DPDP अधिनियम 2023 · नियमावली, 2025

भाषा: English

सा.का.नि.846(अ).–– डिजिटल वैयिक्तिक डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 (2023 का 22) की धारा 40 की उप-धारा (1) के अंतर्गत यथापेक्षित डिजिटल वैयिक्तिक डेटा संरक्षण नियमावली, 2025 का मसौदा, भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की दिनांक 3 जनवरी, 2025 की अधिसूचना संख्या जी.एस.आर. 02 (ई) के तहत भारत के राजपत्र, असाधारण, भाग II, खंड 3, उप-खंड (i) में दिनांक 3 जनवरी, 2025 को प्रकाशित किया गया था, जिसमें इससे प्रभावित होने की संभावना वाले सभी व्यक्तियों से उक्त अधिसूचना वाले आधिकारिक राजपत्र की प्रतियां जनता को उपलब्ध कराए जाने की तारीख से पैंतालीस दिनों की अवधि समाप्त होने से पहले आपत्तियां और सुझाव आमंत्रितकिए गए थे; और जबकि उक्त आधिकारिक राजपत्र की प्रतियां 3 जनवरी, 2025 को जनता को उपलब्ध कराई गईं; और जबकि उक्त मसौदा नियमों के संबंध में जनता से प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर केंद्र सरकार द्वारा विचार किया गया है; अतः, अब डिजिटल वैयिक्तिक डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 (2023 का 22वां) की धारा 40 की उप-धारा (1) और (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केंद्र सरकार एतद्द्वारा निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्: -

अधिसूचना का सरकारी स्रोत

नियम 1 · संक्षिप्त नाम और प्रारंभ

नियम 1

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ — (1) इन नियमों को डिजिटल वैयिक्तिक डेटा संरक्षण नियमावली, 2025 कहा जाए।

(2) नियम 1, 2 और 17 से 21 राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रवृत्त होंगे।

(3) नियम 4 इस राजपत्र के प्रकाशन की तिथि से एक वर्ष के बाद प्रवृत्त होगा।

(4) नियम 3, 5 से 16, 22 और 23 इस राजपत्र के प्रकाशन की तिथि से अठारह माह के बाद प्रवृत्त होंगे।

सा.का.नि. 846(अ) — मूल हिंदी नियमावली · 13 नवम्बर 2025; हिंदी पाठ, स्रोत पृष्ठ 1–23 · स्रोत PDF पृष्ठ: 1, 2

नियम 2 · परिभाषाएँ

नियम 2

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

2. परिभाषाएँ :—(1) इन नियमों में, जब तक कि संदर्भ के अनुसार अन्यथा अपेक्षित न हो, -

(क) "अधिनियम" से डिजिटल वैयिक्तिक डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 (2023 का 22वां) अभिप्रेत है;

(ख) "तकनीकी-कानूनी उपाय" से नियम 20 और 22 के अंतर्गत यथाविनिर्दिष्ट अर्थ अभिप्रेत है;

(ग) "उपयोगकर्ता खाता" से डेटा प्रिंसिपल द्वारा डेटा फ़िड्युसरी के साथ पंजीकृत ऑनलाइन खात◌ा अभिप्रेत है; और इसमें कोई भी प्रोफ़ाइल, पृष्ठ, हैंडल, ई-मेल पता, मोबाइल नंबर और ऐसी ही अन्य उपस्थितियाँ शामिल हैं जिनके माध्यम से ऐसा डेटा प्रिंसिपल ऐसे डेटा फ़िड्युसरी की सेवाओं का अभिगम कर सकता है; और

(घ) "सत्यापन योग्य सहमति" से नियम 10 या 11 में यथाविनिर्दिष्ट सहमति अभिप्रेत है।

(2) इन नियमों में प्रयुक्त और परिभाषित नहीं किए गए, किन्तु अधिनियम में परिभाषित उन शब्दों और अभिव्यक्तियों के वही अर्थ अभिप्रेत होंगे जो अधिनियम में क्रमशः उनके लिए परिभाषित किए गए हैं।

सा.का.नि. 846(अ) — मूल हिंदी नियमावली · 13 नवम्बर 2025; हिंदी पाठ, स्रोत पृष्ठ 1–23 · स्रोत PDF पृष्ठ: 2

नियम 3 · डेटा फ़िड्युसरी द्वारा डेटा प्रिंसिपल को दिया गया नोटिस

नियम 3

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

3. डेटा फ़िड्युसरी द्वारा डेटा प्रिंसिपल को दिया गया नोटिस — डेटा फ़िड्युसरी द्वारा डेटा प्रिंसिपल को दियश गया

नोटिस—

(क) प्रस्तुत किया जाएगा और किसी भी अन्य जानकारी से स्वतंत्र रूप से समझने योग्य होगा जो ऐसे डेटा फ़िड्युसरी द्वारा उपलब्ध कराई गई है, उपलब्ध है या उपलब्ध कराई जा सकती है;

(ख) स्पष्ट और सरल भाषा में, डेटा प्रिंसिपल को उसके वैयिक्तिक डेटा के प्रसंस्करण के लिए विशिष्ट और सूचित सहमति देने में सक्षम बनाने के लिए आवश्यक उचित विवरण देगा, जिसमें कम से कम, -

(i) ऐसे वैयिक्तिक डेटा का एक मदवार विस्तृत विवरण; और

(ii) ऐसे प्रसंस्करण द्वारा प्रदान की जाने वाली वस्तुओं या सेवाओं या उपयोगों के विनिर्दिष्ट उद्देश्य या उद्देश्यों और विशिष्ट विवरण दिए जाएंगे; और

(ग) ऐसे डेटा फ़िड्युसरी की वेबसाइट या ऐप, या दोनों का अभिगम करने के लिए विशेष संचार लिंक, और अन्य साधनों का विवरण, यदि कोई हो, जिसका उपयोग करके ऐसा डेटा प्रिंसिपल -

(i) अपनी सहमति वापस ले सकता है, ऐसा करने की सहूलियत उस सहमति के बराबर होगी जिससे ऐसी सहमति दी गई थी;

(ii) अधिनियम के तहत अपने अधिकारों का प्रयोग कर सकता है; और

(iii) बोर्ड में शिकायत दर्ज कर सकता है।

सा.का.नि. 846(अ) — मूल हिंदी नियमावली · 13 नवम्बर 2025; हिंदी पाठ, स्रोत पृष्ठ 1–23 · स्रोत PDF पृष्ठ: 2

नियम 4 · सहमति प्रबंधक का पंजीकरण और दायित्व

नियम 4

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

4. सहमति प्रबंधक का पंजीकरण और दायित्व — (1) कोई व्यक्ति जो प्रथम अनुसूची के भाग ‘क’ में सहमति प्रबंधकों के पंजीकरण हेतु यथानिर्धारित शर्तों को पूरा करता है, वह बोर्ड को सहमति प्रबंधक के रूप में पंजीकरण हेतु ऐसे विवरण और अन्य जानकारी तथा दस्तावेज प्रस्तुत करके आवेदन कर सकता है, जिन्हें बोर्ड अपनी वेबसाइट पर इनकी ओर से प्रकाशित कर सकता है।

(2) ऐसा आवेदन प्राप्त होने पर, बोर्ड अपने विवेकानुसार प्रथम अनुसूची के भाग ‘क’ में यथानिर्धारित शर्तों की पूर्ति के संबंध में स्वयं को संतुष्ट करने के लिए ऐसी जांच कर सकता है और यदि वह -

(क) इस बात से संतुष्ट है, तो आवेदक को सहमति प्रबंधक के रूप में पंजीकृत करेगा, आवेदक को सूचित करेगा, और ऐसे सहमति प्रबंधक के विवरण अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करेगा; या

(ख) इस बात से संतुष्ट नहीं है, तो आवेदन को अस्वीकार कर देगा और आवेदक को अस्वीकृति के कारण बताएगा।

(3) सहमति प्रबंधक के दायित्व प्रथम अनुसूची के भाग ख में निर्दिष्ट अनुसार होंगे।

(4) यदि बोर्ड की राय है कि कोई सहमति प्रबंधक इस नियम के अंतर्गत शर्तों और दायित्वों का पालन नहीं कर रहा है, तो वह सुनवाई का अवसर देने के पश्चात, सहमति प्रबंधक को ऐसे गैर-अनुपालन की सूचना दे सकता है और सहमति प्रबंधक को अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए उपाय करने का निर्देश दे सकता है।

(5) यदि बोर्ड संतुष्ट हो कि डेटा प्रिंसिपलों के हित में ऐसा करना आवश्यक है, तो वह सहमति प्रबंधक को सुनवाई का अवसर देने के पश्चात, लिखित रूप में कारणों को दर्ज करते हुए, आदेश द्वारा, -

(क) ऐसे सहमति प्रबंधक का पंजीकरण निलंबित या रद्द कर सकता है; और

(ख) डेटा प्रिंसिपलों के हितों की रक्षा के लिए उस सहमति प्रबंधक को ऐसे निर्देश दे सकता है जो वह उचित समझे।

(6) बोर्ड, इस नियम के प्रयोजनों के लिए, सहमति प्रबंधक से ऐसी जानकारी प्रदान करने की अपेक्षा कर सकता है जिसकी बोर्ड मांग करे।

सा.का.नि. 846(अ) — मूल हिंदी नियमावली · 13 नवम्बर 2025; हिंदी पाठ, स्रोत पृष्ठ 1–23 · स्रोत PDF पृष्ठ: 2, 3

नियम 5 · राज्य और उसके उपकरणों द्वारा सब्सिडी, लाभ, सेवा, प्रमाण पत्र, लाइसेंस या परमिट के प्रावधान या जारी करने के लिए वैयिक्तिक डेटा का प्रसंस्करण

नियम 5

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

5. राज्य और उसके उपकरणों द्वारा सब्सिडी, लाभ, सेवा, प्रमाण पत्र, लाइसेंस या परमिट के प्रावधान या जारी करने के लिए वैयिक्तिक डेटा का प्रसंस्करण — (1) इस नियम के तहत डेटा प्रिंसिपल के वैयिक्तिक डेटा का प्रसंस्करण दूसरी अनुसूची में निर्दिष्ट मानकों का पालन करते हुए किया जाएगा।

(2) इस नियम और दूसरी अनुसूची में, किसी भी सब्सिडी, लाभ, सेवा, प्रमाण पत्र, लाइसेंस या परमिट का संदर्भ जो प्रदान किया जाता है या जारी किया जाता है -

(क) कानून के तहत राज्य या उसके किसी भी उपकरण द्वारा किसी भी समय लागू कानून के तहत किसी भी शक्ति के प्रयोग या किसी भी कार्य के निष्पादन में ऐसी सब्सिडी, लाभ, सेवा, प्रमाण पत्र, लाइसेंस या परमिट के प्रावधान या जारी करने के संदर्भ के रूप में समझा जाएगा;

(ख) नीति के तहत केंद्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा अपनी कार्यकारी शक्ति के प्रयोग में जारी की गई किसी भी नीति या निर्देश के तहत ऐसी सब्सिडी, लाभ, सेवा, प्रमाण पत्र, लाइसेंस या परमिट के प्रावधान या जारी करने के संदर्भ के रूप में समझा जाएगा; और

(ग) सार्वजनिक निधियों का उपयोग करने का अर्थ ऐसी सब्सिडी, लाभ, सेवा, प्रमाणपत्र, लाइसेंस या परमिट के प्रावधान या जारी करने के संदर्भ के रूप में लगाया जाएगा, उस पर प्राप्तियों के प्रोद्भवन के साथ, —

(i) केंद्र सरकार या राज्य सरकार के मामले में, भारत की संचित निधि या राज्य की संचित निधि या भारत के लोक लेखा या राज्य के लोक लेखा; या

(ii) भारत के क्षेत्र के भीतर या भारत सरकार या किसी राज्य के नियंत्रण में किसी स्थानीय या अन्य प्राधिकरण के मामले में, ऐसे प्राधिकरण की निधि या निधियाँ।

सा.का.नि. 846(अ) — मूल हिंदी नियमावली · 13 नवम्बर 2025; हिंदी पाठ, स्रोत पृष्ठ 1–23 · स्रोत PDF पृष्ठ: 3

नियम 6 · उचित सुरक्षा उपाय

नियम 6

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

6. उचित सुरक्षा उपाय.—(1) डेटा फ़िड्युसरी अपने कब्जे में या अपने नियंत्रण में, वैयिक्तिक डेटा की सुरक्षा करेगा, जिसमें उसके द्वारा या उसकी ओर से किसी डेटा प्रोसेसर द्वारा किए गए किसी भी प्रसंस्करण के संबंध में, वैयिक्तिक डेटा भंग को रोकने के लिए उचित सुरक्षा उपाय शामिल हैं, जिनमें कम से कम निम्नलिखित शामिल होंगे -

