DPDP अधिनियम 2023 · प्रारंभिक

भाषा: English

धारा 1 · संक्षिप्त नाम और प्रारंभ ।

धारा 1

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

1. (1) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम डिजिटल वैयक्तिक डाटा संरक्षण अधिनियम, 2023 है ।

(2) यह उस तारीख को प्रवृत्त होगा जो केन्द्रीय सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा नियत करे और इस अधिनियम के भिन्न-भिन्न उपबंधों के लिए भिन्न-भिन्न तारीखें नियत की जा सकेंगी और ऐसे किसी उपबंध में इस अधिनियम के प्रारंभ के प्रति किसी निर्देश का यह अर्थ लगाया जाएगा कि वह उस उपबंध के प्रवृत्त होने के प्रतिनिर्देश है ।

हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 9 सितंबर 2024; मुद्रित पृष्ठ 871–898 · स्रोत PDF पृष्ठ: 12

धारा 2 · परिभाषाएं ।

धारा 2

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

2. इस अधिनियम में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,—

(क) “अपील अधिकरण” से भारतीय दूर-संचार विनियामक प्राधिकरण अधिनियम, 1997 की धारा 14 के अधीन स्थापित दूर-संचार विवाद निपटान और अपील अधिकरण अभिप्रेत है ;

(ख) “स्वचालित” से डाटा प्रक्रमण के प्रयोजन के लिए दिए गए अनुदेशों या अन्यथा के उत्तर में स्वचालित रूप से प्रचालन करने में सक्षम कोई डिजिटल प्रक्रिया अभिप्रेत है ;

(ग) “बोर्ड” से धारा 18 के अधीन केन्द्रीय सरकार द्वारा स्थापित भारतीय डाटा संरक्षण बोर्ड अभिप्रेत है ;

(घ) “कतिपय विधिसम्मत उपयोग” से धारा 7 में निर्दिष्ट उपयोग अभिप्रेत हैं ;

(ङ) “अध्यक्ष” से बोर्ड का अध्यक्ष अभिप्रेत है ;

(च) “शिशु” से ऐसा कोई व्यष्टि अभिप्रेत है जिसने अठारह वर्ष की आयु पूरी नहीं की है ;

(छ) “सहमति प्रबंधक” से बोर्ड में रजिस्ट्रीकृत ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है, जो किसी पहुंच योग्य, पारदर्शी और प्रक्षेप्य प्लेटफार्म के माध्यम से अपनी सहमति देने, उसका प्रबंध करने, पुनर्विलोकन करने और उसे वापस लेने के लिए डाटा स्वामी को समर्थ बनाने के लिए एकल संपर्क बिन्दु के रूप में कार्य करता है;

(ज) “डाटा” से मानव या स्वचालित साधनों द्वारा संचार, निर्वचन या प्रक्रमण के लिए उपयुक्त रीति में सूचना, तथ्यों, अवधारणाओं, अभिमतों या अनुदेशों का व्यपदेशन अभिप्रेत है;

(झ) “डाटा न्यासी” से ऐसा कोई व्यक्ति अभिप्रेत है जो अकेले या अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर वैयक्तिक डाटा के प्रक्रमण के प्रयोजन और साधनों को अवधारित करता है ;

(ञ) “डाटा स्वामी” से ऐसा कोई व्यष्टि अभिप्रेत है जिससे वैयक्तिक डाटा संबंधित है और जहां ऐसा व्यष्टि—

(i) कोई शिशु है, जिसके अंतर्गत ऐसे शिशु के माता-पिता या विधिपूर्ण संरक्षक भी सम्मिलित हैं ;

(ii) कोई दिव्यांगजन है, जिसके अंतर्गत उसका कोई विधिपूर्ण संरक्षक सम्मिलित है, जो उसकी ओर से कार्य कर रहा है ;

(ट) “डाटा प्रक्रमणक” से ऐसा कोई व्यक्ति अभिप्रेत है जो डाटा न्यासी की ओर से वैयक्तिक डाटा का प्रक्रमण करता है ;

(ठ) “डाटा संरक्षण अधिकारी” से धारा 10 की उपधारा (2) के खंड (क) के अधीन महत्वपूर्ण डाटा न्यासी द्वारा नियुक्त कोई व्यष्टि अभिप्रेत है ;

