BNSS धारा 399: आधारहीन रूप से गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों को मुआवजा

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 29: निर्णय

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399. (1) जब भी कोई व्यक्ति किसी पुलिस अधिकारी को किसी अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार करने के लिए प्रेरित करता है, यदि उस मजिस्ट्रेट को, जिसके द्वारा मामले की सुनवाई की जा रही है, यह प्रतीत होता है कि ऐसी गिरफ्तारी के लिए कोई पर्याप्त आधार नहीं है, तो मजिस्ट्रेट ऐसा मुआवजा दे सकता है, जो एक से अधिक नहीं होगा इस प्रकार गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को मामले में उसके समय और खर्च की हानि के लिए, जैसा कि मजिस्ट्रेट उचित समझे, हजार रुपये का भुगतान करना होगा।
(2) ऐसे मामलों में, यदि एक से अधिक व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जाता है, तो मजिस्ट्रेट, उसी तरीके से, उनमें से प्रत्येक को ऐसा मुआवजा दे सकता है, जो एक हजार रुपये से अधिक नहीं होगा, जैसा कि मजिस्ट्रेट उचित समझे।
(3) इस धारा के तहत दिए गए सभी मुआवजे को इस तरह वसूल किया जा सकता है जैसे कि यह जुर्माना हो, और, यदि इसे वसूल नहीं किया जा सकता है, तो जिस व्यक्ति द्वारा यह देय है, उसे तीस दिन से अधिक की अवधि के लिए साधारण कारावास की सजा दी जाएगी। मजिस्ट्रेट निर्देश देता है, जब तक कि ऐसी राशि का भुगतान जल्द न किया जाए।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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