐसे निबंधनों और शर्तों के अधीन रहते हुए, जिसके अंतर्गत फीस और प्रभार, जो विहित किए जाएं, भी हैं, प्राधिकृत इकाईयों द्वारा उपयोग में लाए जाने के लिए दूर संचार पहचानकर्ताओं का आबंटन करेगी ।
(9) केन्द्रीय सरकार, अंतरराष्ट्रीय निकायों द्वारा आबंटित दूर संचार पहचानकर्ताओं, जिन्हें केन्द्रीय सरकार द्वारा समय-समय पर मान्यता दी जाती है, का उपयोग करना अनुज्ञात कर सकेगी ।
हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 16 जून 2025; मुद्रित पृष्ठ 417–447 · स्रोत PDF पृष्ठ: 139, 140
धारा 4 · स्पेक्ट्रम का समनुदेशन ।
धारा 44. (1) केन्द्रीय सरकार, जनसाधारण की ओर से स्पेक्ट्रम की स्वामी होते हुए, इस अधिनियम के अनुसार स्पेक्ट्रम का समनुदेशन करेगी और समय-समय पर राष्ट्रीय आवृत्ति आबंटन योजना अधिसूचित कर सकेगी ।
(2) कोई व्यक्ति, जो स्पेक्ट्रम का उपयोग करने का आशय रखता है, उसे केन्द्रीय सरकार से समनुदेशन अपेक्षित होगा ।
(3) केन्द्रीय सरकार, स्पेक्ट्रम के ऐसे समनुदेशन के लिए ऐसे निबंधन और शर्तें, जो लागू हो, विहित कर सकेगी जिसके अंतर्गत आवृत्ति सीमा, मूल्य निर्धारण, मूल्य, फीस और प्रभार के लिए पद्धति, संदाय तंत्र, उसके लिए अवधि और प्रक्रिया सम्मिलित है ।
(4) केन्द्रीय सरकार, पहली अनुसूची में सूचीबद्ध इकाईयों के सिवाय, जिनके लिए प्रशासनिक प्रक्रिया द्वारा समनुदेशन किया जाएगा, नीलामी के माध्यम से दूर संचार के लिए स्पेक्ट्रम समनुदेशित करेगी ।
स्पष्टीकरण—इस धारा के प्रयोजनों के लिए,—
(क) “प्रशासनिक प्रक्रिया” से नीलामी किए बिना स्पेक्ट्रम का समनुदेशन अभिप्रेत है ;
(ख) “नीलामी” से स्पेक्ट्रम के समनुदेशन के लिए बोली की प्रक्रिया अभिप्रेत है ।
(5)(क) केन्द्रीय सरकार, स्पेक्ट्रम के समनुदेशन के लिए, अधिसूचना द्वारा, पहली अनुसूची का संशोधन कर सकेगी,—
(i) लोकहित में ;
(ii) सरकारी कृत्यों के निर्वहन के लिए ;
(iii) उस दशा में, जहां स्पेक्ट्रम की नीलामी तकनीकी या आर्थिक कारणों से, समनुदेशन की अधिमानी रीति नहीं है ।
(ख) खंड (क) में निर्दिष्ट अधिसूचना, संसद्के प्रत्येक सदन के समक्ष रखी जाएगी ।
(6) केन्द्रीय सरकार, यदि यह अवधारित करे कि ऐसा करना लोकहित में आवश्यक है, तो वह,—
(क) धारा 2 के अधीन समनुदेशन की अपेक्षा से, ऐसी रीति में, जो विहित की जाए ; और
(ख) उपधारा (2) की अपेक्षाओं से विनिर्दिष्ट आवृत्तियों और मानदंडों के भीतर विनिर्दिष्ट उपयोगों को अधिसूचना द्वारा, छूट प्रदान कर सकेगी ।
(7) भारतीय तार अधिनियम, 1885 और भारतीय बेतार तारयांत्रिकी अधिनियम, 1933 के अधीन नियत दिन से पूर्व अनुदत्त स्पेक्ट्रम के उपयोग के संबंध में कोई छूट इस अधिनियम के अधीन भी तब तक जारी रहेगी जब तक कि केन्द्रीय सरकार द्वारा अन्यथा अधिसूचित न किया जाए ।
(8) नियत दिन से पूर्व प्रशासनिक प्रक्रिया के माध्यम से समनुदेशित स्पेक्ट्रम नियत दिन से पांच वर्ष की अवधि के लिए या ऐसी समनुदेशन के अवसान की तारीख, इनमें से जो भी पूर्वतर हों, उन्हीं निबंधनों और शर्तों पर जारी रहेगा जिन पर वह समनुदेशित किया गया था ।
(9) नियत दिन से पूर्व नीलामी के माध्यम से समनुदेशित, किसी स्पेक्ट्रम का उन्हीं निबंधनों और शर्तों पर वैध रहना जारी रहेगा, जिन पर वह समनुदेशित किया गया था ।
हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 16 जून 2025; मुद्रित पृष्ठ 417–447 · स्रोत PDF पृष्ठ: 140, 141
धारा 5 · पुनः विरचना और सुव्यवस्थीकरण ।
धारा 55. केन्द्रीय सरकार, स्पेक्ट्रम के अधिक दक्ष उपयोग को समर्थ बनाने के लिए धारा 4 के अधीन समनुदेशित किसी आव◌ृत्ति रेंज को ऐसे निबंधनों और शर्तों के अधीन रहते हुए, जो विहित की जाए, रि-फार्म या सुव्यवस्थित कर सकेगी ।
स्पष्टीकरण—इस उपधारा के प्रयोजन के लिए,—