(क) उपयुक्त डेटा सुरक्षा उपाय, जैसे एन्क्रिप्शन, अस्पष्टीकरण, मास्किंग या उस वैयिक्तिक डेटा से जुड़े वर्चुअल टोकन के उपयोग के माध्यम से वैयिक्तिक डेटा की सुरक्षा;

(ख) ऐसे डेटा फ़िड्युसरी या ऐसे डेटा प्रोसेसर द्वारा उपयोग किए जाने वाले कंप्यूटर संसाधनों तक पहुँच को नियंत्रित करने के लिए उपयुक्त उपाय, जहाँ भी लागू हो;

(ग) अनधिकृत पहुँच का पता लगाने, उसकी जाँच करने और पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सुधार करने हेतु उपयुक्त लॉग, निगरानी और समीक्षा के माध्यम से ऐसे वैयिक्तिक डेटा तक पहुँच की दृश्यता;

(घ) वैयिक्तिक डेटा के विनाश या पहुँच के नुकसान या अन्यथा, जैसे डेटा-बैकअप के माध्यम से, ऐसे वैयिक्तिक डेटा की गोपनीयता, अखंडता या उपलब्धता से समझौता होने की स्थिति में निरंतर प्रसंस्करण के लिए उचित उपाय;

(ड) अनधिकृत पहुँच का पता लगाने, उसकी जाँच करने, पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुधार करने और ऐसी किसी भी स्थिति में निरंतर प्रसंस्करण के लिए, ऐसे लॉग और वैयिक्तिक डेटा को एक वर्ष की अवधि तक बनाए रखना, जब तक कि वर्तमान में लागू किसी कानून के अनुपालन के लिए अन्यथा अपेक्षित न हो;

(च) ऐसे डेटा फ़िड्युसरी और ऐसे डेटा प्रोसेसर के बीच किए गए अनुबंध में, जहाँ भी लागू हो, उचित सुरक्षा उपाय करने के लिए उपयुक्त प्रावधान; और

(छ) सुरक्षा उपायों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त तकनीकी और संगठनात्मक उपाय।

(2) इस नियम में, "कंप्यूटर संसाधन" पद का वही अर्थ होगा जो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (2000 का 21) में दिया गया है।

सा.का.नि. 846(अ) — मूल हिंदी नियमावली · 13 नवम्बर 2025; हिंदी पाठ, स्रोत पृष्ठ 1–23 · स्रोत PDF पृष्ठ: 3, 4

नियम 7 · वैयक्तिक डाटा उल् लंघन की सूचना

नियम 7

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

7. वैयक्तिक डाटा उल् लंघन की सूचना.—(1) किसी भी वैयक्तिक डाटा उल् लंघन की जानकारी प्राप् त होने पर, डेटा फ़िड्युसरी, अपनी सर्वोत्तम जानकारी के अनुसार, प्रत्येक प्रभावित डेटा प्रिंसिपल को, संक्षिप्त, स्पष्ट और स्पष्ट तरीके से और बिना किसी देरी के, अपने उपयोगकर्ता खाते या डेटा फ़िड्युसरी के साथ पंजीकृत किसी भी संचार माध्यम के माध्यम से, सूचित करेगी —

(क) भंग का विवरण, जिसमें उसकी प्रकृति, सीमा और उसके घटित होने का समय शामिल है;

(ख) भंग से उत्पन्न होने वाले उसके लिए प्रासंगिक परिणाम;

(ग) जोखिम को कम करने के लिए डेटा फ़िड्युसरी द्वारा कार्यान्वित और कार्यान्वित किए जा रहे उपाय, यदि कोई हों;

(घ) अपने हितों की रक्षा के लिए वह जो सुरक्षा उपाय कर सकती है; और

(ङ) उस व्यक्ति की व्यावसायिक संपर्क जानकारी जो डेटा फ़िड्युसरी की ओर से डेटा प्रिंसिपल के प्रश्नों, यदि कोई हों, का उत्तर देने में सक्षम है।

(2) किसी भी वैयिक्तिक डेटा भंग की जानकारी मिलने पर, डेटा फ़िड्युसरी बोर्ड को सूचित करेगा, -

(क) बिना किसी देरी के, भंग का विवरण, जिसमें उसकी प्रकृति, सीमा, घटना का समय और स्थान तथा संभावित प्रभाव शामिल हैं;

(ख) भंग की जानकारी मिलने के बहत्तर घंटों के भीतर, या बोर्ड द्वारा इस संबंध में लिखित रूप में किए गए अनुरोध पर दी गई अधिक अवधि के भीतर, -

(i) ऐसे विवरण के संबंध में अद्यतन और विस्तृत जानकारी;

(ii) भंग के कारणों, घटनाओं और परिस्थितियों से संबंधित व्यापक तथ्य;

(iii) जोखिम को कम करने के लिए कार्यान्वित या प्रस्तावित उपाय, यदि कोई हों;

(iv) भंग करने वाले व्यक्ति के संबंध में कोई निष्कर्ष;

(v) ऐसे भंग की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए किए गए उपचारात्मक उपाय; और

(vi) प्रभावित डेटा प्रिंसिपलों को दी गई सूचनाओं के संबंध में एक रिपोर्ट।

सा.का.नि. 846(अ) — मूल हिंदी नियमावली · 13 नवम्बर 2025; हिंदी पाठ, स्रोत पृष्ठ 1–23 · स्रोत PDF पृष्ठ: 4, 5

नियम 8 · निर्दिष्ट उद्देश्य के लिए समयावधि को अब पूरा नहीं माना जाएगा

नियम 8

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

8. निर्दिष्ट उद्देश्य के लिए समयावधि को अब पूरा नहीं माना जाएगा.—(1) कोई डेटा फ़िड्युसरी, जो उस वर्ग का है और तृतीय अनुसूची में निर्दिष्ट ऐसे संगत उद्देश्यों के लिए वैयिक्तिक डेटा का प्रसंस्करण कर रहा है, ऐसे वैयिक्तिक डेटा को मिटा देगा, जब तक कि उसे बनाए रखना किसी भी समय लागू कानून के अनुपालन के लिए आवश्यक न हो, या, तृतीय अनुसूची में निर्दिष्ट संगत समयावधि के लिए, यदि डेटा प्रिंसिपल निर्दिष्ट उद्देश्य के निष्पादन के लिए ऐसे डेटा फ़िड्युसरी से न तो संपर्क करता है और न ही ऐसे प्रसंस्करण के संबंध में अपने अधिकारों का प्रयोग करता है।

(2) इस नियम के तहत वैयिक्तिक डेटा के विलोपन की समयावधि पूरी होने से कम से कम अड़तालीस घंटे पहले, डेटा फ़िड्युसरी डेटा प्रिंसिपल को सूचित करेगा कि ऐसा वैयिक्तिक डेटा ऐसी अवधि पूरी होने पर मिटा दिया जाएगा, जब तक कि वह अपने उपयोगकर्ता खाते में लॉग इन न करे या निर्दिष्ट उद्देश्य के निष्पादन के लिए डेटा फ़िड्युसरी से अन्यथा संपर्क न करे या ऐसे वैयिक्तिक डेटा के प्रसंस्करण के संबंध में अपने अधिकारों का प्रयोग न करे।

(3) उप-नियम (1) और (2) के प्रतिकूल प्रभाव के बिना, डेटा फ़िड्युसरी, उसके द्वारा या उसकी ओर से डेटा प्रोसेसर द्वारा किए गए वैयिक्तिक डेटा के किसी प्रसंस्करण के संबंध में, ऐसे वैयिक्तिक डेटा, संबद्ध ट्रैफ़िक डेटा और प्रसंस्करण के अन्य लॉग को, ऐसी प्रसंस्करण की तिथि से एक वर्ष की न्यूनतम अवधि के लिए, सातवीं अनुसूची में निर्दिष्ट उद्देश्यों के लिए बनाए रखेगा, जिसके बाद डेटा फ़िड्युसरी ऐसे वैयिक्तिक डेटा और लॉग को मिटा देगा, जब तक कि सरकार द्वारा अधिसूचित या लागू किसी अन्य कानून के अनुपालन के लिए आगे प्रतिधारण की आवश्यकता न हो। उदाहरण मामला 1: डेटा प्रिंसिपल X, ई-बुक प्लेटफ़ॉर्म Y पर एक ई-बुक खरीदता है। डिलीवरी पूरी होने के बाद, प्रोसेसिंग का निर्दिष्ट उद्देश्य पूरा हो जाता है। प्लेटफ़ॉर्म Y को ऑर्डर विवरण, वैयिक्तिक डेटा और प्रोसेसिंग के लॉग (जैसे ऑर्डर की पुष्टि, भुगतान और डिलीवरी इवेंट) लेन-देन की तारीख से कम से कम एक वर्ष तक बनाए रखना होगा, भले ही X अपना खाता हटा दे। मामला 2: कंपनी X, ग्राहक रिकॉर्ड होस्ट करने के लिए क्लाउड सेवा प्रदाता C को अपना डेटा प्रोसेसर नियुक्त करती है। डेटा फ़िड्युशरी के रूप में X को यह सुनिश्चित करना होगा कि C भी डेटा और संबंधित लॉग को मिटाने से पहले कम से कम एक वर्ष तक बनाए रखे, जब तक कि किसी अन्य लागू कानून में इससे अधिक अवधि की आवश्यकता न हो।

सा.का.नि. 846(अ) — मूल हिंदी नियमावली · 13 नवम्बर 2025; हिंदी पाठ, स्रोत पृष्ठ 1–23 · स्रोत PDF पृष्ठ: 5

नियम 9 · प्रसंस्करण के बारे में प्रश्नों का उत्तर देने के लिए व्यक्ति की संपर्क जानकारी

नियम 9

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

9. प्रसंस्करण के बारे में प्रश्नों का उत्तर देने के लिए व्यक्ति की संपर्क जानकारी.—प्रत्येक डेटा फ़िड्युसरी अपनी वेबसाइट या ऐप पर प्रमुखता से प्रकाशित करेगा, और अधिनियम के तहत डेटा प्रिंसिपल के अधिकारों के प्रयोग के लिए संचार के प्रत्येक उत्तर में, डेटा संरक्षण अधिकारी की व्यावसायिक संपर्क जानकारी, यदि लागू हो, या उस व्यक्ति की जानकारी का उल्लेख करेगा जो डेटा फ़िड्युसरी की ओर से डेटा प्रिंसिपल के वैयिक्तिक डेटा के प्रसंस्करण के बारे में प्रश्नों का उत्तर देने में सक्षम है।

सा.का.नि. 846(अ) — मूल हिंदी नियमावली · 13 नवम्बर 2025; हिंदी पाठ, स्रोत पृष्ठ 1–23 · स्रोत PDF पृष्ठ: 5

नियम 10 · बच्चे के वैयिक्तिक डेटा के प्रसंस्करण हेतु सत्यापन योग्य सहमति

नियम 10

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

10. बच्चे के वैयिक्तिक डेटा के प्रसंस्करण हेतु सत्यापन योग्य सहमति.—(1) डेटा फ़िड्युसरी यह सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त तकनीकी और संगठनात्मक उपाय अपनाएगा कि बच्चे के किसी भी वैयिक्तिक डेटा के प्रसंस्करण से पहले माता-पिता की सत्यापन योग्य सहमति प्राप्त कर ली जाए और यह जाँचने के लिए उचित तत्परता बरतेगा कि माता-पिता के रूप में स्वयं की पहचान करने वाला व्यक्ति एक वयस्क है, जिसकी पहचान भारत में वर्तमान में लागू किसी भी कानून के अनुपालन के संबंध में, यदि आवश्यक हो, तो निम्नलिखित के संदर्भ में की जा सकती है—

(क) डेटा फ़िड्युसरी के पास उपलब्ध व्यक्ति की पहचान और आयु का विश्वसनीय विवरण; या

(ख) पहचान और आयु का विवरण, स्वेच्छा से प्रदान किया गया—

(i) व्यक्ति द्वारा; या

(ii) ऐसे विवरणों से जुड़े एक वर्चुअल टोकन के माध्यम से, जो किसी अधिकृत संस्था द्वारा जारी किया जाता है।

(2) इस नियम में, अभिव् यक्ति—

(क) “वयस्क”से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत होगा जिसने अठारह वर्ष की आयु पूरी कर ली है;

(ख) "प्राधिकृत इकाई" से निम् नलिखित अभिप्रेत होगा -

(i) कोई इकाई जिसे विधि द्वारा या केंद्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा पहचान और आयु का विवरण या ऐसे विवरणों से मिलान किया गया वर्चुअल टोकन जारी करने का दायित्व सौंपा गया हो; या

