DPDP अधिनियम 2023 · अपील और वैकल्पिक विवाद समाधान

भाषा: English

धारा 29 · अपील अधिकरण को अपील ।

धारा 29

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

29. (1) इस अधिनियम के अधीन बोर्ड द्वारा किए गए किसी आदेश या निदेश द्वारा व्यथित कोई व्यक्ति अपील अधिकरण के समक्ष अपील कर सकेगा ।

(2) उपधारा (1) के अधीन प्रत्येक अपील, उस आदेश या निदेश की प्राप्ति की तारीख से, जिसके विरुद्ध अपील की गई है, साठ दिन की अवधि के भीतर फाइल की जाएगी और वह ऐसे प्ररूप और रीति में होगी और उसके साथ ऐसी फीस संलग्न होगी, जो विहित की जाए ।

(3) अपील अधिकरण, उपधारा (2) में विनिर्दिष्ट अवधि की समाप्ति के पश्चात् किसी अपील को ग्रहण कर सकेगा, यदि उसका यह समाधान हो जाता है कि उस अवधि के भीतर अपील नहीं करने के लिए पर्याप्त कारण था ।

(4) उपधारा (1) के अधीन किसी अपील की प्राप्ति पर, अपील अधिकरण, अपील के पक्षकारों को सुनवाई का अवसर देने के पश्चात्, ऐसे आदेश की, जिसके विरुद्ध अपील की गई है, पुष्टि करने वाला, उसे उपांतरित करने वाला या अपास्त करने वाला उस पर ऐसा आदेश पारित कर सकेगा, जो वह ठीक समझे ।

(5) अपील अधिकरण, बोर्ड को और अपील के पक्षकारों को, उसके द्वारा किए गए प्रत्येक आदेश की प्रति भेजेगा ।

(6) उपधारा (1) के अधीन अपील अधिकरण के समक्ष फाइल की गई अपील पर यथासंभव शीघ्रता के साथ उसके द्वारा कार्रवाई की जाएगी तथा उस तारीख से, जब अपील उसे प्रस्तुत की गई है, छह मास की अवधि के भीतर अन्तिम रूप से अपील का निपटान करने का प्रयास किया जाएगा ।

(7) जहां उपधारा (6) के अधीन किसी अपील का छह मास की अवधि के भीतर निपटान नहीं किया जा सकता है, वहां अपील अधिकरण उस अवधि के भीतर अपील के निपटान नहीं किए जाने वाले कारणों को लेखबद्ध करेगा ।

(8) भारतीय दूर-संचार विनियामक प्राधिकरण अधिनियम, 1997 की धारा 14क और धारा 16 के उपबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, अपील अधिकरण, ऐसी प्रक्रिया के अनुसार, जो विहित की जाए, इस धारा के अधीन अपील का निपटारा करेगा ।

(9) जहां कोई अपील इस अधिनियम के अधीन अपील अधिकरण के आदेशों के विरुद्ध फाइल की जाती है, वहां भारतीय दूर-संचार विनियामक प्राधिकरण अधिनियम, 1997 की धारा 18 के उपबंध लागू होंगे ।

(10) इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन फाइल की गई अपीलों के संबंध में, अपील अधिकरण, यथासाध्य, डिजिटल कार्यालय के रूप में कार्य करेगा, जिसमें अपील की प्राप्ति, सुनवाई और डिजाइन द्वारा उसके डिजिटल होने के संबंध में विनिश्चयों की उद्घोषणा भी है ।

हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 9 सितंबर 2024; मुद्रित पृष्ठ 871–898 · स्रोत PDF पृष्ठ: 32

धारा 30 · अपील अधिकरण द्वारा पारित आदेश को डिक्री के रूप में निष्पादनीय होना ।

धारा 30

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

30. (1) इस अधिनियम के अधीन अपील अधिकरण द्वारा पारित कोई आदेश का इसके द्वारा सिविल न्यायालय की डिक्री के रूप में निष्पादनीय होगा, और इस प्रयोजन के लिए, अपील अधिकरण को सिविल न्यायालय की सभी शक्तियां प्राप्त होंगी ।

