DPDP अधिनियम 2023 · प्रकीर्ण

भाषा: English

धारा 35 · सद्भावपूर्वक की गई कार्रवाई के लिए संरक्षण ।

धारा 35

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

35. इस अधिनियम के या बनाए गए नियमों के उपबंधों के अधीन की गई या किए जाने के लिए आशयित किसी बात, कोई वाद, अभियोजन, या अन्य विधिक कार्यवाहियां केन्द्रीय सरकार, बोर्ड, इसके अध्यक्ष और किसी सदस्य, अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध नहीं होगी ।

हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 9 सितंबर 2024; मुद्रित पृष्ठ 871–898 · स्रोत PDF पृष्ठ: 34

धारा 36 · सूचना मांगने की शक्ति ।

धारा 36

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

36. केन्द्रीय सरकार, इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए, बोर्ड और किसी डाटा न्यासी या मध्यवर्ती से यह अपेक्षा कर सकेगी कि वह ऐसी सूचना प्रस्तुत करे जिसकी वह मांग करे ।

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धारा 37 · निदेश जारी करने की केन्द्रीय सरकार की शक्ति ।

धारा 37

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

37. (1) केन्द्रीय सरकार या इसके द्वारा इस निमित्त विशेष रूप से प्राधिकृत अधिकारियों में से कोई अधिकारी, बोर्ड से लिखित में निम्नलिखित निर्देश की प्राप्ति पर—

(क) जो किसी डाटा न्यासी पर दो या अधिक वादों में बोर्ड द्वारा धनीय शास्ति के अधिरोपण की सूचना देता है ; और

(ख) जो जनसाधारण के हित में, किसी ऐसे कंप्यूटर स्रोत में सृजित, पारेषित, प्राप्त, भंडारित या परपोषित किसी सूचना तक जनता द्वारा पहुंच के लिए अवरुद्ध करने की सलाह देता है, जो ऐसे डाटा न्यासी को भारत के राज्यक्षेत्र के भीतर डाटा स्वामियों को माल या सेवाओं की प्रस्थापना से संबंधित किसी क्रियाकलाप को करने में समर्थ बनाता है, उस डाटा न्यासी को सुनवाई का अवसर देने के पश्चात्, यह समाधान हो जाने पर कि जनसाधारण के हित में ऐसा करना आवश्यक या समीचीन है, उन कारणों से जो लेखबद्ध किए जाएं, आदेश द्वारा, केन्द्रीय सरकार के किसी अभिकरण या किसी मध्यवर्ती को ऐसी किसी सूचना को जनता द्वारा पहुंच के लिए अवरुद्ध करने या जनता द्वारा पहुंच के लिए अवरुद्ध करवाने का निदेश दे सकेगी ।

(2) प्रत्येक मध्यवर्ती, जो उपधारा (1) के अधीन जारी किया गया निदेश प्राप्त करता है, उसका अनुपालन करने के लिए आबद्धकर होगा ।

(3) इस धारा के प्रयोजनों के लिए, “कंप्यूटर स्रोत”, “सूचना” और “मध्यवर्ती” पदों के वही अर्थ होंगे, जो क्रमश: सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 में उनके हैं ।

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धारा 38 · अन्य विधियों से संगतता ।

धारा 38

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

38. (1) इस अधिनियम के उपबंध तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के अतिरिक्त होंगे न कि उसके अल्पीकरण में ।

(2) इस अधिनियम के उपबंध और तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के उपबंध के बीच विरोध की दशा में, इस अधिनियम के उपबंध ऐसे विरोध की सीमा तक अभिभावी होंगे ।

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धारा 39 · अधिकारिता का वर्जन ।

धारा 39

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

39. किसी सिविल न्यायालय को ऐसे किसी विषय के संबंध में किसी वाद या कार्यवाही को ग्रहण करने की अधिकारिता नहीं होगी, जिसके लिए इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन बोर्ड को सशक्त किया गया है और इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन, किसी शक्ति के अनुसरण में की गई या की जाने वाली किसी कार्रवाई के संबंध में किसी न्यायालय या अन्य प्राधिकारी द्वारा कोई व्यादेश नहीं दिया जाएगा ।