(क) “सुव्यवस्थीकरण” से आवृत्ति रेंज का पुनः प्रबंधन अभिप्रेत है ;
(ख) “रि-फामिंग” से किसी आवृत्ति रेंज को उस उपयोग से भिन्न, जिसके लिए उसका विद्यमान समनुदेशिती द्वारा उपयोग किया जा रहा है, किसी उपयोग के लिए पुनः प्रस्तावित करना अभिप्रेत है ।
हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 16 जून 2025; मुद्रित पृष्ठ 417–447 · स्रोत PDF पृष्ठ: 141, 142
धारा 6 · प्रौद्योगिकीय रूप से स्पेक्ट्रम का तटस्थ रूप ।
धारा 6प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें
- 6 · 2024-07-05 · S.O. 2623(E) — Telecommunications Act commencement
6. केन्द्रीय सरकार, स्पेक्ट्रम का ऐसे निबंधनों और शर्तों के अधीन रहते हुए, जिसके अंतर्गत यथा विहित लागू फीस और प्रभार सम्मिलित हैं, किसी लोचनीय, स्वतंत्र और प्रौद्योगिकीय रूप से तटस्थ रीति में उपयोग समर्थ कर सकेगी ।
हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 16 जून 2025; मुद्रित पृष्ठ 417–447 · स्रोत PDF पृष्ठ: 142
धारा 7 · स्पेक्ट्रम का अनुकूलतम उपयोग ।
धारा 7प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें
- 7 · 2024-07-05 · S.O. 2623(E) — Telecommunications Act commencement
7. (1) केन्द्रीय सरकार उपलब्ध स्पेक्ट्रम के अनुकूलतम उपयोग का संवर्धन करने के लिए स्पेक्ट्रम के किसी विशिष्ट भाग, जिसे मूल समनुदेशिती के रूप में ज्ञात निकाय को समनुदेशित किया गया है, को गौण समनुदेशितियों के रूप में ज्ञात एक या अधिक अतिरिक्त निकायों को वहां ऐसे निबंधनों और शर्तों के अधीन रहते हुए, जो विहित की जाए, समनुदेशित कर सकेगी, जहां ऐसा गौण समनुदेशिती मूल समनुदेशिती द्वारा स्पेक्ट्रम के सुसंगत भाग के उपयोग में हानिकर मध्याक्षेप नहीं करता है ।
(2) केन्द्रीय सरकार तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि में अंतर्विष्ट, किसी बात के होते हुए भी, संबंधित समनुदेशिती को सुने जाने का युक्तियुक्त अवसर प्रदान करने के पश्चात्, अवधारित कर सकेगी कि कोई स्पेक्ट्रम अपर्याप्त कारणों से ऐसी अवधि, जो विहित की जाए, के लिए अनुपयोजित रह गया है, ऐसे समनुदेशन को या ऐसे समनुदेशन के किसी भाग को समाप्त कर सकेगी या स्पेक्ट्रम उपयोजन के संबंध में और निबंधन और शर्तें विहित कर सकेगी ।
हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 16 जून 2025; मुद्रित पृष्ठ 417–447 · स्रोत PDF पृष्ठ: 142
धारा 8 · मानीटरी और प्रवर्तन तंत्र की स्थापना ।
धारा 8प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें
- 8 · 2024-07-05 · S.O. 2623(E) — Telecommunications Act commencement
8. (1) केन्द्रीय सरकार, अधिसूचना द्वारा ऐसा मानीटरी और प्रवर्तन तंत्र स्थापित कर सकेगी, जो वह स्पेक्ट्रम उपयोजन के लिए निबंधनों और शर्तों का पालन करने के लिए और समनुदेशित स्पेक्ट्रम के हस्तक्षेप मुक्त उपयोजन के लिए उचित समझे ।
(2) केन्द्रीय सरकार समनुदेशित स्पेक्ट्रम को बांटने, व्यापार करने, पट्टे पर देने और अभ्यर्पित करने को ऐसे निबंधनों और शर्तों, जिनके अंतर्गत लागू फीस या प्रभार हैं, अनुज्ञात कर सकेगी ।
हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 16 जून 2025; मुद्रित पृष्ठ 417–447 · स्रोत PDF पृष्ठ: 142
धारा 9 · फीस का प्रतिदाय न करना ।
धारा 99. कोई भी व्यक्ति, इस अधिनियम के अधीन किसी प्राधिकारी या समनुदेशन की बाबत संदत्त किसी फीस या प्रभार के प्रतिदाय का हकदार नहीं होगा, यदि ऐसा प्राधिकार या समनुदेशन निलंबित किया जाता है, कम किया जाता है, प्रतिसंहृण किया जाता है या उसमें फेर-फार किया जाता है ।
हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 16 जून 2025; मुद्रित पृष्ठ 417–447 · स्रोत PDF पृष्ठ: 142