DPDP अधिनियम 2023 · बोर्ड की शक्तियां, कृत्य और उसके द्वारा पालन की जाने वाली प्रक्रिया

भाषा: English

धारा 27 · बोर्ड की शक्तियां और कृत्य ।

धारा 27

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

27. (1) बोर्ड, निम्नलिखित शक्तियों का प्रयोग करेगा और कृत्यों का पालन करेगा, अर्थात् :—

(क) धारा 8 की उपधारा (6) के अधीन वैयक्तिक डाटा भंग की किसी सूचना की प्राप्ति पर, किसी वैयक्तिक डाटा भंग की दशा में, कोई अत्यावश्यक उपचारी या न्यूनीकरण उपायों का निदेश देना, और ऐसे वैयक्तिक डाटा भंग की जांच करना तथा इस अधिनियम में यथा उपबंधित शास्ति अधिरोपित करना ;

(ख) किसी वैयक्तिक डाटा भंग के संबंध में किसी डाटा स्वामी द्वारा की गई शिकायत पर या किसी डाटा न्यासी द्वारा उसके वैयक्तिक डाटा के संबंध में अपनी बाध्यताओं के पालन के भंग पर या इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन अपने अधिकारों का प्रयोग करने पर या केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार द्वारा उसको किए गए किसी निर्देश पर या किसी न्यायालय के निदेशों का अनुपालन करने पर, ऐसे भंग की जांच करना और इस अधिनियम में यथा उपबंधित शास्ति अधिरोपित करना ;

(ग) सहमति प्रबंधक द्वारा अपनी बाध्यताओं के अनुपालन में किसी भंग के संबंध में डाटा स्वामी द्वारा की गई शिकायत पर, उसके वैयक्तिक डाटा के संबंध में ऐसे भंग की जांच करना और इस अधिनियम में यथा उपबंधित शास्ति अधिरोपित करना ;

(घ) सहमति प्रबंधक के रजिस्ट्रीकरण की किसी शर्त के भंग की सूचना की प्राप्ति पर ऐसे भंग की जांच करना और इस अधिनियम में यथा उपबंधित शास्ति अधिरोपित करना ;

(ङ) किसी मध्यवर्ती द्वारा धारा 37 की उपधारा (2) के उपबंधों के पालन में भंग के संबंध में केन्द्रीय सरकार द्वारा दिए गए निर्देश पर, ऐसे भंग की जांच करना और इस अधिनियम में यथा उपबंधित शास्ति अधिरोपित करना ।

(2) बोर्ड, संबद्ध व्यक्ति को सुनवाई का अवसर प्रदान करने के पश्चात् और कारणों को लेखबद्ध करने के पश्चात्, इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन अपने कृत्यों के प्रभावी निर्वहन के लिए, ऐसे निदेश जारी कर सकेगा जो वह ऐसे व्यक्ति के लिए आवश्यक समझे, जो उसके अनुपालन करने के लिए आबद्धकर होगा ।

(3) बोर्ड, उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन जारी किसी निदेश से प्रभावित किसी व्यक्ति द्वारा किए गए अभ्यावेदन पर, या केन्द्रीय सरकार द्वारा किए गए निदेश पर, ऐसे निदेश को उपांतरित, निलंबित, वापस या रद्द कर सकेगा और ऐसा करते समय, ऐसी शर्तें अधिरोपित कर सकेगा जो वह ठीक समझे, जिनके अधीन रहते हुए उपांतरण, निलंबन, वापसी या रद्दकरण प्रभावी होगा ।

हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 9 सितंबर 2024; मुद्रित पृष्ठ 871–898 · स्रोत PDF पृष्ठ: 30

धारा 28 · बोर्ड द्वारा पालन की जाने वाली प्रक्रिया ।

धारा 28

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

28. (1) बोर्ड, स्वतंत्र निकाय के रूप में कार्य करेगा और, यथासाध्य, डिजिटल कार्यालय के रूप में कार्य करेगा जिसमें डिजाइन द्वारा उसके डिजिटल होने के संबंध में शिकायतों की प्राप्ति और आबंटन, विनिश्चयों की सुनवाई तथा उनकी उद्घोषणा भी है और ऐसी प्रौद्योगिकी-विधिक उपायों को अंगीकृत करेगा, जो विहित किए जाएं ।

(2) बोर्ड, धारा 27 की उपधारा (1) में यथा निर्दिष्ट सूचना या शिकायत या निर्देश या निदेशों की प्राप्ति पर, इस अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए नियमों के उपबंधों के अनुसार कार्रवाई कर सकेगा ।

(3) बोर्ड, यह अवधारित करेगा कि क्या किसी जांच में अग्रसर होने के लिए पर्याप्त आधार हैं ।