(ii) खंड (i) के अंतर्गत निर्दिष्ट इकाई द्वारा ऐसे जारी करने के लिए नियुक्त या अनुमत व्यक्ति, और इसमें डिजिटल लॉकर सेवा प्रदाता द्वारा उपलब्ध और सत्यापित पहचान और आयु या टोकन का विवरण भी शामिल है;

(ग) "डिजिटल लॉकर सेवा प्रदाता" का अर्थ ऐसा मध्यवर्ती होगा, जिसमें उपयुक्त सरकार का कोई निगमित निकाय या एजेंसी शामिल है, जिसे केंद्र सरकार द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (2000 का 21) के तहत इस संबंध में बनाए गए नियमों के अनुसार अधिसूचित किया जा सकता है; उदाहरण C एक बच्चा है, P एक अभिभावक है, और DF एक डेटा फ़िड्युसरी है। C के वैयिक्तिक डेटा को संसाधित करके, DF के ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर C का एक उपयोगकर्ता खाता बनाया जाना है। मामला 1: C, DF को सूचित करती है कि वह एक बच्ची है और P को अपना अभिभावक घोषित करती है। DF, P को अपनी वेबसाइट, ऐप या अन्य उपयुक्त माध्यमों से अपनी पहचान बताने में सक्षम बनाएगा। P स्वयं को अभिभावक के रूप में पहचानती है और DF को सूचित करती है कि वह DF के प्लेटफ़ॉर्म पर एक पंजीकृत उपयोगकर्ता है और उसने पहले ही DF को अपनी पहचान और आयु का विवरण उपलब्ध करा दिया है। उपयोगकर्ता खाता बनाने के लिए C के वैयिक्तिक डेटा को संसाधित करने से पहले, DF यह पुष्टि करने के लिए जाँच करेगा कि उसके पास P की विश्वसनीय पहचान और आयु का विवरण है और P एक पहचान योग्य वयस्क है। मामला 2: C, DF को सूचित करती है कि वह एक बच्ची है C का उपयोगकर्ता खाता बनाने के लिए उसके वैयिक्तिक डेटा को संसाधित करने से पहले, DF, कानून या सरकार द्वारा उक्त विवरणों के रखरखाव के लिए सौंपी गई किसी संस्था द्वारा जारी पहचान और आयु के विवरण या पहचान और आयु से मैप किए गए वर्चुअल टोकन के संदर्भ में, यह जांच करेगा कि P एक पहचान योग्य वयस्क है। P स्वेच्छा से डिजिटल लॉकर सेवा प्रदाता की सेवाओं का उपयोग करके ऐसे विवरण उपलब्ध करा सकता है। मामला 3: P, C के लिए एक खाता खोल रही है और खुद को C की माता-पिता के रूप में पहचानती है और DF को सूचित करती है कि वह DF के प्लेटफ़ॉर्म पर एक पंजीकृत उपयोगकर्ता है और उसने पहले DF को अपनी पहचान और आयु का विवरण उपलब्ध कराया है। C का उपयोगकर्ता खाता बनाने के लिए उसके वैयिक्तिक डेटा को संसाधित करने से पहले, DF यह पुष्टि करने के लिए जांच करेगा कि उसके पास P की विश्वसनीय पहचान और आयु का विवरण है और P एक पहचान योग्य वयस्क है। मामला 4: P, C के लिए एक खाता खोल रही है और खुद को C की माता-पिता के रूप में पहचानती है और DF को सूचित करती है कि वह स्वयं DF के प्लेटफ़ॉर्म पर पंजीकृत उपयोगकर्ता नहीं है। C का उपयोगकर्ता खाता बनाने के लिए उसके वैयिक्तिक डेटा को संसाधित करने से पहले, DF, कानून या सरकार द्वारा उक्त विवरणों के रखरखाव हेतु सौंपी गई किसी संस्था द्वारा जारी पहचान और आयु संबंधी विवरणों, या पहचान और आयु से जुड़े किसी वर्चुअल टोकन के संदर्भ में, यह जाँच करेगा कि P एक पहचान योग्य वयस्क है। P डिजिटल लॉकर सेवा प्रदाता की सेवाओं का उपयोग करके स्वेच्छा से ऐसे विवरण उपलब्ध करा सकता है।

सा.का.नि. 846(अ) — मूल हिंदी नियमावली · 13 नवम्बर 2025; हिंदी पाठ, स्रोत पृष्ठ 1–23 · स्रोत PDF पृष्ठ: 5, 6, 7

नियम 11 · दिव्यांगजनों के वैयिक्तिक डेटा के प्रसंस्करण के लिए सत्यापन योग्य सहमति, जिनके पास वैध अभिभावक है

नियम 11

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

11. दिव्यांगजनों के वैयिक्तिक डेटा के प्रसंस्करण के लिए सत्यापन योग्य सहमति, जिनके पास वैध अभिभावक है— (1) डेटा फ़िड्युसरी, स्वयं को दिव्यांगजनों के वैध अभिभावक के रूप में पहचानने वाले व्यक्ति से सत्यापन योग्य सहमति प्राप्त करते समय, यह सत्यापित करने के लिए उचित परिश्रम करेगा कि ऐसा अभिभावक किसी न्यायालय द्वारा, या किसी नामित प्राधिकारी द्वारा, या संरक्षकता पर लागू कानून के तहत किसी स्थानीय स्तर की समिति द्वारा नियुक्त किया गया है।

(2) इस नियम में, अभिव्यक्ति -

(क) "नामित प्राधिकारी" से दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (2016 का 49) की धारा 15 के तहत दिव्यांगजनों को उनकी कानूनी क्षमता के प्रयोग में सहायता प्रदान करने के लिए नामित प्राधिकारी अभिप्रेत होगा;

(ख) "संरक्षकता पर लागू कानून" से निम् नलिखित अभिप्रेत होगा, -

(i) ऐसे व्यक्ति के संबंध में, जिसे दीर्घकालिक शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक या संवेदी विकलांगता है, जो बाधाओं के साथ मिलकर, समाज में दूसरों के समान रूप से उसकी पूर्ण और प्रभावी भागीदारी में बाधा डालती है और जो पर्याप्त और उचित सहायता प्रदान किए जाने के बावजूद कानूनी रूप से बाध्यकारी निर्णय लेने में असमर्थ है, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (2016 का 49) और उसके अधीन बनाए गए नियमों में निहित कानून के प्रावधान; और

(ii) ऐसे व्यक्ति के संबंध में, जो ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी, मानसिक मंदता या ऐसी स्थितियों के संयोजन से संबंधित किसी भी स्थिति से पीड़ित है और इसमें गंभीर बहु-विकलांगता से पीड़ित व्यक्ति भी शामिल है, ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी, मानसिक मंदता और बहु-विकलांगता वाले व्यक्तियों के कल्याण हेतु राष्ट्रीय न्यास अधिनियम, 1999 (1999 का 44) और उसके अधीन बनाए गए नियमों के कानून के प्रावधान;

(ग) "स्थानीय स्तर की समिति" का तात्पर्य राष्ट्रीय ऑटिज्म, मस्तिष्क पक्षाघात, मानसिक मंदता और बहु- निःशक्तताग्रस्त व्यक्तियों के कल्याण हेतु न्यास अधिनियम, 1999 (1999 का 44) की धारा 13 के अंतर्गत गठित स्थानीय स्तर की समिति से होगा;

(घ) "निःशक्त व्यक्ति" का तात्पर्य और इसमें शामिल होंगे -

(i) ऐसा व्यक्ति जिसकी दीर्घकालिक शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक या संवेदी क्षीणता है, जो बाधाओं के कारण, समाज में दूसरों के समान रूप से उसकी पूर्ण और प्रभावी भागीदारी में बाधा डालती है और जो पर्याप्त और उचित सहायता प्रदान किए जाने के बावजूद, कानूनी रूप से बाध्यकारी निर्णय लेने में असमर्थ है; और

(ii) ऐसा व्यक्ति जो ऑटिज्म, मस्तिष्क पक्षाघात, मानसिक मंदता या ऐसी किन्हीं दो या अधिक स्थितियों के संयोजन से संबंधित किसी भी स्थिति से पीड़ित है और इसमें गंभीर बहु-निःशक्तता से पीड़ित व्यक्ति भी शामिल है और जो पर्याप्त और उचित सहायता प्रदान किए जाने के बावजूद, कानूनी रूप से बाध्यकारी निर्णय लेने में असमर्थ है।

सा.का.नि. 846(अ) — मूल हिंदी नियमावली · 13 नवम्बर 2025; हिंदी पाठ, स्रोत पृष्ठ 1–23 · स्रोत PDF पृष्ठ: 7, 8

नियम 12 · बच्चे के वैयिक्तिक डेटा के प्रसंस्करण पर लागू कुछ दायित्वों से छूट

नियम 12

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

12. बच्चे के वैयिक्तिक डेटा के प्रसंस्करण पर लागू कुछ दायित्वों से छूट— (1) अधिनियम की धारा 9 की उप-धारा (1) और

(3) के प्रावधान, डेटा फ़िड्युसरी के ऐसे वर्ग द्वारा बच्चे के वैयिक्तिक डेटा के प्रसंस्करण पर लागू नहीं होंगे, जैसा कि चौथी अनुसूची के भाग ए में निर्दिष्ट हैं, ऐसी शर्तों के अधीन जो उक्त भाग में निर्दिष्ट हैं।

(2) अधिनियम की धारा 9 की उप-धारा (1) और (3) के प्रावधान, ऐसे प्रयोजनों के लिए बच्चे के वैयिक्तिक डेटा के प्रसंस्करण पर लागू नहीं होंगे, जैसा कि चौथी अनुसूची के भाग बी में निर्दिष्ट हैं, ऐसी शर्तों के अधीन जो उक्त भाग में निर्दिष्ट हैं।

सा.का.नि. 846(अ) — मूल हिंदी नियमावली · 13 नवम्बर 2025; हिंदी पाठ, स्रोत पृष्ठ 1–23 · स्रोत PDF पृष्ठ: 8

नियम 13 · महत्वपूर्ण डेटा फ़िड्युसरी के अतिरिक्त दायित्व

नियम 13

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

13. महत्वपूर्ण डेटा फ़िड्युसरी के अतिरिक्त दायित्व—(1) एक महत्वपूर्ण डेटा फ़िड्युसरी, इस अधिनियम और उसके अधीन बनाए गए नियमों के प्रावधानों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने के लिए, उस तिथि से बारह महीने की प्रत्येक अवधि में एक बार डेटा संरक्षण प्रभाव आकलन और लेखा परीक्षा करेगा, जिस तिथि को उसे इस प्रकार अधिसूचित किया जाता है या डेटा फ़िड्युसरी वर्ग में शामिल किया जाता है।

(2) एक महत्वपूर्ण डेटा फ़िड्युसरी, डेटा संरक्षण प्रभाव आकलन और लेखा परीक्षा करने वाले व्यक्ति से डेटा संरक्षण प्रभाव आकलन और लेखा परीक्षा में महत्वपूर्ण टिप्पणियों वाली एक रिपोर्ट बोर्ड को प्रस्तुत करवाएगा।

(3) एक महत्वपूर्ण डेटा फ़िड्युसरी यह सत्यापित करने के लिए उचित परिश्रम करेगा कि उसके द्वारा संसाधित वैयिक्तिक डेटा की होस्टिंग, प्रदर्शन, अपलोडिंग, संशोधन, प्रकाशन, प्रेषण, भंडारण, अद्यतन या साझा करने के लिए उसके द्वारा अपनाए गए एल्गोरिदमिक सॉफ़्टवेयर सहित तकनीकी उपायों से डेटा प्रिंसिपलों के अधिकारों को कोई खतरा होने की संभावना नहीं है।

(4) एक महत्वपूर्ण डेटा फ़िड्युसरी यह सुनिश्चित करने के लिए उपाय करेगा कि केंद्र सरकार द्वारा गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर, उसके द्वारा निर्दिष्ट वैयिक्तिक डेटा को इस प्रतिबंध के अधीन संसाधित किया जाए कि वैयिक्तिक डेटा और इसके प्रवाह से संबंधित ट्रैफ़िक डेटा भारत के क्षेत्र के बाहर स्थानांतरित नहीं किया जाता है।

(5) इस नियम में, "समिति" का अर्थ इस नियम के प्रयोजन के लिए केंद्र सरकार द्वारा गठित एक समिति है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारी शामिल होंगे और इसमें केंद्र सरकार के अन्य मंत्रालयों या विभागों के अधिकारी शामिल हो सकते हैं।