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धारा 40 · नियम बनाने की शक्ति ।

धारा 40

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

40. (1) केन्द्रीय सरकार, अधिसूचना द्वारा और पूर्व प्रकाशन की शर्त के अधीन रहते हुए, इस अधिनियम के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए ऐसे नियम बना सकेगी, जो इस अधिनियम के उपबंधों से असंगत न हो ।

(2) विशिष्टतया और पूर्वगामी शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे नियम निम्नलिखित सभी या किन्हीं विषयों के लिए उपबंध कर सकेंगे, अर्थात् :—

(क) वह रीति, जिसमें धारा 5 की उपधारा (1) के अधीन डाटा न्यासी द्वारा डाटा स्वामी को दिया गया नोटिस उसे सूचित करेगा ;

(ख) वह रीति, जिसमें धारा 5 की उपधारा (2) के अधीन डाटा न्यासी द्वारा डाटा स्वामी को दिया गया नोटिस उसे सूचित करेगा ;

(ग) धारा 6 की उपधारा (8) के अधीन, जवाबदेही की रीति और सहमति प्रबंधक की बाध्यताएं ;

(घ) धारा 6 की उपधारा (9) के अधीन सहमति प्रबंधक के रजिस्ट्रीकरण की रीति और उससे संबंधित शर्तें ;

(ङ) आर्थिक सहायता, फायदा, सेवा, प्रमाणपत्र, प्रबंध या निर्गम के लिए अनुज्ञप्ति या अनुज्ञापत्र, जिसका धारा 7 के खंड (ख) के अधीन व्यक्तिगत डाटा प्रक्रमित किया जा सकेगा ;

(च) धारा 8 की उपधारा (6) के अधीन बोर्ड को व्यक्तिगत डाटा भंग की सूचना देने का प्ररूप और रीति ;

(छ) धारा 8 की उपधारा (8) के अधीन विनिर्दिष्ट प्रयोजन जिसका पूरा न किया जाना समझा जाए, के लिए समयावधि ;

(ज) धारा 8 की उपधारा (9) के अधीन डाटा संरक्षा अधिकारी की कारबार संपर्क सूचना प्रकाशित करने की रीति ;

(झ) धारा 9 की उपधारा (1) के अधीन सत्यापनीय सहमति अभिप्राप्त करने की रीति ;

(ञ) धारा 9 की उपधारा (4) के अधीन डाटा न्यासियों के वर्ग, शिशु के वैयक्तिक डाटा का प्रक्रमण करने के प्रयोजन और उससे संबंधित शर्तें ;

(ट) ऐसे अन्य विषय, जिनमें धारा 10 की उपधारा (2) के खंड (ग) के उपखंड

(i) के अधीन डाटा संरक्षा समाघात निर्धारण की प्रक्रिया भी है ;

(ठ) ऐसे अन्य उपाय, जिन्हें महत्वपूर्ण डाटा न्यासी, धारा 10 की उपधारा (2) के खंड (ग) के उपखंड (iii) के अधीन करेगा ;

(ड) वह रीति, जिसमें धारा 11 की उपधारा (1) के अधीन कोई डाटा स्वामी डाटा न्यासी को, सूचना और ऐसे डाटा स्वामी के वैयक्तिक डाटा से संबंधित कोई अन्य सूचना प्राप्त करने के लिए तथा इसके प्रक्रमण के लिए अनुरोध करेगा ;

(ढ) वह रीति, जिसमें धारा 12 की उपधारा (3) के अधीन कोई डाटा स्वामी, डाटा न्यासी को उसके व्यक्तिगत डाटा विलोपन के लिए अनुरोध करेगा ;

(ण) वह अवधि, जिसके भीतर धारा 13 की उपधारा (2) के अधीन डाटा न्यासी किन्हीं शिकायतों का देगा ;

