BNSS धारा 132: यदि कोई व्यक्ति उपस्थित नहीं है तो समन या वारंट
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 9: शांति बनाए रखने और अच्छे व्यवहार के लिए सुरक्षा
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132. यदि ऐसा व्यक्ति न्यायालय में उपस्थित नहीं है, तो मजिस्ट्रेट उसे उपस्थित होने के लिए एक समन जारी करेगा, या, जब ऐसा व्यक्ति हिरासत में है, तो उस अधिकारी को निर्देश देने वाला एक वारंट जारी करेगा जिसकी हिरासत में वह है कि वह उसे न्यायालय के समक्ष लाए:
बशर्ते कि जब भी किसी पुलिस अधिकारी की रिपोर्ट पर या अन्य जानकारी (जिस रिपोर्ट या जानकारी का सार मजिस्ट्रेट द्वारा दर्ज किया जाएगा) पर ऐसे मजिस्ट्रेट को यह प्रतीत होता है कि शांति भंग होने का डर होने का कारण है , और ऐसे व्यक्ति की तत्काल गिरफ्तारी के अलावा शांति के ऐसे उल्लंघन को रोका नहीं जा सकता है, मजिस्ट्रेट किसी भी समय उसकी गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी कर सकता है।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 125. दोषसिद्धि पर शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा
- 126. अन्य मामलों में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा
- 127. कुछ मामलों को प्रसारित करने वाले व्यक्तियों से अच्छे व्यवहार के लिए सुरक्षा
- 128. संदिग्ध व्यक्तियों से अच्छे व्यवहार के लिए सुरक्षा
- 129. आदतन अपराधियों से अच्छे व्यवहार के लिए सुरक्षा
- 130. आदेश दिया जाना है
- 131. न्यायालय में उपस्थित व्यक्ति के संबंध में प्रक्रिया
- 133. समन या वारंट के साथ आने वाले आदेश की प्रति
- 134. व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट देने की शक्ति
- 135. सूचना की सत्यता की जांच
- 136. सुरक्षा देने का आदेश
- 137. विरुद्ध सूचित व्यक्ति को सेवामुक्त करना
- 138. उस अवधि की शुरुआत जिसके लिए सुरक्षा आवश्यक है
- 139. बांड की सामग्री
- 140. ज़मानत को अस्वीकार करने की शक्ति
- 141. सुरक्षा के अभाव में कारावास
- 142. सुरक्षा देने में विफल रहने पर कैद किए गए व्यक्तियों को रिहा करने की शक्ति
- 143. बांड की समाप्त न हुई अवधि के लिए सुरक्षा