सा.का.नि. 846(अ) — मूल हिंदी नियमावली · 13 नवम्बर 2025; हिंदी पाठ, स्रोत पृष्ठ 1–23 · स्रोत PDF पृष्ठ: 8

नियम 14 · डेटा प्रिंसिपल के अधिकार

नियम 14

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

14. डेटा प्रिंसिपल के अधिकार.—(1) अधिनियम के तहत डेटा प्रिंसिपल को अपने अधिकारों का प्रयोग करने में सक्षम बनाने के लिए, डेटा फ़िड्यूशरी और, जहाँ लागू हो, सहमति प्रबंधक, अपनी वेबसाइट या ऐप, या दोनों पर, जैसा भी मामला हो, प्रमुखता से प्रकाशित करेगा, -

(क) उन साधनों का विवरण जिनके उपयोग से डेटा प्रिंसिपल ऐसे अधिकारों के प्रयोग के लिए अनुरोध कर सकता है; और

(ख) विवरण, यदि कोई हो, जैसे कि ऐसे डेटा प्रिंसिपल का उपयोगकर्ता नाम या अन्य पहचानकर्ता, जो उसकी सेवा की शर्तों के तहत उसकी पहचान के लिए आवश्यक हो सकता है।

(2) अधिनियम के तहत डेटा प्रिंसिपल के अधिकारों का प्रयोग करने के लिए, वह उस डेटा फ़िड्यूशरी से अनुरोध कर सकती है, जिसे उसने पहले अपने वैयिक्तिक डेटा के प्रसंस्करण के लिए सहमति दी है, ऐसे अधिकारों के प्रयोग के लिए ऐसे डेटा फ़िड्यूशरी द्वारा आवश्यक साधनों का उपयोग करके और विवरण प्रस्तुत करके।

(3) प्रत्येक डेटा फ़िड्युसरी और सहमति प्रबंधक, डेटा प्रिंसिपलों की शिकायतों का समाधान करने के लिए अपनी शिकायत निवारण प्रणाली के अंतर्गत नब्बे दिनों से अधिक न होने वाली उचित अवधि के भीतर, अपनी वेबसाइट या ऐप, या दोनों पर, जैसा भी मामला हो, प्रमुखता से प्रकाशित करेगा और ऐसी अवधि के भीतर समाधान करने में प्रणाली की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए, उपयुक्त तकनीकी और संगठनात्मक उपायों को लागू करेगा।

(4) अधिनियम के तहत डेटा प्रिंसिपल के अधिकारों का प्रयोग करने के लिए, वह डेटा फ़िड्युसरी की सेवा की शर्तों और ऐसे लागू कानून के अनुसार, ऐसे अधिकार के प्रयोग के लिए ऐसे डेटा फ़िड्युसरी द्वारा अपेक्षित साधनों का उपयोग करके और विवरण प्रस्तुत करते हुए, एक या अधिक व्यक्तियों को नामित कर सकता है।

(5) इस नियम में, "पहचानकर्ता" शब्द का अर्थ डेटा फ़िड्युसरी द्वारा डेटा प्रिंसिपल की पहचान करने के लिए जारी किए गए वर्णों के किसी भी क्रम से होगा और इसमें ग्राहक पहचान फ़ाइल संख्या, ग्राहक अधिग्रहण प्रपत्र संख्या, आवेदन संदर्भ संख्या, नामांकन आईडी, ईमेल पता, मोबाइल नंबर या लाइसेंस नंबर शामिल है जो ऐसी पहचान को सक्षम बनाता है।

सा.का.नि. 846(अ) — मूल हिंदी नियमावली · 13 नवम्बर 2025; हिंदी पाठ, स्रोत पृष्ठ 1–23 · स्रोत PDF पृष्ठ: 9

नियम 15 · भारतीय क्षेत्राधिकार से बाहर वैयिक्तिक डेटा का स्थानांतरण

नियम 15

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

15. भारतीय क्षेत्राधिकार से बाहर वैयिक्तिक डेटा का स्थानांतरण—अधिनियम के तहत डेटा फ़िड्युशरी द्वारा संसाधित किसी भी वैयिक्तिक डेटा को भारत के क्षेत्र के बाहर स्थानांतरित किया जा सकता है, इस प्रतिबंध के अधीन कि डेटा फ़िड्युशरी उन आवश्यकताओं को पूरा करेगा, जिन्हें केंद्र सरकार सामान्य या विशेष आदेश द्वारा, किसी भी विदेशी राज्य को या ऐसे राज्य के नियंत्रण में किसी व्यक्ति या संस्था या किसी एजेंसी को ऐसे वैयिक्तिक डेटा उपलब्ध कराने के संबंध में निर्दिष्ट कर सकती है।

सा.का.नि. 846(अ) — मूल हिंदी नियमावली · 13 नवम्बर 2025; हिंदी पाठ, स्रोत पृष्ठ 1–23 · स्रोत PDF पृष्ठ: 9

नियम 16 · अनुसंधान, अभिलेखीकरण या सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए अधिनियम से छूट

नियम 16

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

16. अनुसंधान, अभिलेखीकरण या सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए अधिनियम से छूट— अधिनियम के प्रावधान अनुसंधान, अभिलेखीकरण या सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए आवश्यक वैयिक्तिक डेटा के प्रसंस्करण पर लागू नहीं होंगे यदि यह दूसरी अनुसूची में निर्दिष्ट मानकों के अनुसार किया जाता है।

सा.का.नि. 846(अ) — मूल हिंदी नियमावली · 13 नवम्बर 2025; हिंदी पाठ, स्रोत पृष्ठ 1–23 · स्रोत PDF पृष्ठ: 9

नियम 17 · अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति

नियम 17

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

17. अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति— (1) केंद्र सरकार, अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति के लिए व्यक्तियों की सिफारिश करने हेतु एक खोज-सह-चयन समिति का गठन करेगी, जिसका अध्यक्ष कैबिनेट सचिव होगा और भारत सरकार के सचिव जो विधि कार्य विभाग और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के प्रभारी होंगे, और दो प्रतिष्ठित विशेषज्ञ जिनके पास किसी ऐसे क्षेत्र में विशेष ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव हो जो केंद्र सरकार की राय में बोर्ड के लिए सदस्यों के रूप में उपयोगी हो, होंगे।

(2) केंद्र सरकार, अध्यक्ष के अलावा किसी अन्य सदस्य के रूप में नियुक्ति के लिए व्यक्तियों की सिफारिश करने हेतु एक खोज-सह-चयन समिति का गठन करेगी, जिसका अध्यक्ष इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में भारत सरकार के सचिव होंगे और भारत सरकार के सचिव जो विधि कार्य विभाग के प्रभारी होंगे, और दो प्रतिष्ठित विशेषज्ञ जिनके पास किसी ऐसे क्षेत्र में विशेष ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव हो जो केंद्र सरकार की राय में बोर्ड के लिए सदस्यों के रूप में उपयोगी हो।

(3) केन्द्रीय सरकार, खोज-सह-चयन समिति द्वारा अनुशंसित व्यक्तियों की उपयुक्तता पर विचार करने के पश्चात्, यथास्थिति, अध्यक्ष या अन्य सदस्य की नियुक्ति करेगी।

(4) इस नियम के उप-नियम (1) और (2) में विनिर्दिष्ट खोज-सह-चयन समिति के किसी कार्य या कार्यवाही को केवल इस आधार पर प्रश्नगत नहीं किया जाएगा कि ऐसी समिति में कोई रिक्ति है या अनुपस्थित है या इसके गठन में कोई त्रुटि है।

सा.का.नि. 846(अ) — मूल हिंदी नियमावली · 13 नवम्बर 2025; हिंदी पाठ, स्रोत पृष्ठ 1–23 · स्रोत PDF पृष्ठ: 9, 10

नियम 18 · अध्यक्ष और अन्य सदस्यों का वेतन, भत्ते और सेवा की अन्य निबंधन एवं शर्ते

नियम 18

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

18. अध्यक्ष और अन्य सदस्यों का वेतन, भत्ते और सेवा की अन्य निबंधन एवं शर्ते.— अध्यक्ष और प्रत्येक अन्य सदस्य को ऐसा वेतन और भत्ते प्राप्त होंगे तथा उनकी सेवा की ऐसी अन्य निबंधन एवं शर्ते होंगी जो पांचवीं अनुसूची में विनिर्दिष्ट हैं।

सा.का.नि. 846(अ) — मूल हिंदी नियमावली · 13 नवम्बर 2025; हिंदी पाठ, स्रोत पृष्ठ 1–23 · स्रोत PDF पृष्ठ: 10

नियम 19 · बोर्ड की बैठकों की प्रक्रिया और उसके आदेशों, निर्देशों और दस्तावेजों का प्रमाणीकरण

नियम 19

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

19. बोर्ड की बैठकों की प्रक्रिया और उसके आदेशों, निर्देशों और दस्तावेजों का प्रमाणीकरण— (1) अध्यक्ष, बोर्ड की बैठकों की तिथि, समय और स्थान निश्चित करेगा, उनके लिए कार्यसूची के मदों का अनुमोदन करेगा, और उन्हें निर्दिष्ट करते हुए अपने हस्ताक्षर से या ऐसे अन्य व्यक्ति के हस्ताक्षर से, जिसे अध्यक्ष लिखित रूप में सामान्य या विशेष आदेश द्वारा प्राधिकृत करे, सूचना जारी करवाएगा।

(2) बोर्ड की बैठकों की अध्यक्षता अध्यक्ष द्वारा की जाएगी और उनकी अनुपस्थिति में, ऐसे अन्य सदस्य द्वारा, जिन्हें बैठक में उपस्थित सदस्य अपने बीच से चुनेंगे, की जाएगी।

(3) बोर्ड की एक-तिहाई सदस्यता इसकी बैठकों के लिए गणपूर्ति होगी।

(4) बोर्ड की किसी भी बैठक में आने वाले सभी प्रश्नों का निर्णय उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के बहुमत से किया जाएगा, और मतों के बराबर होने की स्थिति में, अध्यक्ष, या उनकी अनुपस्थिति में, अध्यक्षता करने वाले व्यक्ति के पास दूसरा या निर्णायक मत होगा।

(5) यदि किसी सदस्य का बोर्ड की बैठक में निपटाए जाने वाले किसी कार्य-विषय में हित है, तो वह उसमें भाग नहीं लेगा या उस पर मतदान नहीं करेगा और ऐसी स्थिति में, ऐसे विषय पर निर्णय उपस्थित और मतदान करने वाले अन्य सदस्यों के बहुमत से लिया जाएगा।

(6) यदि किसी आपात स्थिति में बोर्ड द्वारा तत्काल कार्रवाई आवश्यक हो और बोर्ड की बैठक बुलाना संभव न हो, तो अध्यक्ष लिखित रूप में कारण दर्ज करते हुए, आवश्यक कार्रवाई कर सकता है, जिसकी सूचना सात दिनों के भीतर सभी सदस्यों को दी जाएगी और बोर्ड की अगली बैठक में अनुमोदन के लिए उसके समक्ष रखी जाएगी।

(7) यदि अध्यक्ष ऐसा निर्देश देता है, तो कार्य या मुद्दे का कोई विषय, जिस पर बोर्ड के निर्णय की आवश्यकता हो, परिचालन द्वारा सदस्यों को भेजा जा सकता है और ऐसे विषय पर सदस्यों के बहुमत के अनुमोदन से निर्णय लिया जा सकता है।

(8) बोर्ड का अध्यक्ष या कोई सदस्य, या उसके द्वारा लिखित सामान्य या विशेष आदेश द्वारा अधिकृत कोई व्यक्ति, अपने हस्ताक्षर से, उसके आदेश, निर्देश या लिखत को प्रमाणित कर सकता है।

(9) बोर्ड द्वारा जांच अधिनियम की धारा 27 के अधीन सूचना, शिकायत, संदर्भ या निर्देश की प्राप्ति की तारीख से छह महीने की अवधि के भीतर पूरी की जाएगी, जब तक कि ऐसी अवधि को लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों से एक बार में तीन महीने से अनधिक की अतिरिक्त अवधि के लिए नहीं बढ़ाया जाता है।

सा.का.नि. 846(अ) — मूल हिंदी नियमावली · 13 नवम्बर 2025; हिंदी पाठ, स्रोत पृष्ठ 1–23 · स्रोत PDF पृष्ठ: 10, 11

