मौलिक अध्ययन मार्गदर्शक
अन्वेषण की मंजूरी और अभियोजन की मंजूरी
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धाराएँ 17क और 19 अलग चरणों और अलग शर्तों से जुड़ी हैं।
धारा 17 अधिकृत अन्वेषण अधिकारियों पर है। धारा 17क पद के कर्तव्य निभाते हुए दी गई सिफारिश या लिए गए निर्णय से संबंधित कथित अपराध की जाँच या अन्वेषण की पूर्व मंजूरी पर है। अनुचित लाभ स्वीकार करते या स्वीकार करने का प्रयास करते मौके पर गिरफ्तारी की निर्दिष्ट स्थिति इसका अपवाद है। इसे बिना शर्त हर अन्वेषण की मंजूरी न कहें।
धारा 19 अधिनियम की शर्तों और अपवादों के अधीन निर्दिष्ट अपराधों का न्यायालय द्वारा संज्ञान लेने से पहले आवश्यक पूर्व मंजूरी पर है। बताई गई परिस्थितियों में पूर्व लोक सेवक भी आते हैं और मंजूरी के अनुरोध की प्रक्रिया दी गई है। मंजूरी देने वाला प्राधिकारी और चरण अलग पहचानें; अन्वेषण की मंजूरी अपने-आप अभियोजन की मंजूरी या दोष का निष्कर्ष नहीं है।
काल्पनिक उदाहरण
काल्पनिक उदाहरण: आरोप खरीद संबंधी सिफारिश पर है। पाठक अन्वेषण के चरण पर धारा 17क की लागू स्थिति देखता है और संज्ञान के चरण पर धारा 19 अलग पढ़ता है। यह अध्ययन का नक्शा है, मामले का निर्णय नहीं।
क्या मानकर न चलें
लागू स्थिति घटना की तारीख, कथित आचरण और बाध्यकारी न्यायिक निर्णय पर निर्भर हो सकती है। हम व्यक्तिगत मामले का मंजूरी प्राधिकारी तय नहीं करते।
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अभ्यास प्रश्न
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उत्तर चुनें और जाँचें। अंक आपके ब्राउज़र में रहते हैं। हर व्याख्या संबंधित धारा से जुड़ी है।
मौलिक शैक्षिक व्याख्या, कानूनी सलाह या शिकायत सेवा नहीं। हिंदी सामग्री वैधानिक अनुवाद नहीं है; धाराओं के लिंक अंग्रेज़ी में हैं। यह आधिकारिक या प्रमाणित संस्करण नहीं है। क्षेत्रीय बदलाव और न्यायिक व्याख्या अलग जाँचें। सरकारी संदर्भ · स्रोत जाँच: 2026-10-02.