अध्याय 2: पाठ भाग 5

गन्ने की पौरिओं से , रेशम की डोर से बंधा एक फट्टा बना कर , धरती में एक गड्ढा बना कर, पानी से भरें और फट्टा को इस में रखें ।

गौ की पूंछ पकड़ कर ,पैर फट्टा पर रख कर ,ब्राह्मिन को दान- दक्षिणा , नमस्कार करके , मन्त्र का उच्चारण करते हुए भगवान् विष्णु से नम्र प्रार्थना करें की हे प्रभु , आप सब प्रानिओं के दाता , रक्षक और कल्याणकारी हैं। आपके चरणों में यह उपहार भेंट करता हुआ , वेतारनी नदी को नमस्कार करता हूँ। हे गौ माता, आप देवी शक्ति के रूप में, मेरे पापों का खंडन करें। फिर हाथ जोड़े हुए, यम राज को गौ की प्रतिमा में देखते हुए, इन सब के गिर्द एक चक्कर लगा कर ब्राह्मिन को दान में दें ।

गौ दान के लिए शुभ समय, स्थान : ~ सभी नहाने वाले पवित्र स्थल

ब्राह्मिनों के निवास स्थान

सूर्य , चन्द्र ग्रेहन

नये चाँद वाले दिन

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