DPDP अधिनियम 2023 · शास्तियां और न्यायनिर्णयन

भाषा: English

धारा 33 · शास्तियां ।

धारा 33

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

33. (1) यदि बोर्ड किसी जांच की समाप्ति पर, यह अवधारित करता है कि किसी व्यक्ति द्वारा इस अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए नियमों के उपबंधों का भंग महत्वपूर्ण है, तो वह किसी व्यक्ति को सुनवाई का अवसर दिए जाने के पश्चात्, अनुसूची में विनिर्दिष्ट ऐसी धनीय शास्ति अधिरोपित कर सकेगा ।

(2) उपधारा (1) के अधीन अधिरोपित की जाने वाली धनीय शास्ति की रकम को अवधारित करते समय, बोर्ड निम्नलिखित मामलों को ध्यान में रखेगा, अर्थात् :—

(क) भंग की प्रकृति, गंभीरता और अवधि ;

(ख) भंग से प्रभावित वैयक्तिक डाटा का प्रकार और प्रकृति ;

(ग) भंग की आवृतिमूलक प्रकृति ;

(घ) क्या किसी व्यक्ति ने, भंग के परिणामस्वरूप लाभ प्राप्त किया है या किसी हानि से बच गया है ;

(ङ) क्या किसी व्यक्ति ने भंग के प्रभावों और परिणामों को न्यूनीकृत करने के लिए कोई कार्रवाई की और ऐसी कार्रवाई की सामयिकता तथा प्रभावकारिता क्या है ;

(च) क्या इस अधिनियम के उपबंधों का सुरक्षित रूप से पालन करने और उनके भयोपरत भंग करने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, अधिरोपित की जाने वाली धनीय शास्ति समानुपाती और प्रभावी है ; और

(छ) व्यक्ति पर धनीय शास्ति के अधिरोपण का संभाव्य प्रभाव ।

हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 9 सितंबर 2024; मुद्रित पृष्ठ 871–898 · स्रोत PDF पृष्ठ: 33, 34

धारा 34 · शास्तियों के रूप में वसूल की गई राशियों को भारत की संचित निधि में जमा किया जाना ।

धारा 34

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

34. इस अधिनियम के अधीन बोर्ड द्वारा अधिरोपित शास्तियों के रूप में प्राप्त सभी राशियां भारत की संचित निधि में जमा की जाएंगी ।

हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 9 सितंबर 2024; मुद्रित पृष्ठ 871–898 · स्रोत PDF पृष्ठ: 34

9 सितंबर 2024 के राजपत्र में प्रकाशित हिंदी पाठ; प्रवर्तन की अधिसूचनाएं अलग दर्शाई गई हैं। 13 नवम्बर 2025 का मूल हिंदी नियम-पाठ और 5 फरवरी 2026 के शुद्धिपत्र की अलग संस्करण टिप्पणियाँ। शुद्धिपत्र के पृष्ठ-संदर्भ अंग्रेज़ी भाग से मेल खाते हैं और कुछ हिंदी वाक्यांश मूल पाठ में नहीं मिलते; यह प्रमाणित या समेकित संशोधित हिंदी संस्करण नहीं है।

संदर्भ के लिए, कानूनी सलाह या प्रमाणित संस्करण नहीं। प्रामाणिक पाठ के लिए सरकारी स्रोत देखें। प्रवर्तन की तारीखें बताए गए प्रावधानों तक सीमित हैं।