भाग III – मूलभूत अधिकार (12 – 35)
अनुच्छेद 26: धार्मिक कार्यों के प्रबंध की स्वतंत्रता
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इस अनुच्छेद का अध्ययन यहाँ करेंमूल अधिकार →26. धार्मिक कार्यों के प्रबंध की स्वतंत्रता–लोक व्यवस्था, सदाचार और स्वास्थ्य के अधीन रहते हुए, प्रत्येक धार्मिक संप्रदाय या उसके किसी अनुभाग को–
(क) धार्मिक और पूर्त प्रयोजनों के लिए संस्थाओं की स्थापना और पोषण का,
(ख) अपने धर्म विषयक कार्यों का प्रबंध करने का;
(ग) जंगम और स्थावर संपत्ति के अर्जन और स्वामित्व का; और
(घ) ऐसी संपत्ति का विधि के अनुसार प्रशासन करने का,
अधिकार होगा ।
आधिकारिक संदर्भ: भारत का संविधान 2024 (अंग्रेज़ी-हिंदी द्विभाषी संस्करण) · लिंक सत्यापित 2026-09-30
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