(त) धारा 14 की उपधारा (1) के अधीन डाटा स्वामी द्वारा किसी अन्य व्यष्टिक को नामनिर्देशन करने की रीति ;

(थ) धारा 17 की उपधारा (2) के खंड (ख) के अधीन छूट के लिए वैयक्तिक डाटा प्रक्रमित करने के मानक ;

(द) धारा 19 की उपधारा (2) के अधीन बोर्ड के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति की रीति ;

(ध) धारा 20 की उपधारा (1) के अधीन, बोर्ड के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों के वेतन, और सेवा के अन्य निबंधन तथा शर्तें ;

(न) धारा 23 की उपधारा (1) के अधीन आदेशों, निदेशों और लिखतों के अधिप्रमाणन की रीति ;

(प) धारा 24 के अधीन बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति तथा सेवा के निबंधन और शर्तें ;

(फ) धारा 28 की उपधारा (1) के अधीन बोर्ड द्वारा अंगीकृत किए जाने वाले प्रौद्योगिकी–विधिक उपाय ;

(ब) धारा 28 की उपधारा (7) के खंड (घ) के अधीन अन्य विषय ;

(भ) धारा 29 की उपधारा (2) के अधीन अपील फाइल करने के लिए प्ररूप, रीति और फीस ;

(म) धारा 29 की उपधारा (8) के अधीन अपील पर कार्रवाई करने के लिए प्रक्रिया ;

(य) कोई अन्य विषय, जो विहित किया जाना है या विहित किया जाए या जिसके संबंध में नियमों द्वारा उपबंध किए जाने हैं या किए जाएं ।

हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 9 सितंबर 2024; मुद्रित पृष्ठ 871–898 · स्रोत PDF पृष्ठ: 35, 36

धारा 41 · नियमों और कतिपय अधिसूचनाओं का रखा जाना ।

धारा 41

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

41. इस अधिनियम की धारा 16 और धारा 42 के अधीन बनाया गया प्रत्येक नियम तथा जारी की गई प्रत्येक अधिसूचना, उसे बनाए जाने के तुरन्त पश्चात्, संसद्के प्रत्येक सदन के समक्ष, जब वह सत्र में हो, कुल तीस दिन की अवधि के लिए रखा जाएगा । यह अवधि एक सत्र में या दो या अधिक आनुक्रमिक सत्रों में पूरी हो सकेगी और यदि उस सत्र के या पूर्वोक्त आनुक्रमिक सत्रों के ठीक बाद के सत्र के अवसान के पूर्व दोनों सदन, यथास्थिति, नियम या अधिसूचना में कोई उपांतरण करने पर सहमत हो जाते हैं या दोनों सदन इस बात के लिए सहमत हो जाते हैं कि, यथास्थिति, ऐसे नियम को नहीं बनाया जाना चाहिए या अधिसूचना जारी नहीं की जानी चाहिए तो, यथास्थिति, ऐसा नियम या अधिसूचना केवल ऐसे उपांतरित रूप में ही प्रभावी होगा या प्रभावी नहीं रहेगा, तथापि, ऐसा कोई उपांतरण या रद्दकरण, उस नियम या अधिसूचना के अधीन पू्र्व में की गई किसी बात की विधिमान्यता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगा ।

हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 9 सितंबर 2024; मुद्रित पृष्ठ 871–898 · स्रोत PDF पृष्ठ: 36, 37

धारा 42 · अनुसूची का संशोधन करने की शक्ति ।

धारा 42

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

42. (1) केन्द्रीय सरकार, अधिसूचना द्वारा, इस निबंधन के अधीन रहते हुए अनुसूची का संशोधन कर सकेगी कि किसी अधिसूचना का प्रभाव इसमें विनिर्दिष्ट शास्ति को, उस शास्ति के दुगुने से अधिक बढ़ाने वाली नहीं होगी, जो इस अधिनियम के मूल रूप से अधिनियमित होने के समय इसमें विनिर्दिष्ट थी ।

