BNSS धारा 112: भारत के बाहर किसी देश या स्थान में जांच के लिए सक्षम प्राधिकारी को अनुरोध पत्र

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 8: कुछ मामलों में सहायता के लिए पारस्परिक व्यवस्था और संपत्ति की कुर्की और जब्ती की प्रक्रिया

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112. (1) यदि, किसी अपराध की जांच के दौरान, जांच अधिकारी या जांच अधिकारी से वरिष्ठ रैंक के किसी अधिकारी द्वारा आवेदन किया जाता है कि साक्ष्य भारत के बाहर किसी देश या स्थान पर उपलब्ध हो सकता है, तो कोई भी अपराधी न्यायालय किसी न्यायालय या उस देश या स्थान के किसी प्राधिकारी को अनुरोध पत्र जारी कर सकता है जो ऐसे अनुरोध से निपटने के लिए सक्षम है, ताकि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों से परिचित होने वाले किसी भी व्यक्ति की मौखिक रूप से जांच की जा सके और उसके दौरान दिए गए बयान को दर्ज किया जा सके। ऐसी जांच और ऐसे व्यक्ति या किसी अन्य व्यक्ति से यह अपेक्षा करना कि वह मामले से संबंधित कोई दस्तावेज़ या चीज़ जो उसके कब्जे में हो, प्रस्तुत करे और इस प्रकार लिए गए या एकत्र किए गए सभी साक्ष्य या उसकी प्रमाणित प्रतियां या इस प्रकार एकत्र की गई चीज़ को अग्रेषित करे। न्यायालय ऐसा पत्र जारी कर रहा है।
(2) अनुरोध पत्र उस तरीके से प्रेषित किया जाएगा जो केंद्र सरकार इस संबंध में निर्दिष्ट कर सकती है।
(3) उपधारा (1) के तहत दर्ज किया गया प्रत्येक बयान या दस्तावेज या प्राप्त वस्तु इस संहिता के तहत जांच के दौरान एकत्र किए गए साक्ष्य माने जाएंगे।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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