(4) यदि बोर्ड, यह अवधारित करता है कि अपर्याप्त आधार हैं तो वह उन कारणों के लिए जो लेखबद्ध किए जाएं, कार्यवाहियों को बंद कर सकेगा ।

(5) यदि बोर्ड यह अवधारित करता है कि जांच में अग्रसर होने के लिए पर्याप्त आधार हैं, तो वह उन कारणों के लिए जो लेखबद्ध किए जाएं, यह अभिनिश्चित करने के लिए किसी व्यक्ति के मामलों की जांच कर सकेगा कि क्या ऐसा व्यक्ति इस अधिनियम के उपबंधों का अनुपालन कर रहा है या उसने उनका अनुपालन किया है ।

(6) बोर्ड, प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करते हुए ऐसी जांच करेगा और ऐसी जांच के दौरान उसकी कार्रवाइयों के लिए कारणों को अभिलिखित करेगा ।

(7) बोर्ड को, इस अधिनियम के अधीन अपने कृत्यों के निर्वहन के प्रयोजनों के लिए, वही शक्तियां प्राप्त होंगी जो निम्नलिखित मामलों से संबंधित, सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के अधीन किसी सिविल न्यायालय में निहित होती हैं—

(क) किसी व्यक्ति को समन करना और उसे उपस्थित कराना तथा उसकी शपथ पर परीक्षा करना ;

(ख) दस्तावेजों के प्रकटीकरण और प्रस्तुत किए जाने की अपेक्षा करते हुए शपथपत्र पर साक्ष्य ग्रहण करना ;

(ग) किसी डाटा, पुस्तक, दस्तावेज, रजिस्टर, लेखा बही या अन्य दस्तावेज का निरीक्षण करना ; और

(घ) ऐसे अन्य विषय, जो विहित किए जाएं ।

(8) बोर्ड या उसके अधिकारी किसी परिसर तक पहुंच से निवारित नहीं करेंगे या किसी ऐसे उपस्कर या किसी ऐसी मद को अभिरक्षा में नहीं लेंगे, जो किसी व्यक्ति के दिन प्रतिदिन के कार्यकरण पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हो ।

(9) बोर्ड, इस धारा के प्रयोजनों के लिए, अपनी सहायता के लिए केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार के किसी पुलिस अधिकारी या किसी अधिकारी की सेवाओं की अपेक्षा कर सकेगा और ऐसे प्रत्येक अधिकारी का यह कर्तव्य होगा कि वह ऐसी अध्यपेक्षा का अनुपालन करे ।

(10) जांच के दौरान, यदि बोर्ड यह आवश्यक समझता है तो वह उन कारणों के लिए जो लेखबद्ध किए जाएं, संबद्ध व्यक्ति को सुनवाई का अवसर प्रदान करने के पश्चात्, अंतरिम आदेश जारी कर सकेगा ।

(11) जांच पूरी हो जाने पर और संबंधित व्यक्ति को सुनवाई का अवसर दिए जाने के पश्चात्, बोर्ड, उन कारणों के लिए जो लेखबद्ध किए जाएं, धारा 33 के अनुसार या तो कार्यवाहियों को बन्द कर सकेगा या कार्यवाही करने के लिए अग्रसर हो सकेगा ।

(12) किसी शिकायत की प्राप्ति के पश्चात्, किसी भी प्रक्रम पर, यदि बोर्ड की यह राय है कि शिकायत झूठी या तुच्छ है, तो बोर्ड, परिवादी को चेतावनी जारी कर सकेगा या उस पर खर्च अधिरोपित कर सकेगा ।

हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 9 सितंबर 2024; मुद्रित पृष्ठ 871–898 · स्रोत PDF पृष्ठ: 30, 31

9 सितंबर 2024 के राजपत्र में प्रकाशित हिंदी पाठ; प्रवर्तन की अधिसूचनाएं अलग दर्शाई गई हैं। 13 नवम्बर 2025 का मूल हिंदी नियम-पाठ और 5 फरवरी 2026 के शुद्धिपत्र की अलग संस्करण टिप्पणियाँ। शुद्धिपत्र के पृष्ठ-संदर्भ अंग्रेज़ी भाग से मेल खाते हैं और कुछ हिंदी वाक्यांश मूल पाठ में नहीं मिलते; यह प्रमाणित या समेकित संशोधित हिंदी संस्करण नहीं है।

संदर्भ के लिए, कानूनी सलाह या प्रमाणित संस्करण नहीं। प्रामाणिक पाठ के लिए सरकारी स्रोत देखें। प्रवर्तन की तारीखें बताए गए प्रावधानों तक सीमित हैं।