दूर संचार अधिनियम 2023 · अनुसूचियां
भाषा: English
अधिनियम की अनुसूची 1 · पहली अनुसूची
अधिनियम की अनुसूची 1पहली अनुसूची [धारा 4(4), (5) और धारा 57(1) देखिए] प्रशासनिक प्रक्रिया के माध्यम से स्पेक्ट्रम का समनुदेशन
1. राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा ।
2. विधि प्रवर्तन और अपराध निवारण ।
3. लोक प्रसारण सेवाएं ।
4. आपदा प्रबंधन, जीवन और संपत्ति की रक्षा ।
5. वैज्ञानिक अनुसंधान, संसाधन विकास और खोज का संवदर्धन ।
6. सड़कों, रेल मार्गों, मैट्रो, क्षेत्रीय रेल, अन्तरदेशीय जलमार्गों, विमानपत्तनों, पाइप लाइनों, पोत परिवहन और अन्य यातायात प्रणालियों की सुरक्षा और प्रचालन ।
7. प्राकृतिक संसाधनों और वन्य जीवन का संरक्षण ।
8. मौसम विभाग और मौसम पूर्वानुमान ।
9. अव्यवसायी स्टेशनों, नौ-परिवहन, दूरमिति और अन्य समान उपयोगों के लिए अंतर्राष्ट्रीय मान्यताप्राप्त समर्पित बैंड ।
10. खानों, पत्तनों और तेल की खोज की सुरक्षा और प्रचालनों तथा ऐसे अन्य क्रियाकलापों के लिए, जहां स्पैक्ट्रम का उपयोग प्राथमिक रूप से सुरक्षा और प्रचालनों का समर्थन करने के लिए है, केन्द्रीय सरकार, राज्य सरकारों, या उनके अस्तित्वों या अन्य प्राधिकृत अस्तित्वों द्वारा उपयोग ।
11. पब्लिक मोबाइल रेडियो ट्रंकिंग सेवाएं ।
12. दूर संचार सेवाओं के लिए रेडियो बैकहाल । स्पष्टीकरण—“रेडियो बैकहाल” पद से दूर संचार नेटवर्कों में उपभोक्ता उपस्कर से भिन्न, केवल दूर संचार उपकरण को आपस में जोड़ने के लिए, रेडियो बारम्बारता का उपयोग अभिप्रेत होगा ।
13. सामुदायिक रेडिया स्टेशन ।
14. इन-फ्लाइट और समुद्रीय सहबद्धता ।
15. अंतरिक्ष अनुसंधान और अनुप्रयोग, प्रस्थान यान प्रचालन और सेटेलाइट नियंत्रण के लिए आधार स्टेशन ।
16. कतिपय सेटेलाइट आधारित सेवाएं, जैसे टेलीपोर्ट, टेलीविजन चैनल, डाइरेक्ट टू होम, हैडएंड इन द स्काई, डिजिटल सेटेलाइट समाचार एकत्रीकरण, वैरी स्माल अपेरचर टर्मिनल, सेटेलाइट द्वारा वैश्विक मोबाइल व्यक्तिगत संचार, राष्ट्रीय लंबी दूरी, अंतर्राष्ट्रीय लंबी दूरी, एल एंड एस बैंड में मोबाइल सेटेलाइट सेवा ।
17. दूर संचार सेवाओं के लिए केन्द्रीय सरकार, राज्य सरकारों, या उनके प्राधिकृत अभिकरणों द्वारा उपयोग ।
18. भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और महानगर टेलीफोन नेटवर्क लिमिटेड (एमटीएनएल) ।
19. नई प्रौद्योगिकियों के कार्यान्वयन को समर्थ बनाने के लिए परीक्षण जांच, परिप्रयोग, प्रदर्शन, जिसके अंतर्गत एक या अधिक विनियामक सैंडबाक्स का सृजन भी है ।
हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 16 जून 2025; मुद्रित पृष्ठ 417–447 · स्रोत PDF पृष्ठ: 165
अधिनियम की अनुसूची 2 · दूसरी अनुसूची
अधिनियम की अनुसूची 2दूसरी अनुसूची
[धारा 32(1)(क) और धारा 34(8) देखिए]
धारा 32 और धारा 34 के अधीन निबंधनों और शर्तों के भंग के लिए सिविल
शास्तियां
चौड़ी तालिका को क्षैतिज रूप से स्क्रॉल करें।
| प्रवर्गीकरण | सिविल शास्ति |
|---|---|
| कठोर | पांच करोड़ रुपए तक |
| वृहत् | एक करोड़ रुपए तक |
| मध्यम | दस लाख रुपए तक |
| लघु | एक लाख रुपए तक |
| अकठोर | लिखित चेतावनी । |
हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 16 जून 2025; मुद्रित पृष्ठ 417–447 · स्रोत PDF पृष्ठ: 166
अधिनियम की अनुसूची 3 · तीसरी अनुसूची
अधिनियम की अनुसूची 3तीसरी अनुसूची
[धारा 33(1), (2), धारा 34(1),(3), (5) और धारा 34(8) देखिए]
कतिपय उल्लंघनों के लिए सिविल शास्तियां
चौड़ी तालिका को क्षैतिज रूप से स्क्रॉल करें।
| क्र.सं. | अधिनियम के अधीन उल्लंघन | सिविल शास्ति |
|---|---|---|
| 1. | (क) धारा 42 की उपधारा (3) के खंड (घ) और खंड (च) के अधीन अपराध के सिवाय, प्राधिकार या छूट के बिना रेडियो उपस्कर रखना ; (ख) अधिसूचित संख्या के आधिक्य में अंशदाता पहचान मोड्यूल का उपयोग । | प्रथम अपराध : पचास हजार रुपए तक सिविल शास्ति । प्रत्येक पश्चातवर्ती अपराध : ऐसे प्रत्येक अवसर के लिए दो लाख रुपए तक की सिविल शास्ति । |
| 2. | यह जानते हुए या ऐसा विश्वास करने का कारण रखते हुए कि ऐसी दूर संचार सेवा या दूर संचार नेटवर्क के पास इस अधिनियम के अधीन अपेक्षित प्राधिकार नहीं है, किसी व्यक्ति या अस्तित्व द्वारा किसी दूर संचार सेवा या दूर संचार नेटवर्क का उपयोग । | दस लाख रुपए तक की सिविल शास्ति । |
| 3. | धारा 28 (उपयोक्ताओं के संरक्षण हेतु उपाय) के उपबंधों का उल्लंघन । | प्रथम अपराध : पचास हजार रुपए तक सिविल शास्ति । प्रत्येक पश्चातवर्ती अपराध : ऐसे प्रत्येक अवसर के लिए दो लाख रुपए तक की सिविल शास्ति, या दूर संचार सेवा का निलंबन या दोनों का संयोजन । |
| 4. | इस अधिनियम के अधीन किसी विषय के संबंध में इस अधिनियम या नियमों, या किसी समनुदेशन या प्राधिकार के किन्हीं निबंधनों या शर्तों का उल्लंघन, जिसके लिए इस अधिनियम में अन्यत्र कोई शास्ति या दंड का उपबंध नहीं किया गया है । | प्रथम अपराध : पच्चीस हजार रुपए तक सिविल शास्ति । द्वितीय या पश्चातवर्ती अपराध : प्रथम दिन के पश्चात्प्रत्येक दिन के लिए, जिसके दौरान उल्लंघन जारी रहता है, पचास हजार रुपए तक की और सिविल शास्ति । |
हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 16 जून 2025; मुद्रित पृष्ठ 417–447 · स्रोत PDF पृष्ठ: 167