धारा 5: लोक सूचना अधिकारियों का पदनाम
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 · हिंदी समेकित अध्ययन पाठ और सरल व्याख्या। स्वतंत्र शैक्षिक सामग्री, कानूनी सलाह या सरकारी सेवा नहीं।
इस धारा को समझें
यह धारा लोक सूचना अधिकारी और सहायक अधिकारियों की व्यवस्था तथा आवेदक की सहायता बताती है। सहायक अधिकारी के माध्यम से दिए अनुरोध में धारा 7(1) की अवधि की गणना हेतु पाँच दिन जोड़े जाते हैं। संबंधित अभिलेख रखने वाले प्राधिकरण का अधिकारी चुनें।
Banaka की मूल व्याख्या · जाँच: 30 सितंबर 2026 · आधिकारिक हिंदी अनुवाद नहीं।
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Banaka का संपादकीय समेकित अध्ययन पाठ · 18 नवंबर 2025 के अंग्रेज़ी संस्करण से मिलान। सरल व्याख्या ऊपर अलग दी गई है। मूल अंग्रेज़ी पाठ के लिए ‘Read in English’ खोलें।
5. लोक सूचना अधिकारियों का पदनाम.
(1) प्रत्येक लोक प्राधिकारी, इस अधिनियम के अधिनियमन के सौ दिन के भीतर सभी प्रशासनिक एककों या उसके अधीन कार्यालयों में, यथास्थिति, केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारियों या राज्य लोक सूचना अधिकारियों के रूप में उतने अधिकारियों को अभिहित करेगा, जितने इस अधिनियम के अधीन सूचना के लिए अनुरोध करने वाले व्यक्तियों को सूचना प्रदान करने के लिए आवश्यक हो।
(2) उपधारा (1) के उपबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, प्रत्येक लोक प्राधिकारी, इस अधिनियम के अधिनियमन के सौ दिन के भीतर किसी अधिकारी को प्रत्येक उपमंडल स्तर या अन्य उप जिला स्तर पर, यथास्थिति, केंद्रीय सहायक लोक सूचना अधिकारी या किसी राज्य सहायक लोक सूचना अधिकारी के रूप में इस अधिनियम के अधीन सूचना के लिए आवेदन या अपील प्राप्त करने और उसे तत्काल, यथास्थिति, केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी या धारा 19 की उपधारा (1) के अधीन विनिर्दिष्ट वरिष्ठ अधिकारी या केंद्रीय सूचना आयोग अथवा राज्य सूचना आयोग को भेजने के लिए, पदाभिहित करेगा:
परंतु यह कि जहां सूचना या अपील के लिए कोई आवेदन यथास्थिति, किसी केन्द्रीय सहायक लोक सूचना अधिकारी या किसी राज्य सहायक लोक सूचना अधिकारी को दिया जाता है, वहां धारा 7 की उपधारा (1) के अधीन विनिर्दिष्ट उत्तर के लिए अवधि की संगणना करने में पांच दिन की अवधि जोड़ दी जाएगी।
(3) यथास्थिति, प्रत्येक केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, सूचना की मांग करने वाले व्यक्तियों के अनुरोधों पर कार्रवाई करेगा और ऐसी सूचना की मांग करने वाले व्यक्तियों को युक्तियुक्त सहायता प्रदान करेगा।
(4) यथास्थिति, केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, ऐसे किसी अन्य अधिकारी की सहायता की मांग कर सकेगा, जिसे वह अपने कृत्यों के समुचित निर्वहन के लिए आवश्यक समझे।
(5) कोई अधिकारी, जिसकी उपधारा (4) के अधीन सहायता चाही गई है, उसकी सहायता चाहने वाले यथास्थिति, केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी को सभी सहायता प्रदान करेगा और इस अधिनियम के उपबंधों के किसी उल्लंघन के प्रयोजनों के लिए ऐसे अन्य अधिकारी को, यथास्थिति, केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी समझा जाएगा।