अध्याय 14: पाठ भाग 3

देवता कभी काष्ट और पत्थर की शिला में नहीं रहते। वह तो प्राणी के भाव में विराजमान रहते हैं । इसलिए सद-भाव से युक्त भक्ति का आचरण करना चाहिए । इस पृथ्वी पर दान ,दम और दया , यह तीन सत्य तत्व हैं ।

दीन तथा सज्जन ब्रह्मिन को - दान अनाथ प्राणी का - संस्कार निर्जन प्रदेश में स्थित शिवलिंग की - पूजा

करोड़ों पुण्यों का फल प्रदान करता है ।

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