(ड) “डिजिटल कार्यालय” से ऐसा कोई कार्यालय अभिप्रेत है जो किसी ऐसे ऑनलाइन तंत्र को अंगीकृत करता है, जिसमें यथास्थिति, किसी सूचना या परिवाद या निर्देश या अपील की प्राप्ति से लेकर उनके निपटान तक की कार्यवाहियां ऑनलाइन या डिजिटल ढंग से संचालित की जाती हैं ;

(ढ) “डिजिटल वैयक्तिक डाटा” से डिजिटल प्ररूप में वैयक्तिक डाटा अभिप्रेत है ;

(ण) “अभिलाभ” से अभिप्रेत है—

(i) संपत्ति में अभिलाभ या सेवाओं की पूर्ति, चाहे वह अस्थायी हो या स्थायी ; या

(ii) पारिश्रमिक या अधिक पारिश्रमिक अर्जित करने या विधिसम्मत पारिश्रमिक से अन्यथा भिन्न कोई वित्तीय लाभ प्राप्त करने के लिए कोई अवसर ;

(त) “हानि” से अभिप्रेत है—

(i) संपत्ति में हानि या सेवाओं की पूर्ति में व्यवधान, चाहे अस्थायी हो या स्थायी; या

(ii) पारिश्रमिक या अधिक पारिश्रमिक या विधिसम्मत पारिश्रमिक से अन्यथा भिन्न कोई वित्तीय लाभ प्राप्त करने के लिए किसी अवसर की हानि ;

(थ) “सदस्य” से बोर्ड का कोई सदस्य अभिप्रेत है और इसके अंतर्गत अध्यक्ष भी सम्मिलित है ;

(द) “अधिसूचना” से राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना अभिप्रेत है और “अधिसूचित करना” तथा “अधिसूचित” पद का अर्थ तदनुसार लगाया जाएगा ;

(ध) “व्यक्ति” के अंतर्गत सम्मिलित है—

(i) व्यष्टि ;

(ii) हिंदू अविभक्त कुटुंब ;

(iii) कंपनी ;

(iv) फर्म ;

(v) व्यक्तियों का संगम या व्यष्टियों का निकाय, चाहे वह निगमित हो या नहीं ;

(vi) राज्य ; और

(vii) प्रत्येक कृत्रिम विधिक व्यक्ति, जो पूर्ववर्ती उपखंडों में से किसी भी उपखंड के अन्तर्गत नहीं आता है ;

(न) “वैयक्तिक डाटा” से किसी व्यष्टि के बारे में ऐसा कोई डाटा अभिप्रेत है, जो ऐसे डाटा के द्वारा या उसके संबंध में पहचान की जा सके ;

(प) “वैयक्तिक डाटा भंग” से वैयक्तिक डाटा का कोई अप्राधिकृत प्रक्रमण, आकस्मिक प्रकटन, अर्जन, सहभाजन, उपयोग, परिवर्तन, उस वैयक्तिक डाटा तक पहुंच का नाश या उसका गुम होना अभिप्रेत है जो वैयक्तिक डाटा की गोपनीयता, अखंडता या उपलब्धता को संकट में डालता है ;

(फ) “विहित” से इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों द्वारा विहित अभिप्रेत है ;

(ब) “कार्यवाही” से इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन बोर्ड द्वारा की गई कोई कार्रवाई अभिप्रेत है ;

(भ) वैयक्तिक डाटा के संबंध में “प्रक्रमण” से डिजिटल वैयक्तिक डाटा पर की गई कोई पूर्णतः या भागतः स्वचालित संक्रिया या संक्रियाओं का सेट अभिप्रेत है और इसके अंतर्गत पारेषण, प्रसार, संग्रहण, अभिलेखन, संगठन, संरचना, भंडारण, अनुकूलन, पुनः प्राप्ति, उपयोग, संरेखण या संयोजन, सूचीकरण, सहभाजन, प्रकटन या अन्यथा द्वारा उपलब्ध कराना, निर्बन्धन, मिटाना या नष्ट करना जैसी संक्रियाएं आती हैं;

