NI Act · मौलिक व्याख्याएँ

धारा 138 की चेक बाउंस शिकायत कहाँ करें?

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धारा 142(2) में खाते से चेक संग्रह और अन्य प्रस्तुति की अलग स्थितियाँ समझें; बैंक-शाखा और धारा 142A के प्रावधान पढ़ें।

धारा 142(1) पाने वाले या सम्यक्-अनुक्रम धारक की लिखित शिकायत और धारा 138 के अपराध का विचारण करने वाले न्यायालय का न्यूनतम स्तर बताती है। यह वैधानिक शिकायत का रास्ता है; हर चेक-वापसी को सामान्य FIR प्रक्रिया बताने से अधिनियम की विशेष शर्तें छूटती हैं। स्थान संबंधी अधिकारिता धारा 142(2) में अलग है।

खाते के माध्यम से संग्रह के लिए चेक देने पर धारा 142(2)(क) उस शाखा को देखती है जहाँ पाने वाला या सम्यक्-अनुक्रम धारक अपना खाता रखता है। स्पष्टीकरण उसी बैंक की किसी शाखा में संग्रह के लिए दिए चेक को खाता रखने वाली शाखा में दिया मानता है। इसलिए जहाँ चेक हाथ से जमा किया गया, वह हमेशा इस प्रावधान की प्रासंगिक खाता-शाखा नहीं होगी।

खाते के माध्यम के अलावा प्रस्तुत चेक में धारा 142(2)(ख) अदाकर्ता बैंक की वह शाखा देखती है जहाँ चेक देने वाला खाता रखता है। धारा 142A निर्दिष्ट स्थितियों में अंतरित कार्यवाही और बाद की शिकायतों को भी देखती है। न्यायालय चुनने से पहले संग्रह का तरीका, दोनों खाता-शाखाएँ और पहले की कार्यवाही पहचानें; केवल पक्षों के घर के पते बैंकिंग नियम का उत्तर नहीं देते।

उदाहरण से समझें

उदाहरण: पाने वाले का खाता शाखा A में है, पर वह उसी बैंक की शाखा B में खाते से संग्रह के लिए चेक देता है। धारा 142(2) का स्पष्टीकरण प्रासंगिक है; केवल भौतिक जमा के कारण B चुनने से A की भूमिका छूट सकती है। खाते के अलावा प्रस्तुत चेक में दूसरा वैधानिक शाखा-नियम देखना होगा।

मुख्य अंतर

पहले खाते से संग्रह और अन्य प्रस्तुति अलग करें; फिर अधिनियम में बताई शाखा पहचानें।

संबंधित धाराएँ पढ़ें

सरकारी NI Act पाठ में CrPC के संदर्भ हैं। BNSS का निरसन, व्यावृत्तियाँ और कार्यवाही का समय अलग देखना जरूरी है; इस संग्रह में संदर्भ यंत्रवत नहीं बदले गए हैं।

मौलिक शैक्षिक व्याख्याएँ, व्यक्तिगत कानूनी सलाह नहीं। हिंदी मार्गदर्शक वैधानिक अनुवाद नहीं हैं। सरकारी अंग्रेज़ी HTML और हिंदी PDF स्नैपशॉट की समीक्षा 5 अक्टूबर 2026 को हुई; यह अलग दिनांकित समेकित संस्करण नहीं है। सरकारी पाठ और लागू न्यायिक व्याख्या पढ़ें। सरकारी अधिनियम