अध्याय 3: पाठ भाग 5
मृतक के लिए उबला हुआ चावल के साथ , दही, घी ,पानी और मिठाई अर्पण करें ।
15 कदम उत्तर दिशा की ओर चल कर , ज़मीन में एक गड्ढा बना कर ,अस्थिओं वाला बर्तन उस में रखें ।
एक लाइ इस पर रख कर ( जलने के समय जो पीड़ा हूई ,उसे दूर करती है ),बर्तन को किसी वाटर टैंक के पास ले जाएँ ।
अस्थिओं को कई बार दूध और पानी से छिडक कर ,संदल आदि से लेप कर , पूजा करें / पत्ते के डिब्बे में रख कर ,अपने माथा और हृदय से छू कर गंगा नदी के बीच में छोड़ें ।
जिन की अस्थियां , पानी में 10 दिन के अंदर डूब जाती हैं ,वह आत्मा ब्रह्म लोक से वापिस नहीं आती ।
जितनी देर तक अस्थियाँ तैरती रहती हैं , वह स्वर्ग लोक में रहता है ।
अस्थियां विसर्जन के बाद 10 दिन चलने वाली रस्में शुरू होती हैं. ।
अकस्मात मृत्यु कार्यक्रम की सूची :-
किसी अज्ञात जगह पर होने से ,और शरीर न मिलने पर, जिस दिन यह खबर मिले ,दर्भा घास की प्रतिमा बना कर उस को जलाएं । इस की राख इकठी करके गंगा नदी में विसर्जन करें । उस दिन से 10 दिन की रस्में पूरी करें ।
पाठ Banaka के हिंदी ऐप से लिया गया है। स्रोत और संस्करण।