NI Act धारा 94: वह रीति जिसमें सूचना दी जा सके

परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 · अध्याय 8: अनादर की सूचना के विषय में

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94. वह रीति जिसमें सूचना दी जा सके—अनादर की सूचना उस व्यक्ति के, जिसको उसका दिया जाना अपेक्षित है, सम्यक् रूप से प्राधिकृत अभिकर्ता को या जहां कि वह व्यक्ति मर गया है वहां उसके विधिक प्रतिनिधि को या जहां कि वह दिवालिया घोषित कर दिया गया है वहां उसके समनुदेशिती को दी जा सकेगी, वह मौखिक या लिखित हो सकेगी; यदि वह लिखित है तो डाक द्वारा भेजी जा सकेगी और किसी भी प्ररूप में हो सकेगी, किन्तु जिस पक्षकार को वह दी जाए उसको या तो अभिव्यक्त शब्दों में या युक्तियुक्त अर्थान्वयन से यह जानकारी देगी कि लिखत अनादृत हो गई है और किस प्रकार अनादृत हो गई है और यह कि वह उस पर दायी ठहराया जाएगा और वह अनादर के पश्चात् युक्तियुक्त समय के भीतर उस पक्षकार के, जिसके लिए कि वह आशयित है, कारबार के स्थान में या (उस दशा में, जिसमें ऐसे पक्षकार का कोई कारबार का स्थान नहीं है) उसके निवास-स्थान पर देनी होगी ।

यदि सूचना डाक द्वारा ठीक पते पर भेजी जाती है और गलत जगह चली जाती है तो ऐसी गलत जगह चली जाने से वह सूचना अविधिमान्य नहीं हो जाती ।

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आधिकारिक संदर्भ: India Code, भारत सरकार — आधिकारिक हिंदी PDF — स्रोत समीक्षा: 5 अक्टूबर 2026.दर्ज संस्करण / स्नैपशॉट की तारीख: 2026-10-05.आधिकारिक हिंदी PDF से Banaka का संदर्भ प्रतिलेख; प्रमाणित या अलग दिनांकित समेकित संस्करण नहीं। PDF के खराब कॉपी-पेस्ट अक्षर-मानचित्र को उसके फ़ॉन्ट और अक्षर-संयोजन से पुनर्प्राप्त किया गया है। पंक्ति-विन्यास, पादटिप्पणी संकेत और अलग संशोधन टिप्पणियाँ हटाई गई हैं; मूल शब्द, उदाहरण और प्रावधान सुरक्षित हैं। PDF के स्रोत-वर्तनी और विराम-चिह्न अनियमितताएँ बनी हैं। समीक्षा की तारीख संस्करण की तारीख नहीं है। धारा 2 और ऐतिहासिक अनुसूची निरसित हैं। मूल PDF और लागू न्यायिक व्याख्या साथ पढ़ें।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें

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