नियम 20 · बोर्ड का डिजिटल कार्यालय के रूप में कार्य करना

नियम 20

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

20. बोर्ड का डिजिटल कार्यालय के रूप में कार्य करना—बोर्ड एक डिजिटल कार्यालय के रूप में कार्य करेगा, किसी भी व्यक्ति को बुलाने और उसकी उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा शपथ पर उसकी जांच करने की अपनी शक्ति पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, कार्यवाही को इस प्रकार संचालित करने के लिए तकनीकी-कानूनी उपाय अपना सकता है जिससे किसी व्यक्ति की भौतिक उपस्थिति अपेक्षित न हो।

सा.का.नि. 846(अ) — मूल हिंदी नियमावली · 13 नवम्बर 2025; हिंदी पाठ, स्रोत पृष्ठ 1–23 · स्रोत PDF पृष्ठ: 11

नियम 21 · बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति और सेवा की शर्तें

नियम 21

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

21. बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति और सेवा की शर्तें—(1) बोर्ड, केन्द्रीय सरकार के पूर्व अनुमोदन से, ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति कर सकेगा जिन्हें वह अधिनियम के उपबंधों के अधीन अपने कार्यों के कुशल निर्वहन के लिए आवश्यक समझे।

(2) बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवा की शर्तें और नियम वे होंगे जो छठी अनुसूची में निर्दिष्ट हैं।

सा.का.नि. 846(अ) — मूल हिंदी नियमावली · 13 नवम्बर 2025; हिंदी पाठ, स्रोत पृष्ठ 1–23 · स्रोत PDF पृष्ठ: 11

नियम 22 · अपीलीय न्यायाधिकरण में अपील

नियम 22

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

22. अपीलीय न्यायाधिकरण में अपील—(1) बोर्ड के किसी आदेश या निर्देश से व्यथित कोई भी व्यक्ति अपीलीय न्यायाधिकरण के समक्ष अपील कर सकेगा। यह अपीलीय न्यायाधिकरण के निर्णयानुसार डिजिटल रूप में दायर की जाएगी।

(2) अपीलीय न्यायाधिकरण में दायर अपील के साथ उतनी ही राशि का शुल्क संलग्न होगा जितना भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण अधिनियम, 1997 (1997 का 24) के अंतर्गत दायर अपील के संबंध में लागू है, जब तक कि अपीलीय न्यायाधिकरण के अध्यक्ष द्वारा अपने विवेकानुसार इसे कम या माफ नहीं किया जाता है, और यह शुल्क एकीकृत भुगतान इंटरफेस या भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अधिकृत ऐसी अन्य भुगतान प्रणाली का उपयोग करके डिजिटल रूप से देय होगा।

(3) अपीलीय न्यायाधिकरण—

(क) सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (1908 का 5) द्वारा निर्धारित प्रक्रिया से बाध्य नहीं होगा, बल्कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों द्वारा निर्देशित होगा और अधिनियम के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, अपनी स्वयं की प्रक्रिया को विनियमित कर सकता है; और

(ख) एक डिजिटल कार्यालय के रूप में कार्य करेगा, जो किसी भी व्यक्ति को बुलाने और उसकी उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा शपथ पर उसकी जांच करने की अपनी शक्ति पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, कार्यवाही को इस प्रकार संचालित करने के लिए तकनीकी-कानूनी उपाय अपना सकता है, जिसमें किसी व्यक्ति की भौतिक उपस्थिति की आवश्यकता न हो।

सा.का.नि. 846(अ) — मूल हिंदी नियमावली · 13 नवम्बर 2025; हिंदी पाठ, स्रोत पृष्ठ 1–23 · स्रोत PDF पृष्ठ: 11

नियम 23 · डेटा फ़िड्युसरी या मध्यवर्ती से सूचना मांगना

नियम 23

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

23. डेटा फ़िड्युसरी या मध्यवर्ती से सूचना मांगना—(1) केंद्र सरकार, अधिनियम के ऐसे प्रयोजनों के लिए, जो सातवीं अनुसूची में विनिर्दिष्ट हैं, उक्त अनुसूची में विनिर्दिष्ट तत्स्थानी प्राधिकृत व्यक्ति के माध्यम से कार्य करते हुए, किसी डेटा फ़िड्युसरी या मध्यवर्ती से ऐसी सूचना, जिसकी मांग की जाए, उस अनुसूची में दी गई निर्दिष्ट अवधि के भीतर प्रस्तुत करने की अपेक्षा कर सकती है।

(2) जहां उप-नियम (1) में निर्दिष्ट सूचना के प्रकटीकरण से भारत की संप्रभुता और अखंडता या राज्य की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है, केंद्र सरकार डेटा फ़िड्युसरी या मध्यवर्ती से यह अपेक्षा कर सकती है कि वह प्राधिकृत व्यक्ति की पूर्व लिखित अनुमति के बिना प्रभावित डेटा स्वामी या किसी अन्य व्यक्ति को ऐसी सूचना का खुलासा न करे।

(3) इस नियम के प्रयोजनों के लिए, "मध्यवर्ती" पद का वही अर्थ होगा जो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (2000 का 21) में इसके लिए निर्दिष्ट है।

सा.का.नि. 846(अ) — मूल हिंदी नियमावली · 13 नवम्बर 2025; हिंदी पाठ, स्रोत पृष्ठ 1–23 · स्रोत PDF पृष्ठ: 12

नियमों की अनुसूची 1 · प्रथम अनुसूची

नियमों की अनुसूची 1

प्रथम अनुसूची [नियम 4 देखें]

भाग क सहमति प्रबंधक के पंजीकरण की शर्तें

1. आवेदक भारत में निगमित एक कंपनी है।

2. आवेदक के पास सहमति प्रबंधक के रूप में अपने दायित्वों को पूरा करने के लिए तकनीकी, परिचालन और वित्तीय क्षमता सहित पर्याप्त क्षमता है।

3. आवेदक की वित्तीय स्थिति और प्रबंधन का सामान्य स्वरूप सुदृढ़ है।

4. आवेदक की निवल संपत्ति दो करोड़ रुपए से कम नहीं है।

5. आवेदक के लिए उपलब्ध संभावित व्यवसाय की मात्रा और उसकी पूँजी संरचना एवं आय की संभावनाएँ पर्याप्त हैं।

6. आवेदक कंपनी के निदेशक, प्रमुख प्रबंधकीय कर्मचारी और वरिष्ठ प्रबंधन सामान्य प्रतिष्ठा और निष्पक्षता एवं सत्यनिष्ठा के रिकॉर्ड वाले व्यक्ति हैं।

7. आवेदक कंपनी के संस्था के ज्ञापन और संस्था के अनुच्छेदों में ऐसे प्रावधान हैं जिनके अनुसार भाग ब की मद 9 और 10 के अंतर्गत दायित्वों का पालन किया जाना आवश्यक है, ऐसे पालन को सुनिश्चित करने के लिए नीतियाँ और प्रक्रियाएँ मौजूद हैं, और ऐसे प्रावधानों में केवल बोर्ड के पूर्व अनुमोदन से ही संशोधन किया जा सकता है।

8. आवेदक द्वारा प्रस्तावित संचालन डेटा प्रिंसिपल के हित में हैं।

9. यह स्वतंत्र रूप से प्रमाणित किया जाता है कि-

(क) आवेदक का अंतर-संचालनीय प्लेटफ़ॉर्म, जो डेटा प्रिंसिपल को अपनी सहमति देने, प्रबंधित करने, समीक्षा करने और वापस लेने में सक्षम बनाता है, ऐसे डेटा संरक्षण मानकों और आश्वासन ढाँचे के अनुरूप है, जिन्हें बोर्ड द्वारा समय-समय पर अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित किया जा सकता है; और

(ख) ऐसे मानकों और ढाँचे का पालन सुनिश्चित करने और भाग ख की मद 11 के अंतर्गत दायित्वों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त तकनीकी और संगठनात्मक उपाय मौजूद हैं।

भाग ख सहमति प्रबंधक के दायित्व

1. सहमति प्रबंधक, अपने प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग करने वाले डेटा प्रिंसिपल को, ऐसे प्लेटफ़ॉर्म पर ऑनबोर्ड किए गए डेटा फ़िड्यूशरी द्वारा उसके वैयिक्तिक डेटा के प्रसंस्करण के लिए सहमति देने में सक्षम बनाएगा। यह सहमति सीधे उस डेटा फ़िड्यूशरी को या ऐसे प्लेटफ़ॉर्म पर ऑनबोर्ड किए गए किसी अन्य डेटा फ़िड्यूशरी के माध्यम से दी जाएगी, जो उस डेटा प्रिंसिपल की सहमति से ऐसे वैयिक्तिक डेटा का रखरखाव करता है। उदाहरण व्यक्ति, सहमति प्रबंधक द्वारा संचालित प्लेटफ़ॉर्म P के माध्यम से अपने वैयिक्तिक डेटा के प्रसंस्करण के लिए अपनी सहमति दे सकते हैं, उसका प्रबंधन कर सकते हैं, उसकी समीक्षा कर सकते हैं और उसे वापस ले सकते हैं। X, एक व्यक्ति, P पर एक पंजीकृत उपयोगकर्ता है। B1 और B2, P पर ऑनबोर्ड किए गए बैंक हैं। मामला 1: B1, अपने बैंक खाता विवरण में निहित वैयिक्तिक डेटा के प्रसंस्करण के लिए सहमति हेतु P पर X को एक अनुरोध भेजती है। X, अपने डिजिटल लॉकर में बैंक खाता विवरण को एक डिजिटल रिकॉर्ड के रूप में रखती है। X, B1 को सीधे अपनी सहमति देने के लिए P का उपयोग करती है, और B1 को अपने बैंक खाता विवरण तक पहुँच प्रदान करती है। मामला 2: B1, अपने बैंक खाते के विवरण में निहित वैयिक्तिक डेटा को संसाधित करने के लिए सहमति हेतु P के माध्यम से X को अनुरोध भेजती है। X, B2 के साथ अपना बैंक खाता रखती है। X, B2 के माध्यम से B1 तक अपनी सहमति भेजने के लिए P का उपयोग करती है, साथ ही B2 को डिजिटल रूप से निर्देश देती है कि वह B1 को अपना बैंक खाता विवरण भेजे। B2, B1 को बैंक खाता विवरण भेजती है।

2. सहमति प्रबंधक यह सुनिश्चित करेगा कि वैयिक्तिक डेटा उपलब्ध कराने या उसे साझा करने का तरीका ऐसा हो कि उसकी सामग्री उसके द्वारा पढ़ी न जा सके।

3. सहमति प्रबंधक अपने प्लेटफ़ॉर्म पर निम्नलिखित का रिकॉर्ड रखेगा, अर्थात्:—

(क) उसके द्वारा दी गई, अस्वीकृत या वापस ली गई सहमति;

(ख) सहमति के अनुरोध से पहले या साथ में दिए गए नोटिस; और

(ग) हस्तांतरिती डेटा फ़िड्युशरी के साथ उसके वैयिक्तिक डेटा को साझा करना।

4. सहमति प्रबंधक:—

(क) ऐसे प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग करने वाले डेटा प्रिंसिपल को ऐसे रिकॉर्ड तक पहुँच प्रदान करेगा;

(ख) डेटा प्रिंसिपल के अनुरोध पर और उसकी सेवा शर्तों के अनुसार, उसे ऐसे अभिलेख में निहित जानकारी मशीन-पठनीय रूप में उपलब्ध कराएगा; और

(ग) ऐसे अभिलेख को कम से कम सात वर्षों तक, या उससे अधिक अवधि तक, जिस पर डेटा प्रिंसिपल और सहमति प्रबंधक सहमत हों, या जैसा कि कानून द्वारा अपेक्षित हो, बनाए रखेगा।

5. सहमति प्रबंधक एक वेबसाइट या ऐप, या दोनों का विकास और रखरखाव प्राथमिक माध्यम के रूप में करेगा जिसके माध्यम से डेटा प्रिंसिपल सहमति प्रबंधक द्वारा प्रदान की गई सेवाओं तक पहुँच प्राप्त कर सकेगा।

6. सहमति प्रबंधक अधिनियम और इन नियमों के तहत अपने किसी भी दायित्व के निष्पादन को उप-अनुबंधित या नहीं सौंपेगा ।

7. सहमति प्रबंधक वैयिक्तिक डेटा भंग को रोकने के लिए उचित सुरक्षा उपाय करेगा।

8. सहमति प्रबंधक डेटा प्रिंसिपल के संबंध में एक फ़िड्युसरी क्षमता में कार्य करेगा।

9. सहमति प्रबंधक डेटा फ़िड्युसरी के साथ हितों के टकराव से बचेगा, जिसमें उनके प्रमोटरों और प्रमुख प्रबंधकीय कर्मियों के संबंध में भी शामिल है।