(2) उपधारा (1) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, अपील अधिकरण अपने द्वारा किए गए किसी आदेश को स्थानीय अधिकारिता रखने वाले सिविल न्यायालय को पारेषित कर सकेगा और ऐसा सिविल न्यायालय इस प्रकार आदेश निष्पादित करेगा मानो वह उस न्यायालय द्वारा की गई डिक्री हो ।

हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 9 सितंबर 2024; मुद्रित पृष्ठ 871–898 · स्रोत PDF पृष्ठ: 32, 33

धारा 31 · वैकल्पिक विवाद समाधान ।

धारा 31

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

31. यदि बोर्ड की यह राय है कि मध्यकता द्वारा किसी शिकायत का समाधान किया जा सकता है, तो वह ऐसे मध्यस्थ द्वारा ऐसी मध्यस्थता के माध्यम से विवाद के समाधान का प्रयास करने के लिए संबद्ध पक्षकारों को ऐसे निदेश दे सकेगा जैसे पक्षकार पारस्परिक रूप से सहमत हों या जैसा भारत में तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अधीन उपबंध किया गया हो ।

हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 9 सितंबर 2024; मुद्रित पृष्ठ 871–898 · स्रोत PDF पृष्ठ: 33

धारा 32 · स्वैच्छिक वचनबंध ।

धारा 32

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

32. (1) बोर्ड, धारा 28 के अधीन कार्यवाही के किसी प्रक्रम पर किसी व्यक्ति से इस अधिनियम के उपबंधों के पालन से संबंधित किसी मामले के संबंध में कोई स्वैच्छिक वचनबंध स्वीकार कर सकेगा ।

(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट स्वैच्छिक वचनबंध में ऐसे समय के भीतर, जो बोर्ड द्वारा अवधारित किया जाए, ऐसी कार्रवाई करने के लिए कोई वचनबंध सम्मिलित हो सकेगा, अथवा ऐसी कार्रवाई करने से, और ऐसे वचनबंध को विज्ञापित करने से दूर रह सकेगा ।

(3) बोर्ड, स्वैच्छिक वचनबंध स्वीकार करने के पश्चात् और ऐसे व्यक्ति की सहमति से, जिसने स्वैच्छिक वचनबंध दिया था, स्वैच्छिक वचनबंध में सम्मिलित निबंधनों में परिवर्तन कर सकेगा ।

(4) बोर्ड द्वारा स्वैच्छिक वचनबंध की स्वीकृति, उपधारा (5) के अन्तर्गत आने वाले मामलों के सिवाय, जहां तक स्वैच्छिक वचनबंध की अंतर्वस्तु का संबंध है, इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन कार्यवाहियों का वर्जन होगी ।

(5) जहां कोई व्यक्ति बोर्ड द्वारा स्वीकार किए गए स्वैच्छिक वचनबंध के किसी निबंधन का पालन करने में विफल रहता है, वहां ऐसा भंग इस अधिनियम के उपबंधों का भंग समझा जाएगा और बोर्ड, ऐसे व्यक्ति को सुनवाई का अवसर प्रदान करने के पश्चात्, धारा 33 के उपबंधों के अनुसार कार्यवाही करेगा ।

हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 9 सितंबर 2024; मुद्रित पृष्ठ 871–898 · स्रोत PDF पृष्ठ: 33

9 सितंबर 2024 के राजपत्र में प्रकाशित हिंदी पाठ; प्रवर्तन की अधिसूचनाएं अलग दर्शाई गई हैं। 13 नवम्बर 2025 का मूल हिंदी नियम-पाठ और 5 फरवरी 2026 के शुद्धिपत्र की अलग संस्करण टिप्पणियाँ। शुद्धिपत्र के पृष्ठ-संदर्भ अंग्रेज़ी भाग से मेल खाते हैं और कुछ हिंदी वाक्यांश मूल पाठ में नहीं मिलते; यह प्रमाणित या समेकित संशोधित हिंदी संस्करण नहीं है।

संदर्भ के लिए, कानूनी सलाह या प्रमाणित संस्करण नहीं। प्रामाणिक पाठ के लिए सरकारी स्रोत देखें। प्रवर्तन की तारीखें बताए गए प्रावधानों तक सीमित हैं।