भाग III – मूलभूत अधिकार (12 – 35)
अनुच्छेद 33: इस भाग द्वारा प्रदत्त अधिकारों का, बलों आदि को लागू होने में, उपांतरण करने की संसद की शक्ति
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इस अनुच्छेद का अध्ययन यहाँ करेंमूल अधिकार →²[33. इस भाग द्वारा प्रदत्त अधिकारों का, बलों, आदि को लागू होने में, उपांतरण करने की संसद् की शक्ति–संसद्, विधि द्वारा, अवधारण कर सकेगी कि इस भाग द्वारा प्रदत्त अधिकारों में से कोई,–
(क) सशस्त्र बलों के सदस्यों को; या
(ख) लोक व्यवस्था बनाए रखने का भारसाधन करने वाले बलों के सदस्यों को; या
(ग) आसूचना या प्रति आसूचना के प्रयोजनों के लिए राज्य द्वारा स्थापित किसी ब्यूरो या अन्य संगठन में नियोजित व्यक्तियों को; या
(घ) खंड (क) से खंड (ग) में निर्दिष्ट किसी बल, ब्यूरो या संगठन के प्रयोजनों के लिए स्थापित दूरसंचार प्रणाली में या उसके संबंध में नियोजित व्यक्तियों को,
लागू होने में, किस विस्तार तक निर्बन्धित या निराकृत किया जाए जिससे उनके कर्तव्यों का उचित पालन और उनमें अनुशासन बना रहना सुनिश्चित रहे ।]
1. संविधान (पचासवां संशोधन) अधिनियम, 1984 की धारा 2 द्वारा (11-9-1984 से) अनुच्छेद 33 के स्थान पर प्रतिस्थापित।
आधिकारिक संदर्भ: भारत का संविधान 2024 (अंग्रेज़ी-हिंदी द्विभाषी संस्करण) · लिंक सत्यापित 2026-09-30
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