10. सहमति प्रबंधक यह सुनिश्चित करने के लिए उपाय करेगा कि उसके निदेशकों, प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिकों और वरिष्ठ प्रबंधन के पास डेटा फ़िड्युशरीज़ में निदेशक पद, वित्तीय हित, रोज़गार या लाभकारी स्वामित्व होने, या उनके साथ कोई भौतिक आर्थिक संबंध होने के कारण हितों का कोई टकराव न हो।

11. सहमति प्रबंधक अपनी वेबसाइट या ऐप, या दोनों पर, जैसा भी मामला हो, आसानी से सुलभ तरीके से निम्नलिखित के बारे में जानकारी प्रकाशित करेगा: -

(क) सहमति प्रबंधक के रूप में पंजीकृत कंपनी के प्रवर्तक, निदेशक, प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक और वरिष्ठ प्रबंधन;

(ख) प्रत्येक व्यक्ति जो सहमति प्रबंधक के रूप में पंजीकृत कंपनी की शेयरधारिता के दो प्रतिशत से अधिक शेयर रखता है;

(ग) प्रत्येक कॉर्पोरेट जिसकी शेयरधारिता में सहमति प्रबंधक का कोई प्रवर्तक, निदेशक, प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक या वरिष्ठ प्रबंधन पिछले कैलेंडर माह के पहले दिन तक दो प्रतिशत से अधिक शेयर रखता है; और

(घ) ऐसी अन्य जानकारी जिसे बोर्ड पारदर्शिता के हित में सहमति प्रबंधक को प्रकट करने का निर्देश दे सकता है।

12. सहमति प्रबंधक के पास ऐसे लेखापरीक्षा परिणामों की समीक्षा, निगरानी, मूल्यांकन और बोर्ड को समय-समय पर और ऐसे अन्य अवसरों पर, जैसा कि बोर्ड निर्देशित करे, रिपोर्ट करने के लिए प्रभावी लेखापरीक्षा तंत्र स्थापित होंगे, जो निम्नलिखित के संबंध में होंगे -

(क) तकनीकी और संगठनात्मक नियंत्रण, प्रणालियाँ, प्रक्रियाएँ और सुरक्षा उपाय;

(ख) पंजीकरण की शर्तों का निरंतर पालन; और

(ग) अधिनियम और इन नियमों के तहत अपने दायित्वों का पालन।

13. सहमति प्रबंधक के रूप में पंजीकृत कंपनी का नियंत्रण बिक्री, विलय या अन्यथा किसी भी प्रकार से हस्तांतरित नहीं किया जाएगा, सिवाय बोर्ड के पूर्व अनुमोदन के और ऐसी शर्तों की पूर्ति के अधीन, जिन्हें बोर्ड इस संबंध में निर्दिष्ट कर सकता है।

नोट: इस अनुसूची में—

(क) "निगम निकाय" में कंपनी अधिनियम, 2013 (2013 का 18) की धारा 2 के खंड (11) के अंतर्गत परिभाषित कंपनी, निगमित निकाय, फर्म, वित्तीय संस्थान, अनुसूचित बैंक या किसी केंद्रीय अधिनियम, प्रांतीय अधिनियम या राज्य अधिनियम द्वारा या उसके अंतर्गत स्थापित या गठित सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम, और व्यक्तियों का कोई अन्य निगमित संघ या वैयक्तिक निकाय शामिल होगा;

(ख) "कंपनी", "नियंत्रण", "निदेशक" और "प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक" पदों के वही अर्थ होंगे जो कंपनी अधिनियम, 2013

(2013 का 18) में क्रमशः उनके लिए निर्दिष्ट हैं;

(ग) "निवल संपत्ति" पद का अर्थ कुल परिसंपत्तियों का समग्र मूल्य होगा, जो सहमति प्रबंधक की देनदारियों के मूल्य से घटाया जाएगा, जैसा कि उसकी लेखा पुस्तकों में दिखाई देता है; और

(घ) "प्रवर्तक" और "वरिष्ठ प्रबंधन" पदों के वही अर्थ होंगे जो कंपनी अधिनियम, 2013 (2013 का 18) में क्रमशः उनके लिए निर्दिष्ट हैं।

सा.का.नि. 846(अ) — मूल हिंदी नियमावली · 13 नवम्बर 2025; हिंदी पाठ, स्रोत पृष्ठ 1–23 · स्रोत PDF पृष्ठ: 12, 13, 14, 15

नियमों की अनुसूची 2 · दूसरी अनुसूची

नियमों की अनुसूची 2

दूसरी अनुसूची [नियम 5(1) और 16 देखें] धारा 7 के खंड (ख) के अंतर्गत राज्य और उसके निकायों द्वारा वैयिक्तिक डेटा के प्रसंस्करण और धारा 17 की उप-धारा (2) के खंड (ख) में विनिर्दिष्ट उद्देश्यों के लिए आवश्यक वैयिक्तिक डेटा के प्रसंस्करण के लिए मानक वैयिक्तिक डेटा के प्रसंस्करण के लिए, लागू कानून के अनुसार, निम्नलिखित का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने हेतु उपयुक्त तकनीकी और संगठनात्मक उपायों का कार्यान्वयन, अर्थात्: -

(क) प्रसंस्करण विधिसम्मत तरीके से किया जाता है;

(ख) प्रसंस्करण अधिनियम की धारा 7 के खंड (ख) में निर्दिष्ट उपयोगों के लिए या अधिनियम की धारा 17 की उप-धारा

(2) के खंड (ख) में निर्दिष्ट उद्देश्यों के लिए किया जाता है, जैसा भी मामला हो;

(ग) प्रसंस्करण ऐसे वैयिक्तिक डेटा तक सीमित है जो ऐसे उपयोगों या ऐसे उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए आवश्यक है, जैसा भी मामला हो;

(घ) प्रसंस्करण वैयिक्तिक डेटा की पूर्णता, सटीकता और एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए उचित प्रयास करते हुए किया जाता है;

(ड.) वैयिक्तिक डेटा को ऐसे उपयोगों या ऐसे उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए, जैसा भी मामला हो, या वर्तमान में लागू किसी कानून के अनुपालन हेतु आवश्यक होने तक बनाए रखा जाता है;

(च) डेटा फ़िड्युसरी के कब्जे या नियंत्रण में वैयिक्तिक डेटा की सुरक्षा के लिए वैयिक्तिक डेटा भंग को रोकने हेतु उचित सुरक्षा उपाय, जिसमें उसके द्वारा या उसकी ओर से डेटा प्रोसेसर द्वारा किए गए किसी भी प्रसंस्करण के संबंध में शामिल है;

(छ) जहां अधिनियम की धारा 7 के खंड (बी) के तहत प्रसंस्करण किया जाना है, वहां डेटा प्रिंसिपल को इसके संबंध में सूचना देते हुए ऐसा किया जाता है और—

(i) उस व्यक्ति की व्यावसायिक संपर्क जानकारी देना जो डेटा फ़िड्युसरी की ओर से उसके वैयिक्तिक डेटा के प्रसंस्करण के बारे में डेटा प्रिंसिपल के प्रश्नों का उत्तर देने में सक्षम हो;

(ii) ऐसे डेटा फ़िड्युसरी की वेबसाइट या ऐप, या दोनों तक पहुँचने के लिए विशेष संचार लिंक निर्दिष्ट करना, और अन्य साधनों का विवरण, यदि कोई हो, जिसका उपयोग करके ऐसा डेटा प्रिंसिपल अधिनियम के तहत अपने अधिकारों का प्रयोग कर सकता है; और

(iii) ऐसे अन्य मानकों के अनुरूप किया जाता है जो केंद्र सरकार द्वारा जारी नीति या उस समय लागू किसी कानून के तहत ऐसे वैयिक्तिक डेटा के प्रसंस्करण पर लागू हो सकते हैं; और

(ज) इन मानकों के प्रभावी पालन के लिए, उस व्यक्ति की जवाबदेही जो अकेले या अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर वैयिक्तिक डेटा के प्रसंस्करण के उद्देश्य और साधन का निर्धारण करता है।

सा.का.नि. 846(अ) — मूल हिंदी नियमावली · 13 नवम्बर 2025; हिंदी पाठ, स्रोत पृष्ठ 1–23 · स्रोत PDF पृष्ठ: 15, 16

नियमों की अनुसूची 3 · तीसरी अनुसूची

नियमों की अनुसूची 3

तीसरी अनुसूची [नियम 8(1) देखें]

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अनुसूची का सारणीबद्ध पाठ
क्र. सं. डेटा फ़िड्युसरी का वर्ग प्रयोजन समय सीमा
(1) (2) (3) (4)
1. डेटा फ़िड्युसरी जो एक ई-कॉमर्स इकाई है जिसके भारत में कम से कम दो करोड़ पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं सभी उद्देश्यों के लिए, निम्नलिखित को छोड़कर: (क) डेटा प्रिंसिपल को उसके उपयोगकर्ता खाते तक पहुँचने में सक्षम बनाना; और (ख) डेटा प्रिंसिपल को किसी भी वर्चुअल टोकन तक पहुँचने में सक्षम बनाना जो डेटा फ़िड्युसरी द्वारा या उसकी ओर से जारी किया जाता है, ऐसे डेटा फ़िड्युसरी की डिजिटल सुविधा या प्लेटफ़ॉर्म पर संग्रहीत होता है, और जिसका उपयोग धन, सामान या सेवाएँ प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है। उस तारीख से तीन वर्ष, जब डेटा प्रिंसिपल ने विनिर्दिष्ट उद्देश्य के प्रदर्शन या अपने अधिकारों के प्रयोग के लिए डेटा फ़िड्युसरी से अंतिम बार संपर्क किया था, या डिजिटल वैयक्तिक डाटा संरक्षण नियम, 2025 के प्रारंभ होने तक, जो भी बाद में हो।
2. डेटा फ़िड्युसरी जो एक ऑनलाइन गेमिंग मध्यवर्ती है, जिसके भारत में पचास लाख से कम पंजीकृत उपयोगकर्ता नहीं हैं सभी उद्देश्यों के लिए, निम्नलिखित को छोड़कर: (क) डेटा प्रिंसिपल को उसके उपयोगकर्ता खाते तक पहुँचने में सक्षम बनाना; और (ख) डेटा प्रिंसिपल को किसी भी वर्चुअल टोकन तक पहुँचने में सक्षम बनाना जो डेटा फ़िड्युसरी द्वारा या उसकी ओर से जारी किया जाता है, ऐसे डेटा फ़िड्युसरी की डिजिटल सुविधा या प्लेटफ़ॉर्म पर संग्रहीत होता है, और जिसका उपयोग धन, सामान या सेवाएँ प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है उस तारीख से तीन वर्ष, जब डेटा प्रिंसिपल ने विनिर्दिष्ट उद्देश्य के प्रदर्शन या अपने अधिकारों के प्रयोग के लिए डेटा फ़िड्युसरी से अंतिम बार संपर्क किया था, या डिजिटल वैयक्तिक डाटा संरक्षण नियम, 2025 के प्रारंभ होने तक, जो भी बाद में हो।
3. डेटा फ़िड्युसरी जो एक सोशल मीडिया मध्यवर्ती है, जिसके भारत में कम से कम दो करोड़ पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं सभी उद्देश्यों के लिए, निम्नलिखित को छोड़कर: (क) डेटा प्रिंसिपल को उसके उपयोगकर्ता खाते तक पहुँचने में सक्षम बनाना; और (ख) डेटा प्रिंसिपल को किसी भी वर्चुअल टोकन तक पहुँचने में सक्षम बनाना जो डेटा फ़िड्युसरी द्वारा या उसकी ओर से जारी किया जाता है, ऐसे डेटा फ़िड्युसरी की डिजिटल सुविधा या प्लेटफ़ॉर्म पर संग्रहीत होता है, और जिसका उपयोग धन, सामान या सेवाएँ प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है उस तारीख से तीन वर्ष, जब डेटा प्रिंसिपल ने विनिर्दिष्ट उद्देश्य के प्रदर्शन या अपने अधिकारों के प्रयोग के लिए डेटा फ़िड्युसरी से अंतिम बार संपर्क किया था, या डिजिटल वैयक्तिक डाटा संरक्षण नियम, 2025 के प्रारंभ होने तक, जो भी बाद में हो।

नोट: इस अनुसूची में,—

(क) “ई-कॉमर्स इकाई”से तात्पर्य ऐसे किसी व्यक्ति से अभिप्रेत है जो उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 (2019 का 35वां) में यथापरिभाषित ई-कॉमर्स के लिए डिजिटल सुविधा या प्लेटफॉर्म का स्वामित्व, संचालन या प्रबंधन करता है, लेकिन इसमें उक्त अधिनियम में परिभाषित ई-कॉमर्स इकाई के बाज़ार में बिक्री के लिए अपने सामान या सेवाओं की पेशकश करने वाला विक्रेता शामिल नहीं है;

