अध्याय 1: पाठ भाग 4

26- म्रत्यु और शमशान भूमि तक पहुंचने की कौन सी विधि है ।

27- चिता में शव को जलाने की क्या विधि है ।

28-तत्काल तथा विलंभ से उस जीव को कैसे दूसरी देह प्राप्त होती है ।

29- यम -लोक (संयमनी नगरी ) को जाने वाले के लिए , वर्ष पर्यन्त कौन सी किरियाएं करनी चाहियें ।

30-दुर्बुधि अथवा दुराचारी व्यक्ति की म्रत्यु होने पर उसका प्रायश्चित क्या है ।

31- प्नाच्का आदि में मृत्यु होने पर , पंचक शांति के लिए क्या करना चाहिए ।

32- बहुत से पापों को करने पर भी , इस संसार को पार कर , प्राणी आप को कैसे प्राप्त कर सकता है ।

हे देव , आप मेरे इस सम्पूर्ण भ्रम को विनिष्ट करने में समर्थ हैं । मैं ने आप से यह सब लोक मंगल की कामना से पूछा है । मुझे बताने की कृपा करें ।

श्री कृष्ण जी गरुड़ से कहते हैं , हे पक्षिराज ! तुम ने जो मानव कल्याण के लिए अपनी जिज्ञासा व्यक्त की है , वेह सर्व श्रेठ है.। अब इस का समाधान सुन ।

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