NI Act धारा 99: टिप्पण
परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 · अध्याय 9: टिप्पण और प्रसाक्ष्य के संबंध में
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¶99. टिप्पण—जब कि वचन-पत्र या विनिमय-पत्र अप्रतिग्रहण द्वारा या असंदाय द्वारा अनादृत हो गया है तब धारक ऐसे अनादर का टिप्पण नोटरी पब्लिक से ऐसी लिखत पर या संलग्न कागज पर या भागत: एक पर और भागत: दूसरे पर करवा सकेगा । ऐसा टिप्पण अनादर के पश्चात् युक्तियुक्त समय के भीतर किया जाना चाहिए और उसमें अनादर की तारीख, ऐसे अनादर के लिए दिया गया कारण, यदि कोई हो, या यदि लिखत अभिव्यक्तत: अनादृत नहीं की गई है तो वह कारण, जिसके लिए धारक उसे अनादृत मानता है, और नोटरी पब्लिक के प्रभार विनिर्दिष्ट किए जाने चाहिएं ।
आधिकारिक संदर्भ: India Code, भारत सरकार — आधिकारिक हिंदी PDF — स्रोत समीक्षा: 5 अक्टूबर 2026.दर्ज संस्करण / स्नैपशॉट की तारीख: 2026-10-05.आधिकारिक हिंदी PDF से Banaka का संदर्भ प्रतिलेख; प्रमाणित या अलग दिनांकित समेकित संस्करण नहीं। PDF के खराब कॉपी-पेस्ट अक्षर-मानचित्र को उसके फ़ॉन्ट और अक्षर-संयोजन से पुनर्प्राप्त किया गया है। पंक्ति-विन्यास, पादटिप्पणी संकेत और अलग संशोधन टिप्पणियाँ हटाई गई हैं; मूल शब्द, उदाहरण और प्रावधान सुरक्षित हैं। PDF के स्रोत-वर्तनी और विराम-चिह्न अनियमितताएँ बनी हैं। समीक्षा की तारीख संस्करण की तारीख नहीं है। धारा 2 और ऐतिहासिक अनुसूची निरसित हैं। मूल PDF और लागू न्यायिक व्याख्या साथ पढ़ें।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें
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