(ख) “ऑनलाइन गेमिंग मध्यवर्ती”से ऐसा कोई मध्यवर्ती अभिप्रेत है जो अपने कंप्यूटर संसाधन के उपयोगकर्ताओं को एक या अधिक ऑनलाइन गेम का अभिगम करने में सक्षम बनाता है;

(ग) “सोशल मीडिया मध्यवर्ती”से ऐसा कोई मध्यवर्ती अभिप्रेत है जैसा कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000

(2000 का 21वां) में परिभाषित किया गया है जो मुख्य रूप से या पूरी तरह से दो या अधिक उपयोगकर्ताओं के बीच ऑनलाइन बातचीत को सक्षम बनाता है और उन्हें अपनी सेवाओं का उपयोग करके जानकारी बनाने, अपलोड करने, साझा करने, प्रसारित करने, संशोधित करने या उस तक पहुँचने की अनुमति देता है; और

(घ) “उपयोगकर्ता, के संबंध में—

(i) एक ई-कॉमर्स इकाई, से तात्पर्य ऐसे किसी व्यक्ति से है जो किसी ई-कॉमर्स इकाई के किसी कंप्यूटर संसाधन तक पहुँचता है या उसका लाभ उठाता है; और

(ii) ऑनलाइन गेमिंग मध्यवर्ती या सोशल मीडिया मध्यवर्ती का अर्थ है कोई भी व्यक्ति जो सूचना को होस्ट करने, प्रकाशित करने, साझा करने, लेन-देन करने, देखने, प्रदर्शित करने, डाउनलोड करने या अपलोड करने के उद्देश्य से मध्यवर्ती के किसी भी कंप्यूटर संसाधन तक पहुँचता है या उसका लाभ उठाता है।

सा.का.नि. 846(अ) — मूल हिंदी नियमावली · 13 नवम्बर 2025; हिंदी पाठ, स्रोत पृष्ठ 1–23 · स्रोत PDF पृष्ठ: 16, 17

नियमों की अनुसूची 4 · चौथी अनुसूची

नियमों की अनुसूची 4

चौथी अनुसूची [नियम 12 देखें]

भाग क डेटा फ़िड्युसरी की श्रेणियाँ जिनके संबंध में धारा 9 की उप-धारा (1) और (3) के प्रावधान लागू नहीं होंगे

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अनुसूची का सारणीबद्ध पाठ
क्र. सं. डेटा फ़िड्युसरी का वर्ग शर्तें
(1) (2) (3)
1. एक डेटा फ़िड्युसरी जो एक नैदानिक प्रतिष्ठान, मानसिक स्वास्थ्य प्रतिष्ठान या स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर है प्रसंस्करण, ऐसे प्रतिष्ठान या पेशेवर को सौंपे गए बच्चे को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने तक सीमित है, जो उसके स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
2. एक डेटा फ़िड्युसरी जो एक संबद्ध स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर है प्रसंस्करण, बच्चे के लिए ऐसे पेशेवर द्वारा अनुशंसित किसी भी स्वास्थ्य देखभाल उपचार और रेफरल योजना के कार्यान्वयन का समर्थन करने तक सीमित है, जो उसके स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक है
3. एक डेटा फ़िड्युसरी जो एक शैक्षणिक संस्थान है प्रसंस्करण ट्रैकिंग और व्यवहारिक निगरानी तक सीमित है – (क) ऐसी संस्था की शैक्षिक गतिविधियों के लिए; या (ख) ऐसी संस्था में नामांकित बच्चे की सुरक्षा के हित में।
4. डेटा फ़िड्युसरी वह व्यक्ति होता है जिसकी देखभाल में क्रेच या चाइल्ड डे केयर सेंटर में शिशुओं और बच्चों को सौंपा जाता है ऐसी संस्था, शिशुगृह या केंद्र की देखभाल में सौंपे गए बच्चे की सुरक्षा के हित में प्रसंस्करण को ट्रैकिंग और व्यवहारिक निगरानी तक सीमित रखा गया है।
5. एक डेटा फ़िड्युसरी जिसे किसी शैक्षणिक संस्थान, क्रेच या चाइल्ड केयर सेंटर द्वारा ऐसे संस्थान, क्रेच या केंद्र में नामांकित बच्चों के परिवहन के लिए नियुक्त किया जाता है ऐसे बच्चे की सुरक्षा के हित में, ऐसे संस्थान, शिशुगृह या केंद्र से आने-जाने के दौरान उनके स्थान पर नज़र रखने तक ही प्रसंस्करण को सीमित किया गया है।

भाग ख वे उद्देश्य जिनके लिए धारा 9 की उपधारा (1) और (3) के प्रावधान लागू नहीं होंगे

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अनुसूची का सारणीबद्ध पाठ
क्र. सं. प्रयोजन शर्तें
1. भारत में वर्तमान में लागू किसी कानून के तहत किसी बच्चे के हित में किसी शक्ति का प्रयोग, किसी कार्य का निष्पादन या किसी कर्तव्य का निर्वहन प्रसंस्करण ऐसे अभ्यास, प्रदर्शन या निर्वहन के लिए आवश्यक सीमा तक ही प्रतिबंधित है।
2. अधिनियम की धारा 7 के खंड (ख) के अंतर्गत किसी बच्चे के हित में कानून या नीति के तहत या सार्वजनिक धन का उपयोग करके, किसी भी नाम से ज्ञात किसी भी सब्सिडी, लाभ, सेवा, प्रमाण पत्र, लाइसेंस या परमिट को प्रदान करने या जारी करने हेतु प्रसंस्करण ऐसे प्रावधान या जारी करने के लिए आवश्यक सीमा तक ही प्रतिबंधित है।
3. ईमेल द्वारा संचार हेतु उपयोगकर्ता खाता बनाने के लिए प्रसंस्करण ऐसे उपयोगकर्ता खाते बनाने के लिए आवश्यक सीमा तक ही सीमित है, जिसका उपयोग ईमेल द्वारा संचार तक सीमित है।
4. किसी बच्चे के वास्तविक समय स्थान के निर्धारण के लिए। प्रसंस्करण, ऐसे बच्चे की सुरक्षा और संरक्षण के हित में, उसके वास्तविक समय के स्थान की ट्रैकिंग तक सीमित है।
5. यह सुनिश्चित करना कि कोई भी सूचना, सेवा या विज्ञापन, जिससे बच्चे के स्वास्थ्य पर कोई हानिकारक प्रभाव पड़ने की संभावना हो, उस तक न पहुंचे। प्रसंस्करण को उस सीमा तक प्रतिबंधित किया जाता है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि ऐसी जानकारी, सेवा या विज्ञापन बच्चे के लिए सुलभ न हो।
6. डेटा फ़िड्युसरी द्वारा इस बात की पुष्टि के लिए कि डेटा प्रिंसिपल बच्चे नहीं है और नियम 10 के तहत उचित परिश्रम का पालन प्रसंस्करण ऐसी पुष्टि या पालन के लिए आवश्यक सीमा तक ही प्रतिबंधित है।

नोट: इस अनुसूची में, -

(क) "विज्ञापन" का वही अर्थ अभिप्रेत होगा जो उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 (2019 का 35वां) में दिया गया है।

(क) "संबद्ध स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर" का वही अर्थ अभिप्रेत होगा जो राष्ट्रीय संबद्ध और स्वास्थ्य देखभाल व्यवसाय आयोग अधिनियम, 2021 (2021 का 14वां) की धारा 2 के खंड (घ) में दिया गया है;

(ख) "नैदानिक प्रतिष्ठान" का वही अर्थ अभिप्रेत होगा जो नैदानिक प्रतिष्ठान (पंजीकरण और विनियमन) अधिनियम, 2010 (2010 का 23) की धारा 2 के खंड (ग) में दिया गया है;

(ग) "शैक्षणिक संस्थान" का वही अर्थ अभिप्रेत होगा और इसमें वह शिक्षण संस्थान शामिल होगा जो व्यावसायिक शिक्षा सहित शिक्षा प्रदान करता है;

(घ) "स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर" का वही अर्थ अभिप्रेत होगा जो राष्ट्रीय संबद्ध और स्वास्थ्य देखभाल वृत्ति आयोग अधिनियम, 2021 (2021 का 14वां) की धारा 2 के खंड (जे) में विनिर्दिष्ट है;

(ङ) "स्वास्थ्य सेवाओं" का अर्थ राष्ट्रीय संबद्ध और स्वास्थ्य देखभाल वृत्ति आयोग अधिनियम, 2021 (2021 का 14वां) की धारा 2 के खंड (जे) में यथानिर्दिष्ट स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर द्वारा प्रदान की जाने वाली अपेक्षित सेवाएं अभिप्रेत होगा; और

(च) "मानसिक स्वास्थ्य प्रतिष्ठान" का वही अर्थ अभिप्रेत होगा जो मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम, 2017

(2017 का 10वां) की धारा 2 की उप-धारा (1) के खंड (पी) में विनिर्दिष्ट है।

सा.का.नि. 846(अ) — मूल हिंदी नियमावली · 13 नवम्बर 2025; हिंदी पाठ, स्रोत पृष्ठ 1–23 · स्रोत PDF पृष्ठ: 18, 19

नियमों की अनुसूची 5 · पांचवीं अनुसूची

नियमों की अनुसूची 5

पांचवीं अनुसूची [नियम 18 देखें] अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की सेवा संबंधी निबंधन और शर्तें

1. वेतन-(1) अध्यक्ष को मकान और कार की सुविधा के बिना, प्रतिमाह चार लाख पचास हजार रुपए का समेकित वेतन प्राप्त करने का अधिकार होगा।

(2) अध्यक्ष के अलावा प्रत्येक सदस्य को मकान और कार की सुविधा के बिना, प्रतिमाह चार लाख रुपए का समेकित वेतन प्राप्त करने का अधिकार होगा।

2. भविष्य निधि-अध्यक्ष और प्रत्येक अन्य सदस्य बोर्ड की भविष्य निधि में अंशदान करने के लिए पात्र होंगे, तथा इस संबंध में लागू तरीके और नियम एवं शर्तें, यथावश्यक परिवर्तनों सहित, वही होंगी जो बोर्ड के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी भविष्य निधि के लिए लागू हैं।

3. पेंशन और ग्रेच्युटी-अध्यक्ष और प्रत्येक अन्य सदस्य बोर्ड में की गई सेवा के लिए पेंशन या ग्रेच्युटी के भुगतान के हकदार नहीं होंगे।

4. यात्रा भत्ता-(1) अध्यक्ष और प्रत्येक अन्य सदस्य, बोर्ड में शामिल होने के लिए स्थानांतरण के समय, या बोर्ड के साथ अपने कार्यकाल की समाप्ति पर परिवार के साथ अपने गृह नगर जाने के लिए (उसके और उसके परिवार द्वारा की गई यात्रा के संबंध में भी शामिल है), या भारत के भीतर दौरे पर, यात्रा भत्ता, दैनिक भत्ता और वैयिक्तिक सामान के परिवहन पर व्यय की प्रतिपूर्ति ऐसे वेतनमानों और दरों पर पाने के हकदार होंगे जो वेतन मैट्रिक्स के निम्नलिखित स्तर में केंद्रीय सरकार के अधिकारी को लागू हैं, अर्थात्:—

(क) स्तर 17, अध्यक्ष के मामले में; और

(ख) स्तर 15, प्रत्येक अन्य सदस्य के मामले में।

(2) अध्यक्ष और प्रत्येक अन्य सदस्य भारत के बाहर केवल केंद्रीय सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों या निर्देशों के अनुसार दौरा कर सकते हैं, और ऐसे दौरे के संबंध में, वह वही भत्ते पाने के हकदार होंगे जो वेतन मैट्रिक्स के निम्नलिखित स्तर में केंद्रीय सरकार के अधिकारी पाने के हकदार हैं, अर्थात्:—

(क) स्तर 17, अध्यक्ष के मामले में; तथा

(ख) स्तर 15, प्रत्येक अन्य सदस्य के मामले में।

5. चिकित्सा सहायता-(1) अध्यक्ष तथा प्रत्येक अन्य सदस्य बोर्ड के अधिकारियों तथा कर्मचारियों और उनके पात्र आश्रितों के लिए बोर्ड की किसी समूह स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत उन्हें स्वीकार्य चिकित्सा सहायता के हकदार होंगे।