(म) किसी स्त्रीलिंग वाचक व्यष्टि के संबंध में “वह” के अंतर्गत उसके लिंग पर ध्यान दिए बिना ऐसे व्यष्टि के प्रतिनिर्देश सम्मिलित है ;

(य) “महत्वपूर्ण डाटा न्यासी” से ऐसा कोई डाटा न्यासी या डाटा न्यासियों का वर्ग, जो धारा 10 के अधीन केन्द्रीय सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाए, अभिप्रेत है ;

(यक) “विनिर्दिष्ट प्रयोजन” से डाटा स्वामी को डाटा न्यासी द्वारा इस अधिनियम और उसके अधीन बनाए गए नियमों के उपबंधों के अनुसार दी गई सूचना में वर्णित प्रयोजन अभिप्रेत है ; और

(यख) “राज्य” से संविधान के अनुच्छेद 12 के अधीन यथापरिभाषित राज्य अभिप्रेत है ।

हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 9 सितंबर 2024; मुद्रित पृष्ठ 871–898 · स्रोत PDF पृष्ठ: 13, 14, 15

धारा 3 · अधिनियम का लागू होना ।

धारा 3

प्रवर्तन की अधिसूचित तारीखें

3. इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन रहते हुए, यह अधिनियम—

(क) भारत के राज्यक्षेत्र के भीतर डिजिटल वैयक्तिक डाटा के प्रक्रमण को लागू होगा, जहां वैयक्तिक डाटा का—

(i) डिजिटल प्ररूप में संग्रहण हुआ है ; या

(ii) गैर-डिजिटल प्ररूप में संग्रहण हुआ है और जिसे तत्पश्चात्डिजिटल बनाया गया है ;

(ख) भारत के राज्यक्षेत्र से बाहर डिजिटल वैयक्तिक डाटा के प्रक्रमण को भी लागू होगा, यदि ऐसा प्रक्रमण भारत के राज्यक्षेत्र में डाटा स्वामियों को माल या सेवाओं की प्रस्थापना करने से संबंधित किसी क्रियाकलाप के संबंध में किया जाता है ;

(ग) यह अधिनियम—

(i) किसी व्यष्टि द्वारा किसी वैयक्तिक या घरेलू प्रयोजन के लिए प्रक्रमण किया गया वैयक्तिक डाटा ; और

(ii) वैयक्तिक डाटा, जिसे सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराया जाता है या उपलब्ध करवाया जाता है,—

(अ) डाटा स्वामी द्वारा, जिससे ऐसा वैयक्तिक डाटा संबंधित है ; या

(आ) किसी अन्य व्यक्ति को, जो भारत में तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अधीन ऐसे वैयक्तिक डाटा को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने के लिए बाध्यताधीन है, को लागू नहीं होगा । ष्टांत कोई व्यष्टि भ, जो अपने विचारों की ब्लॉगिंग करते समय, अपने वैयक्तिक डाटा को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध करवाती है । ऐसी दशा में, इस अधिनियम के उपबंध लागू नहीं होंगे ।

हिंदी पाठ का सरकारी राजपत्र · 9 सितंबर 2024; मुद्रित पृष्ठ 871–898 · स्रोत PDF पृष्ठ: 15, 16

9 सितंबर 2024 के राजपत्र में प्रकाशित हिंदी पाठ; प्रवर्तन की अधिसूचनाएं अलग दर्शाई गई हैं। 13 नवम्बर 2025 का मूल हिंदी नियम-पाठ और 5 फरवरी 2026 के शुद्धिपत्र की अलग संस्करण टिप्पणियाँ। शुद्धिपत्र के पृष्ठ-संदर्भ अंग्रेज़ी भाग से मेल खाते हैं और कुछ हिंदी वाक्यांश मूल पाठ में नहीं मिलते; यह प्रमाणित या समेकित संशोधित हिंदी संस्करण नहीं है।

संदर्भ के लिए, कानूनी सलाह या प्रमाणित संस्करण नहीं। प्रामाणिक पाठ के लिए सरकारी स्रोत देखें। प्रवर्तन की तारीखें बताए गए प्रावधानों तक सीमित हैं।