BNSS धारा 240: आरोप बदलने पर गवाहों को वापस बुलाना

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 18: शुल्क

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240. जब भी मुकदमा शुरू होने के बाद न्यायालय द्वारा कोई आरोप बदला या जोड़ा जाता है, तो अभियोजक और अभियुक्त को अनुमति दी जाएगी—
(ए) किसी भी गवाह को, जिसकी जांच की गई हो, वापस बुलाना या फिर से बुलाना और ऐसे परिवर्तन या परिवर्धन के संदर्भ में जांच करना, जब तक कि अदालत, लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों से, अभियोजक या अभियुक्त को अभियोजक या अभियुक्त के रूप में नहीं मानती है। ऐसा मामला हो सकता है, परेशान करने या देरी करने या न्याय के उद्देश्यों को विफल करने के उद्देश्य से ऐसे गवाह को वापस बुलाने या दोबारा जांच करने की इच्छा हो;
(बी) किसी अन्य गवाह को भी बुलाने के लिए जिसे न्यायालय महत्वपूर्ण समझे।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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