(2) यदि अध्यक्ष या अन्य सदस्य सरकारी सेवा से, या किसी सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई या किसी केंद्रीय अधिनियम, प्रांतीय अधिनियम या राज्य अधिनियम द्वारा स्थापित निगमित निकाय की सेवा से सेवानिवृत्त हो गए हैं, और ऐसी सेवा के लिए चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए अलग नियम हैं, तो वह उप-अनुच्छेद (1) के अंतर्गत चिकित्सा सहायता के बदले में ऐसे नियमों द्वारा शासित होने का विकल्प चुन सकते हैं।

6. छुट्टी.-(1) अध्यक्ष के संबंध में छुट्टी स्वीकृत करने के लिए सक्षम प्राधिकारी केंद्रीय सरकार होगी, और किसी अन्य सदस्य के संबंध में अध्यक्ष होगा।

(2) अध्यक्ष तथा प्रत्येक अन्य सदस्य ऐसे प्रकार के अवकाश का लाभ उठा सकेंगे जो केन्द्रीय सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 1972 (जिसे इसके पश्चात् "अवकाश नियम" कहा जाएगा) के नियम 26 के उपनियम (1) के खण्ड (क) के उपखण्ड (i) तथा खण्ड (ख), नियम 27, 29, 30 तथा 40 से 43- ग के अन्तर्गत सरकारी सेवक को अनुमन्य हैं।

(3) अवकाश, अवकाश नियमों के नियम 7 से 11 तथा 22 से 25 के अन्तर्गत सरकारी सेवक पर लागू शर्तों के अधीन होगा तथा केन्द्रीय सरकार, यदि संतुष्ट हो कि उक्त नियमों में से किसी के क्रियान्वयन से किसी विशेष मामले में अनुचित कठिनाई होती है, तो वह आदेश द्वारा उस नियम की अपेक्षाओं को उस सीमा तक तथा ऐसे अपवादों तथा शर्तों के अधीन शिथिल कर सकेगी जिन्हें वह मामले को न्यायसंगत तथा समतापूर्ण तरीके से निपटाने के लिए आवश्यक समझे।

(4) अध्यक्ष तथा प्रत्येक अन्य सदस्य, केन्द्रीय सरकार द्वारा जारी अनुदेशों के अन्तर्गत सरकारी सेवक को अनुमन्य सीमा तक आकस्मिक अवकाश के हकदार होंगे।

(5) अध्यक्ष तथा प्रत्येक अन्य सदस्य, अपने खाते में जमा अर्जित अवकाश के नकदीकरण के हकदार होंगे, ऐसी शर्तों तथा उसी प्रकार के अधीन जो नियम 38-क, उपनियम (1) तथा (2) तथा नियम 39 के उपनियम (6) के खण्ड (क) के उपखण्ड

(i) तथा (ii), नियम 39-क तथा नियम 39-ग के अन्तर्गत सरकारी सेवक पर लागू होते हैं, नियम 38-क को छोड़कर उक्त नियमों में से किसी के अन्तर्गत नकदीकरण की अधिकतम सीमा, अपने खाते में जमा अर्जित अवकाश के पचास प्रतिशत के अधीन होगी।

7. छुट्टी यात्रा रियायत.- (1) अध्यक्ष और प्रत्येक अन्य सदस्य को केंद्रीय सिविल सेवा (छुट्टी यात्रा रियायत) नियम, 1988 के नियम 3, नियम 4 के खंड (क) और (घ), नियम 5 से 15 और नियम 17 के अधीन भारत संघ के कार्यों के संबंध में सिविल सेवाओं और पदों पर नियुक्त व्यक्तियों पर लागू प्रावधानों के अनुसार छुट्टी यात्रा रियायत स्वीकार्य होगी और ऐसी रियायत के लिए पात्रता वही होगी जो अध्यक्ष के मामले में वेतन मैट्रिक्स के स्तर 17 में केंद्रीय सरकार के अधिकारियों के लिए लागू है, और सदस्य के मामले में वेतन मैट्रिक्स के स्तर 15 में केंद्रीय सरकार के अधिकारियों के लिए लागू है।

(2) अध्यक्ष और प्रत्येक अन्य सदस्य या तो छुट्टी यात्रा रियायत का लाभ उठाने के लिए पात्र होंगे या सदस्य के रूप में अपना पदभार ग्रहण करने की तिथि से दो वर्ष की किसी भी अवधि में भारत में किसी भी स्थान की यात्रा के लिए पात्र होंगे।

8. सेवा की अन्य निबंधन और शर्तें.-(1) अध्यक्ष और प्रत्येक अन्य सदस्य यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके पद के कार्यों के निष्पादन में हितों का टकराव न हो और उनका कोई ऐसा वित्तीय या अन्य हित नहीं होगा जिससे ऐसे पद के कार्यों के निष्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना हो।

(2) केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम, 1965 के भाग IV से भाग IX में निहित प्रावधान, जो केंद्रीय सरकार के किसी अधिकारी पर लागू होते हैं जो केंद्रीय सिविल सेवा, समूह 'क' का सदस्य है, अध्यक्ष और प्रत्येक अन्य सदस्य पर यथावश्यक परिवर्तनों सहित लागू होंगे।

(3) अध्यक्ष और प्रत्येक अन्य सदस्य बोर्ड की बैठकों में भाग लेने के लिए किसी बैठक शुल्क के हकदार नहीं होंगे।

(4) अध्यक्ष और प्रत्येक अन्य सदस्य किसी सत्कार भत्ते के हकदार नहीं होंगे।

(5) अध्यक्ष या किसी अन्य सदस्य की सेवा की शर्तों से संबंधित कोई मामला, जिसके संबंध में इन नियमों में कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया गया है, केन्द्रीय सरकार को उसके निर्णय के लिए भेजा जाएगा और उस पर केन्द्र सरकार का निर्णय अंतिम होगा।

9. इस अनुसूची में, "वेतन मैट्रिक्स" का अर्थ 25 जुलाई, 2016 की अधिसूचना संख्या 1-2/2016-आईसी द्वारा आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित केन्द्रीय सरकार के संकल्प के अनुलग्नक 1 में यथाविनिर्दिष्ट वेतन मैट्रिक्स होगा।

सा.का.नि. 846(अ) — मूल हिंदी नियमावली · 13 नवम्बर 2025; हिंदी पाठ, स्रोत पृष्ठ 1–23 · स्रोत PDF पृष्ठ: 20, 21, 22

नियमों की अनुसूची 6 · छठी अनुसूची

नियमों की अनुसूची 6

छठी अनुसूची [नियम 21(2) देखें] बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति और सेवा की शर्तें

1. अधिकारियों की श्रेणियाँ- (1) बोर्ड कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी मौलिक नियमों और लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार, केंद्र सरकार, राज्य सरकार, केंद्र सरकार या राज्य सरकार के समग्र नियंत्रण के तहत एक स्वायत्त निकाय, एक सांविधिक निकाय, या सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम से पांच साल से अधिक की अवधि के लिए प्रतिनियुक्ति पर अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति कर सकता है।

(2) बोर्ड नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्मार्ट गवर्नमेंट से किसी भी अधिकारी या अन्य कर्मचारी को पांच साल से अधिक की अवधि के लिए बाजार मानकों द्वारा निर्देशित वेतन और भत्ते के साथ और ऐसे अन्य निबंधन और शर्तें पर प्राप्त या प्रतिनियुक्त कर सकता है, जैसा कि बोर्ड तय कर सकता है।

2. ग्रेच्युटी- अधिकारी और कर्मचारी ऐसे ग्रेच्युटी के भुगतान के हकदार होंगे, जो ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम, 1972

(1972 का 39) के तहत स्वीकार्य हो सकते हैं।

3. यात्रा भत्ता- अधिकारियों और कर्मचारियों को देय यात्रा भत्ता, यथावश्यक परिवर्तनों सहित, वही होगा जो केन्द्रीय सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए लागू है।

4. चिकित्सा सहायता- अधिकारी और कर्मचारी ऐसी चिकित्सा सहायता के हकदार होंगे जो उन्हें और उनके पात्र आश्रितों को केन्द्रीय सरकार के पूर्व अनुमोदन से बोर्ड की किसी समूह स्वास्थ्य बीमा योजना के अन्तर्गत अनुमन्य हो।

5. छुट्टी- (1) अधिकारी और कर्मचारी केन्द्रीय सिविल सेवा (छुट्टी) नियम, 1972 के अन्तर्गत सरकारी सेवक को अनुमन्य छुट्टियों का लाभ उठा सकते हैं, जो उक्त नियमों के अन्तर्गत लागू शर्तों के अधीन हैं, और वे उसमें उपबन्धित अर्जित छुट्टियों के नकदीकरण के लिए पात्र होंगे।

(2) अधिकारी और कर्मचारी उस सीमा तक आकस्मिक छुट्टी के हकदार होंगे जो केन्द्रीय सरकार द्वारा जारी अनुदेशों के अन्तर्गत सरकारी सेवक के लिए अनुमन्य है।

6. छुट्टी यात्रा रियायत- छुट्टी यात्रा रियायत, पैरा 1 के खंड (1) के अधीन नियुक्त अधिकारियों और कर्मचारियों को, केन्द्रीय सिविल सेवा (छुट्टी यात्रा रियायत) नियम, 1988 के अधीन सिविल सेवाओं और भारत संघ के कार्यकलापों से संबंधित पदों पर नियुक्त व्यक्तियों पर लागू उपबंधों के अनुसार अनुमेय होगी।

7. सेवा की अन्य निबंधन और शर्तें-(1) सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1964 के उपबंध, अधिकारियों और कर्मचारियों पर उसी प्रकार लागू होंगे, जैसे कि उक्त नियमों के अधीन भारत संघ के कार्यकलापों से संबंधित किसी सिविल सेवा या पद पर नियुक्त व्यक्ति पर लागू होते हैं।

(2) केन्द्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम, 1965 के भाग IV से भाग IX में अंतर्विष्ट उपबंध, यथावश्यक परिवर्तनों सहित, पैरा 1 के खंड (1) के अधीन नियुक्त अधिकारियों और कर्मचारियों पर उसी प्रकार लागू होंगे, जैसे कि उक्त नियमों के अधीन किसी सरकारी सेवक पर लागू होते हैं।

(3) पैरा 1 के खंड (1) के अधीन नियुक्त अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवा के निबंधनों और शर्तों से संबंधित कोई मामला, जिसके संबंध में इन नियमों में कोई स्पष्ट उपबंध नहीं किया गया है, केन्द्रीय सरकार को उसके निर्णय के लिए भेजा जाएगा और उस पर केन्द्रीय सरकार का निर्णय अंतिम होगा।

सा.का.नि. 846(अ) — मूल हिंदी नियमावली · 13 नवम्बर 2025; हिंदी पाठ, स्रोत पृष्ठ 1–23 · स्रोत PDF पृष्ठ: 22, 23

नियमों की अनुसूची 7 · सातवीं अनुसूची

नियमों की अनुसूची 7

सातवीं अनुसूची [नियम 8(3) और 23(1) देखें]

चौड़ी तालिका को क्षैतिज रूप से स्क्रॉल करें।

अनुसूची का सारणीबद्ध पाठ
क्र. सं. प्रयोजन शर्तें
(1) (2) (3)
1. भारत की संप्रभुता और अखंडता या राज्य की सुरक्षा के हित में किसी डेटा प्रिंसिपल के वैयक्तिक डाटा का राज्य या उसके किसी भी साधन द्वारा उपयोग राज्य या अधिनियम की धारा 17 की उप धारा (2) के अधीन अधिसूचित उसकी किसी संस्था का ऐसा अधिकारी, जिसे केन्द्रीय सरकार या ऐसी संस्था का प्रमुख, जैसा भी मामला हो, इस निमित्त पदनामित किया जाएं।
2. राज्य या उसके किसी भी साधन द्वारा निम्नलिखित प्रयोजनों के लिए उपयोग, अर्थात्: - (i) भारत में वर्तमान में लागू किसी भी कानून के तहत किसी भी कार्य का निष्पादन; या (ii) भारत में वर्तमान में लागू किसी भी कानून के तहत किसी भी दायित्व को पूरा करने के लिए किसी भी जानकारी का प्रकटीकरण लागू कानून के तहत अधिकृत व्यक्ति
3. किसी भी डेटा फ़िड्युसरी या डेटा फ़िड्युसरी के वर्ग को महत्वपूर्ण डेटा फ़िड्युसरी के रूप में अधिसूचित करने के लिए मूल्यांकन करना इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में केन्द्रीय सरकार का ऐसा अधिकारी, जिसे उक्त मंत्रालय का प्रभारी सचिव इस संबंध में पदनामित किया जाएं।

सा.का.नि. 846(अ) — मूल हिंदी नियमावली · 13 नवम्बर 2025; हिंदी पाठ, स्रोत पृष्ठ 1–23 · स्रोत PDF पृष्ठ: 23

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