(2) उपधारा (1) के अधीन अधिसूचित किसी संशोधन का ऐसा प्रभाव होगा मानो वह इस अधिनियम में अधिनियमित किया गया हो और अधिसूचना की तारीख को होगा ।

हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 9 सितंबर 2024; मुद्रित पृष्ठ 871–898 · स्रोत PDF पृष्ठ: 37

धारा 43 · कठिनाईयों को दूर करने की शक्ति ।

धारा 43

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

43. (1) यदि इस अधिनियम के उपबंधों को प्रभावी करने में कोई कठिनाई उत्पन्न होती है तो केन्द्रीय सरकार, राजपत्र में प्रकाशित आदेश द्वारा ऐसे उपबंध कर सकेगी जो इस अधिनियम के उपबंधों से असंगत न हों और जो कठिनाई को दूर करने के लिए उसे आवश्यक या समीचीन प्रतीत हो ।

(2) उपधारा (1) में यथानिर्दिष्ट कोई आदेश, इस अधिनियम के प्रारंभ की तारीख से तीन वर्ष की अवधि की समाप्ति के पश्चात्नहीं किया जाएगा ।

(3) इस धारा के अधीन किया गया प्रत्येक आदेश, इसके बनाए जाने के पश्चात्, यथाशीघ्र संसद्के प्रत्येक सदन के समक्ष रखा जाएगा ।

हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 9 सितंबर 2024; मुद्रित पृष्ठ 871–898 · स्रोत PDF पृष्ठ: 37

धारा 44 · कतिपय अधिनियमों के संशोधन ।

धारा 44

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

44. (1) भारतीय दूर-संचार विनियामक प्राधिकरण अधिनियम, 1997 की धारा 14 के खंड (ग) में, उपखंड (i) और उपखंड (ii) के स्थान पर निम्नलिखित उपखंड रखे जाएंगे, अर्थात् :— “(i) सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के अधीन अपील अधिकरण ;

(ii) भारतीय विमानपत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण अधिनियम, 2008 के अधीन अपील अधिकरण ; और

(iii) डिजिटल वैयक्तिक डाटा संरक्षण अधिनियम, 2023 के अधीन अपील अधिकरण ।”।

(2) सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 का निम्नलिखित रीति में संशोधन किया जाएगा, अर्थात् :—

(क) धारा 43क का लोप किया जाएगा ;

(ख) धारा 81 के परंतुक में “पेटेंट अधिनियम, 1970” शब्दों और अंकों के पश्चात्, “या डिजिटल वैयक्तिक डाटा संरक्षण अधिनियम, 2023” शब्द और अंक रखे जाएंगे;

(ग) धारा 87 की उपधारा (2) में खंड (णख) का लोप किया जाएगा ।

(3) सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 8 की उपधारा (1) के खंड (ञ) के स्थान पर निम्नलिखित खंड रखा जाएगा, अर्थात् :— “(ञ) सूचना, जो वैयक्तिक सूचना से संबंधित है ;”।

हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 9 सितंबर 2024; मुद्रित पृष्ठ 871–898 · स्रोत PDF पृष्ठ: 37, 38

9 सितंबर 2024 के राजपत्र में प्रकाशित हिंदी पाठ; प्रवर्तन की अधिसूचनाएं अलग दर्शाई गई हैं। 13 नवम्बर 2025 का मूल हिंदी नियम-पाठ और 5 फरवरी 2026 के शुद्धिपत्र की अलग संस्करण टिप्पणियाँ। शुद्धिपत्र के पृष्ठ-संदर्भ अंग्रेज़ी भाग से मेल खाते हैं और कुछ हिंदी वाक्यांश मूल पाठ में नहीं मिलते; यह प्रमाणित या समेकित संशोधित हिंदी संस्करण नहीं है।

संदर्भ के लिए, कानूनी सलाह या प्रमाणित संस्करण नहीं। प्रामाणिक पाठ के लिए सरकारी स्रोत देखें। प्रवर्तन की तारीखें बताए गए प्रावधानों तक सीमित हैं।