BNSS धारा 289: अध्याय का अनुप्रयोग
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 23: प्ली बार्गेनिंग
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289. (1) यह अध्याय उस आरोपी के संबंध में लागू होगा जिसके खिलाफ—
(ए) रिपोर्ट धारा 193 के तहत पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी द्वारा अग्रेषित की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि ऐसा प्रतीत होता है कि उसके द्वारा अपराध के अलावा कोई अन्य अपराध किया गया है जिसके लिए मौत की सजा या आजीवन कारावास या कारावास की सजा हो सकती है। वर्तमान में लागू कानून के तहत सात वर्ष से अधिक की अवधि का प्रावधान किया गया है; या
(बी) एक मजिस्ट्रेट ने शिकायत पर किसी अपराध का संज्ञान लिया है, उस अपराध के अलावा जिसके लिए मौत की सजा या आजीवन कारावास या सात साल से अधिक की अवधि के लिए कारावास की सजा का प्रावधान फिलहाल कानून के तहत किया गया है। बल, और धारा 223 के तहत शिकायतकर्ता और गवाहों की जांच करने के बाद, धारा 227 के तहत प्रक्रिया जारी की, लेकिन यह वहां लागू नहीं होता जहां ऐसा अपराध देश की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को प्रभावित करता है या किसी महिला या बच्चे के खिलाफ किया गया है।
(2) उपधारा (1) के प्रयोजनों के लिए, केंद्र सरकार, अधिसूचना द्वारा, उस समय लागू कानून के तहत अपराधों का निर्धारण करेगी जो देश की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को प्रभावित करने वाले अपराध होंगे।< br>
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 290. दलील सौदेबाजी के लिए आवेदन
- 291. पारस्परिक रूप से संतोषजनक स्वभाव के लिए दिशानिर्देश
- 292. पारस्परिक रूप से संतोषजनक स्वभाव की रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी
- 293. मामले का निपटान
- 294. न्यायालय का निर्णय
- 295. निर्णय की अंतिमता
- 296. दलील सौदेबाजी में न्यायालय की शक्ति
- 297. कारावास की सजा के विरुद्ध अभियुक्त द्वारा बिताई गई हिरासत की अवधि को समाप्त किया जाएगा
- 298. बचत
- 299. अभियुक्तों के बयानों का उपयोग नहीं किया जाएगा
- 300. अध्याय का लागू न होना