NI Act धारा 122: पूर्विक पक्षकार के हस्ताक्षर या सामर्थ्य का प्रत्याख्यान करने के विरुद्ध विबन्ध

परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 · अध्याय 13: साक्ष्य के विशेष नियम

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122. पूर्विक पक्षकार के हस्ताक्षर या सामर्थ्य का प्रत्याख्यान करने के विरुद्ध विबन्ध—परक्राम्य लिखत का कोई भी पृष्ठांकक किसी पश्चात्वर्ती धारक द्वारा उसके आधार पर किए गए वाद में उस लिखत के किसी भी पूर्विक पक्षकार के हस्ताक्षर या उसकी संविदा करने की सामर्थ्य का प्रत्याख्यान करने के लिए अनुज्ञात न होगा ।

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आधिकारिक संदर्भ: India Code, भारत सरकार — आधिकारिक हिंदी PDF — स्रोत समीक्षा: 5 अक्टूबर 2026.दर्ज संस्करण / स्नैपशॉट की तारीख: 2026-10-05.आधिकारिक हिंदी PDF से Banaka का संदर्भ प्रतिलेख; प्रमाणित या अलग दिनांकित समेकित संस्करण नहीं। PDF के खराब कॉपी-पेस्ट अक्षर-मानचित्र को उसके फ़ॉन्ट और अक्षर-संयोजन से पुनर्प्राप्त किया गया है। पंक्ति-विन्यास, पादटिप्पणी संकेत और अलग संशोधन टिप्पणियाँ हटाई गई हैं; मूल शब्द, उदाहरण और प्रावधान सुरक्षित हैं। PDF के स्रोत-वर्तनी और विराम-चिह्न अनियमितताएँ बनी हैं। समीक्षा की तारीख संस्करण की तारीख नहीं है। धारा 2 और ऐतिहासिक अनुसूची निरसित हैं। मूल PDF और लागू न्यायिक व्याख्या साथ पढ़ें।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें

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